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केरल हाईकोर्ट ने मोनालिसा को सुरक्षा देने का आदेश दिया, कुंभ मेले में हुई थी वायरल

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केरल हाईकोर्ट ने मोनालिसा को सुरक्षा देने का आदेश दिया, कुंभ मेले में हुई थी वायरल

सारांश

कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुँच गया है। केरल हाईकोर्ट ने उसे पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है, जबकि उसकी उम्र, विवाह की वैधता और जान के खतरे को लेकर केरल और मध्य प्रदेश के बीच कानूनी लड़ाई जारी है।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने 20 जून 2026 को मोनालिसा को सुरक्षा देने का आदेश जारी किया।
मोनालिसा ने अदालत में कहा कि मध्य प्रदेश लौटने पर उसकी 'सम्मान के नाम' पर हत्या की जा सकती है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जाँच के अनुसार शादी के समय उसकी उम्र 16 साल थी — जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 ।
लड़की द्वारा पुलिस को दिए दस्तावेजों में जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है; आयोग ने इसे कथित तौर पर जाली बताया।
विवाह 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के श्री नैनार देवी मंदिर में हुआ था।
उम्र, विवाह वैधता और सुरक्षा से जुड़े कानूनी मुद्दों की जाँच अभी जारी है।

केरल हाईकोर्ट ने 20 जून 2026 को कुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चित हुई युवती मोनालिसा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मोनालिसा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंट्रल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को उसे आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया।

मोनालिसा ने अदालत में क्या कहा

मोनालिसा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके गृह राज्य मध्य प्रदेश में उसकी जान को खतरा है और यदि वह वहाँ लौटती है तो 'सम्मान के नाम' पर उसकी हत्या की जा सकती है। उसने यह भी कहा कि वह बालिग है और अपने भविष्य से जुड़े निर्णय लेने का उसे पूरा अधिकार है।

हालाँकि, मध्य प्रदेश सरकार ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा है कि युवती अभी नाबालिग है। दोनों पक्षों के बीच उम्र को लेकर यह विवाद इस मामले का केंद्रीय कानूनी सवाल बना हुआ है।

उम्र और शादी का विवाद

मोनालिसा ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के अरुमानुर स्थित श्री नैनार देवी मंदिर में विवाह किया था। इसके बाद शादी के समय उसकी उम्र को लेकर विवाद सामने आया।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जाँच में पाया गया कि शादी के समय लड़की की उम्र केवल 16 साल थी। आयोग ने महेश्वर सरकारी अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र का हवाला दिया, जिसमें उसकी जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है।

दूसरी ओर, तिरुवनंतपुरम पुलिस के समक्ष लड़की द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 दर्शाई गई है, जो उसे बालिग साबित करती है। आयोग ने आरोप लगाया है कि लड़की द्वारा जमा किया गया यह जन्म प्रमाण पत्र कथित तौर पर जाली था।

मामला कैसे सुर्खियों में आया

कुंभ मेले के दौरान मोनालिसा के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। इसके बाद उसकी उम्र और विवाह की वैधता को लेकर केरल और मध्य प्रदेश के अधिकारियों के बीच कानूनी टकराव शुरू हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब देश में बाल विवाह और 'ऑनर किलिंग' के मामलों पर सामाजिक बहस तेज़ है।

आगे क्या होगा

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अधिकारियों को मोनालिसा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसकी उम्र, विवाह की वैधता और जान को खतरे के आरोपों से जुड़े कानूनी मुद्दों की जाँच अभी जारी है। अदालत का यह हस्तक्षेप स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि संरक्षण, पहचान और न्याय के व्यापक सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक उम्र और विवाह की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं आता, मोनालिसा न्यायिक अनिश्चितता के बीच फँसी रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल हाईकोर्ट ने मोनालिसा के मामले में क्या आदेश दिया?
केरल हाईकोर्ट ने 20 जून 2026 को सेंट्रल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को मोनालिसा को आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। यह आदेश मोनालिसा की उस याचिका पर आया जिसमें उसने मध्य प्रदेश लौटने पर जान के खतरे की बात कही थी।
मोनालिसा कुंभ मेले में क्यों वायरल हुई थी?
कुंभ मेले के दौरान मोनालिसा सोशल मीडिया पर चर्चित हो गई थी। इसके बाद उसकी उम्र और 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के श्री नैनार देवी मंदिर में हुई उसकी शादी की वैधता को लेकर विवाद शुरू हो गया।
मोनालिसा की उम्र को लेकर विवाद क्या है?
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जाँच में महेश्वर सरकारी अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 बताई गई, यानी शादी के समय वह 16 साल की थी। वहीं, पुलिस को दिए दस्तावेजों में जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है जो उसे बालिग दर्शाती है; आयोग ने इस प्रमाण पत्र को कथित तौर पर जाली बताया है।
मध्य प्रदेश सरकार का इस मामले में क्या रुख है?
मध्य प्रदेश सरकार ने मोनालिसा के बालिग होने के दावे का विरोध किया है और अदालत में कहा है कि वह अभी नाबालिग है। यही विरोधाभास इस मामले को केरल और मध्य प्रदेश के अधिकारियों के बीच कानूनी टकराव में बदल चुका है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस मोनालिसा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। उसकी उम्र, विवाह की वैधता और जान के खतरे के आरोपों से जुड़े कानूनी मुद्दों की जाँच अभी जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई होनी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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