4 जुलाई 2026
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काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर PAC जवान की कार्बाइन से गोली, वाराणसी में तीन फूलमाला विक्रेता घायल

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काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर PAC जवान की कार्बाइन से गोली, वाराणसी में तीन फूलमाला विक्रेता घायल

सारांश

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4बी पर तैनात PAC जवान की कार्बाइन से 4 जुलाई की सुबह अचानक दो राउंड फायर हो गए। छर्रे लगने से तीन फूलमाला विक्रेता घायल हुए — तीनों अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर। डीसीपी ने इसे दुर्घटनावश बताया।

मुख्य बातें

4 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 7 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4बी पर PAC जवान की कार्बाइन से दो राउंड फायर हुए।
घायलों की पहचान निक्की गुप्ता , राम बाबू और विकास यादव के रूप में हुई — तीनों फूलमाला विक्रेता।
एक घायल के हाथ में , दूसरे की कमर में और तीसरे के पैर में छर्रे लगे।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि जवान के हाथ से कार्बाइन छूटने से दुर्घटनावश गोली चली।
तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया; कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं।
संबंधित PAC जवान को घटनास्थल से हटाया गया, जाँच जारी।

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर 4 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 7 बजे एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब गेट नंबर-4बी पर ड्यूटी पर तैनात प्रांतीय सशस्त्र कॉन्स्टेबुलरी (PAC) के एक जवान की कार्बाइन से अचानक दो राउंड फायर हो गए। गोली के छर्रे लगने से वहाँ फूलमाला बेच रहे तीन लोग घायल हो गए, हालाँकि तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, PAC जवान के हाथ से कार्बाइन छूट गई, जिससे दो राउंड फायर हुए। दोनों गोलियाँ जमीन पर लगीं, लेकिन उनके छर्रे पास खड़े फूलमाला विक्रेताओं को जा लगे। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि यह दुर्घटनावश हुई घटना थी और स्थिति को तत्काल नियंत्रण में ले लिया गया।

घायलों की स्थिति

घायलों की पहचान निक्की गुप्ता, राम बाबू और विकास यादव के रूप में हुई है — तीनों मंदिर के बाहर फूलमाला बेचने का काम करते हैं। डीसीपी बंसवाल के अनुसार, एक घायल के हाथ में, दूसरे की कमर में और तीसरे के पैर में छर्रे लगे हैं। तीनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

घायल विकास यादव ने बताया कि वह अपनी फूलमाला की दुकान पर थे, तभी PAC जवान की कार्बाइन से गोली चली। उन्होंने कहा, 'मेरे हाथ और कमर में छर्रा लगा है। कुल तीन लोग घायल हुए हैं।' यादव ने यह भी बताया कि घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर आए और जवान को वहाँ से ले गए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी मौके से छर्रों को भी उठाकर ले गए।

घायल रामबाबू ने बताया कि पीएसी जवान की कार्बाइन से अचानक गोली चली और छर्रे उनके पैर और हाथ में लगे। तीसरे घायल विक्की ने बताया कि घटना मंदिर के गेट नंबर-4 पर हुई और घटना के बाद उन्हें वहाँ से हटा दिया गया।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और मंदिर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया और मौके पर अफरा-तफरी के माहौल को काबू में किया। डीसीपी गौरव बंसवाल ने पुष्टि की कि तीनों घायलों में से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है और सभी की हालत ठीक है। संबंधित PAC जवान को घटनास्थल से हटा दिया गया है।

आगे की जाँच

यह ऐसे समय में आया है जब काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के कारण बारीकी से निगरानी की जाती है। घटना की जाँच शुरू कर दी गई है और यह स्पष्ट किया जाएगा कि हथियार संचालन में चूक कैसे हुई। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ रोज़ हज़ारों श्रद्धालु आते हैं, एक सशस्त्र जवान के हाथ से हथियार छूट जाना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह घटना अकेली नहीं है — देश के कई धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा हथियार संचालन में लापरवाही की घटनाएँ सामने आती रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या PAC और अन्य अर्धसैनिक बलों के लिए हथियार-संचालन प्रशिक्षण और नियमित जाँच की व्यवस्था पर्याप्त है। मंदिर परिसर में आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ना प्रशासनिक जवाबदेही की माँग करता है, न केवल एक जाँच रिपोर्ट की।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर गोली चलने की घटना क्या है?
4 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 7 बजे वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4बी पर तैनात PAC जवान के हाथ से कार्बाइन छूट जाने के कारण दो राउंड फायर हो गए। गोली के छर्रे लगने से तीन फूलमाला विक्रेता घायल हो गए।
इस घटना में कौन-कौन घायल हुए और उनकी हालत कैसी है?
घायलों की पहचान निक्की गुप्ता, राम बाबू और विकास यादव के रूप में हुई है। डीसीपी गौरव बंसवाल के अनुसार तीनों में से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार गोली कैसे चली?
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि PAC जवान के हाथ से कार्बाइन छूट गई, जिससे दुर्घटनावश दो राउंड फायर हुए। दोनों गोलियाँ जमीन पर लगीं लेकिन उनके छर्रे पास खड़े फूलमाला विक्रेताओं को लगे।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
घटना के तुरंत बाद पुलिस और मंदिर प्रशासन ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और मौके पर व्यवस्था बहाल की। संबंधित PAC जवान को घटनास्थल से हटा दिया गया है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
क्या काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर इस घटना का असर पड़ेगा?
अधिकारियों ने अभी तक सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालाँकि, जाँच के निष्कर्षों के आधार पर हथियार संचालन प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा सकती है, क्योंकि यह मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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