राजौरी के एहतेशाम की बदली किस्मत: पशुपालन विभाग की योजना से पोल्ट्री फार्म, हर महीने ₹50-60 हजार की आमदनी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के तांडवाल-मुबारकपुरा क्षेत्र में केंद्र सरकार की पशुपालन योजना ने एक बेरोजगार युवक की जिंदगी बदल दी है। एहतेशाम नामक लाभार्थी ने पशुपालन विभाग के सहयोग से मुर्गी पालन इकाई स्थापित की और अब वह शुरुआती दौर में ही ₹50,000 से ₹60,000 प्रति माह की कमाई कर रहे हैं। यह सफलता राजौरी जिले में सरकार समर्थित ग्रामीण उद्यमिता की बढ़ती संभावनाओं की मिसाल बन गई है।
कैसे मिली योजना की जानकारी और शुरुआत
एहतेशाम के अनुसार, योजना शुरू होने से पहले उनके परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था और घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ता था। उन्होंने बताया, 'रोज़गार के अवसर प्रदान करने वाली पशुपालन योजना के बारे में जानने के बाद, मेरे पिता ने इसके लिए आवेदन किया था।' पशुपालन विभाग ने फार्म शुरू करने के लिए मुर्गियों के बच्चे, प्रशिक्षण और ऋण उपलब्ध कराया।
आज की स्थिति: अंडे की बिक्री से स्थिर आमदनी
एहतेशाम ने बताया, 'हमने मुर्गियाँ पाली हैं और अंडे बेच रहे हैं। अभी शुरुआती दौर में ₹50-60 हजार प्रति माह की कमाई हो रही है।' इतना ही नहीं, इस पोल्ट्री फार्म ने 5 स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है, जिससे इलाके में आर्थिक गतिविधि को बल मिला है।
विभाग की रणनीति और विशेषज्ञ की राय
राजौरी के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. खालिद ने कहा कि मुर्गी पालन जिले में आजीविका का एक आशाजनक विकल्प बनकर उभरा है और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत दर्जनों इकाइयाँ पहले से सफलतापूर्वक चल रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से विशेष रूप से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को लाभ हो रहा है जो अपने घरों के पास स्वरोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। विभाग इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देना जारी रखेगा।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि राजौरी जैसे सीमावर्ती जिलों में सरकार समर्थित स्वरोजगार योजनाएँ जमीनी स्तर पर आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। एहतेशाम ने केंद्र सरकार और पशुपालन विभाग को वित्तीय सहायता, सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. खालिद के अनुसार, विभाग आगे भी उद्यमियों की आय बढ़ाने और राजौरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।