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हरीश चौधरी का BJP पर हमला: कृषि, शिक्षा, रोजगार — हर मोर्चे पर केंद्र सरकार विफल

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हरीश चौधरी का BJP पर हमला: कृषि, शिक्षा, रोजगार — हर मोर्चे पर केंद्र सरकार विफल

सारांश

कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने जैसलमेर में केंद्र सरकार को कृषि, शिक्षा, रोजगार और व्यापार — हर मोर्चे पर विफल करार दिया। साथ ही थार की सांस्कृतिक पहचान और सीमा सुरक्षा पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाते हुए संसद से सड़क तक संघर्ष का ऐलान किया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने 19 जून को जैसलमेर में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र की BJP सरकार पर हर क्षेत्र में विफलता का आरोप लगाया।
किसानों को खाद की किल्लत , मजदूरों को उचित मजदूरी न मिलना और मनरेगा को 'सुनियोजित तरीके से' कमजोर करने का आरोप।
NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को 'ध्वस्त' बताया; छात्रों का भविष्य अंधकारमय होने की बात कही।
तनोट माता मंदिर और थार क्षेत्र की पहचान पर राजनीतिक लाभ के लिए हमले का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने संसद से सड़क तक थार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।

कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने 19 जून को जैसलमेर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि सरकार कृषि, शिक्षा, रोजगार और व्यापार — हर क्षेत्र में विफल साबित हुई है। उन्होंने थार क्षेत्र की सुरक्षा और पहचान को लेकर भी गहरी चिंता जताई।

कृषि और रोजगार पर संकट के आरोप

चौधरी ने कहा कि आगामी कृषि सीजन से पहले ही किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजनाओं को 'सुनियोजित तरीके से' कमजोर किया जा चुका है, जिससे मजदूरों को उचित मजदूरी तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों का कारोबार चौपट हो चुका है और उद्योगपति भी मुश्किलों में हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस नेता ने NEET और CBSE परीक्षाओं सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक संस्थाएं 'ध्वस्त' हो चुकी हैं, जिससे युवाओं का विश्वास डगमगाया है।

थार की पहचान और सीमा सुरक्षा पर बयान

चौधरी ने थार क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामरिक अहमियत का हवाला देते हुए कहा कि पूर्वजों ने इस क्षेत्र को संरक्षित रखने का काम किया था, लेकिन आज उसी पर 'हमला' किया जा रहा है। उन्होंने तनोट माता मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंदिर के निर्माण में राष्ट्रीय सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी भूमिका रही है और इतिहास को जानबूझकर तोड़-मरोड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा का सहारा लेकर राजनीतिक लाभ अर्जित करने की कोशिश की जा रही है।

संघर्ष का ऐलान

चौधरी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 'संसद से सड़क तक' थार के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा, 'सिर्फ सत्ता के मोह और लालच में इस थार को मत रौंदिए। आज की तारीख में थार का अपनत्व खतरे में है और हम उसे बचाने के लिए काम कर रहे हैं।' उनके अनुसार, थार की जनता सब कुछ जानती है और किसी भी अतिक्रमण तथा उसके मकसद से अनजान नहीं है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राजस्थान की राजनीतिक जमीन पर कांग्रेस की सक्रियता को दर्शाते हैं, खासतौर पर तब जब सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के मुद्दे चुनावी एजेंडे पर हावी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

शिक्षा विफलता और सीमावर्ती पहचान को एक साथ जोड़कर BJP को घेरना चाहती है। थार और तनोट माता मंदिर का संदर्भ महज भावनात्मक नहीं है — यह सीमावर्ती जिलों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की काट के रूप में स्थानीय इतिहास को हथियार बनाने की कोशिश है। हालांकि, मनरेगा और खाद संकट जैसे ठोस मुद्दों पर कांग्रेस के पास आँकड़े और सत्यापन योग्य तथ्य पेश करने की जरूरत है, वरना ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी तक सिमटे रहेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश चौधरी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र की BJP सरकार कृषि, शिक्षा, रोजगार और व्यापार — सभी क्षेत्रों में विफल रही है। उन्होंने खाद की किल्लत, मनरेगा को कमजोर करने और NEET-CBSE व्यवस्था के चरमराने का विशेष उल्लेख किया।
थार और तनोट माता मंदिर का विवाद क्या है?
चौधरी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा का सहारा लेकर थार क्षेत्र की पहचान पर राजनीतिक हमला किया जा रहा है। उन्होंने तनोट माता मंदिर का हवाला देते हुए कहा कि इसके निर्माण में राष्ट्रीय सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी भूमिका रही है और इतिहास को जानबूझकर तोड़ा जा रहा है।
मनरेगा को लेकर कांग्रेस का क्या कहना है?
चौधरी ने कहा कि मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजनाओं को 'सुनियोजित तरीके से' खत्म किया जा चुका है, जिससे मजदूरों को उचित मजदूरी नहीं मिल रही। कांग्रेस इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकट मान रही है।
कांग्रेस थार के मुद्दे पर क्या करने वाली है?
हरीश चौधरी ने ऐलान किया कि कांग्रेस 'संसद से सड़क तक' थार की रक्षा और सीमा सुरक्षा की माँग के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि थार की सांस्कृतिक पहचान और अपनत्व को किसी भी राजनीतिक लालच के लिए दाँव पर नहीं लगने दिया जाएगा।
NEET और CBSE पर चौधरी ने क्या कहा?
चौधरी के अनुसार NEET, CBSE और अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थाएं 'ध्वस्त' हो चुकी हैं, जिससे छात्रों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की विफलता का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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