23 जुलाई 2026
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केरल चुनाव में रेवंत रेड्डी और विजयन के बीच संवाद की तीव्रता बढ़ी

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केरल चुनाव में रेवंत रेड्डी और विजयन के बीच संवाद की तीव्रता बढ़ी

सारांश

तिरुवनंतपुरम में रेवंत रेड्डी और पिनाराई विजयन के बीच जुबानी जंग ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। क्या ये विवाद आगामी चुनावों पर प्रभाव डालेगा? जानिए इस महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव के बारे में।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने विजयन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी में कड़वाहट की वृद्धि हुई है।
चुनाव प्रचार में जुबानी जंग का महत्वपूर्ण स्थान है।

तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उनके केरल समकक्ष पिनाराई विजयन के बीच की जुबानी जंग मंगलवार को और भी तीव्र हो गई। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला तब और बढ़ गया, जब रेवंत रेड्डी ने 'पो मोने विजया' (विजयन, चले जाओ) का नारा लगाया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विजयन के पलटवार को आशीर्वाद बताया और कहा कि वे इससे विचलित नहीं हैं।

उन्होंने विजयन पर केरल की जनता का अपमान करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उनका समय समाप्त हो चुका है। अंत में उन्होंने संक्षेप में 'बाय-बाय पिनाराई' कहकर अपनी बात समाप्त की।

रेड्डी ने यह भी कहा कि केरल के मुख्यमंत्री प्रमुख राजनीतिक सवालों का जवाब देने में असफल रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गठबंधन के आरोप भी शामिल हैं।

विजयन की उम्र और पद का सम्मान करते हुए, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मोदी को विजयन का 'भाई' कहकर उन पर कटाक्ष किया, जो कि राजनीतिक संकेत के रूप में देखा गया।

मंगलवार को विजयन के 'दैश मोने' वाले जवाब के बाद यह विवाद और गहरा हो गया, जिसने पहले ही राजनीतिक चर्चा में हलचल मचा दी थी।

स्थिति को अपने पक्ष में करने के प्रयास में केरल के मुख्यमंत्री ने 'प्रिय रेवंत रेड्डी' को संबोधित एक औपचारिक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने केरल की विकास संबंधी उपलब्धियों का संक्षिप्त और सटीक खंडन प्रस्तुत किया।

रेड्डी के पहले और आखिरी बयान के साथ यह घटनाक्रम वरिष्ठ नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी की कड़वाहट को उजागर करता है।

केरल में चुनाव प्रचार के लिए रेड्डी का आगमन काफी हलचल पैदा कर गया, खासकर उनके व्यंग्य के वायरल होने के बाद। अब जब विजयन ने स्पष्ट कर दिया है कि जल्द ही जवाब भेजा जाएगा, तो सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह कब होगा, क्योंकि गुरुवार को राज्य में 140 नए विधायकों के चुनाव होने हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी और विजयन के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप हैं, जिसमें रेवंत रेड्डी ने विजयन पर केरल की जनता का अपमान करने का आरोप लगाया है।
क्या यह विवाद आगामी चुनावों पर प्रभाव डालेगा?
जी हां, यह विवाद आगामी चुनावों में राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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