झारखंड में छात्रों की आवाज़ दबाई जा रही है, केंद्र का युवाओं पर फोकस: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। शाहदेव ने दावा किया कि केंद्र सरकार का ध्यान निरंतर युवाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जबकि झारखंड में छात्र आंदोलन को दबाने के प्रयास हो रहे हैं।
युवाओं के लिए केंद्र की योजनाएँ
शाहदेव ने कहा कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है और केंद्र सरकार इसे अवसर में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मुद्रा योजना के तहत अब तक करीब 45 करोड़ ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जो युवाओं को बिना किसी गिरवी के स्वरोज़गार शुरू करने में सहायक हैं। इसके अलावा, स्टैंड-अप इंडिया और नवाचार से जुड़ी योजनाओं को भी उन्होंने युवाओं की उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया।
महिला आरक्षण पर विपक्ष पर निशाना
महिला आरक्षण के मुद्दे पर शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस संशोधन का समर्थन नहीं किया। शाहदेव के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को उनका न्यायसंगत अधिकार दिलाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।
अर्बन नक्सल पर सतर्कता की अपील
प्रधानमंत्री मोदी की 'अर्बन नक्सल' संबंधी टिप्पणी का समर्थन करते हुए शाहदेव ने कहा कि सुरक्षा बलों ने देश में नक्सलवाद के प्रभाव को काफी हद तक समाप्त किया है। उनके अनुसार, अब उन तत्वों पर भी नज़र रखना ज़रूरी है जो शहरी क्षेत्रों में रहकर नक्सली विचारधारा को समर्थन या प्रचार देते हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को राजनीतिक संरक्षण देने वालों को भी बेनकाब करने की माँग की।
झारखंड में छात्र आंदोलन और सरकार की भूमिका
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन पर शाहदेव ने कहा कि BJP छात्रों को नैतिक समर्थन दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छात्रों की माँगों को गंभीरता से नहीं लिया और कथित तौर पर आंदोलनकारियों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसे उन्होंने आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री आवास से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हों, तो सरकार को ऑनलाइन प्रतिक्रिया माँगने की बजाय सीधे संवाद करना चाहिए।
JSSC-CGL और JPSC पेपर लीक पर सवाल
शाहदेव ने JSSC-CGL और JPSC से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए झारखंड सरकार से पूछा कि जब परीक्षाएँ विवादों में घिरी रहीं और जाँच की ज़रूरत पड़ी, तो पारदर्शी व्यवस्था का दावा किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने माँग की कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जाँच के ज़रिए होना चाहिए। गौरतलब है कि यह मुद्दा झारखंड में युवा रोज़गार और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है, और आगामी दिनों में राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।