नीट विरोध मामले वापस लेगी केरल सरकार: गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार, 31 जुलाई को घोषणा की कि राज्य सरकार ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में राज्यभर में हुए प्रदर्शनों से जुड़े सभी पुलिस मामले वापस लेने का निर्णय किया है। ये प्रदर्शन दिल्ली में चल रहे नीट-विरोधी आंदोलन के समर्थन में आयोजित किए गए थे। यह फैसला कई प्रमुख हस्तियों के अभ्यावेदन के बाद लिया गया है।
मामले वापसी की पृष्ठभूमि
चेन्निथला ने बताया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, वरिष्ठ नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तुषार गांधी और कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों ने मुख्यमंत्री तथा गृह विभाग को मुकदमे वापस लेने की माँग करते हुए अभ्यावेदन सौंपे थे। इन अभ्यावेदनों पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने राज्य पुलिस प्रमुख (एसपीसी) को इन मामलों में आगे कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया, 'ये सामान्य कानून-व्यवस्था के मामले हैं। इनमें कोई गंभीर हिंसा या अत्याचार नहीं हुआ। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाया है, इसलिए इन मामलों को आगे बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।'
ऑपरेशन तूफान: जेलों में नशे के खिलाफ अभियान
चेन्निथला ने यह भी बताया कि पुलिस और जेल विभागों ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन तूफान' शुरू किया है — यह जेलों के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के विरुद्ध राज्यव्यापी कार्रवाई है। खुफिया सूचना मिलने के बाद तड़के 2 बजे छापेमारी शुरू हुई और जेल परिसरों में यह अभियान लगातार जारी रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के जरिये छात्रों तक नशीले पदार्थ पहुँचाने की खबरों पर गंभीर चिंता जताते हुए मंत्री ने कोझिकोड के हालिया पेरामब्रा मामले का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर तीन महिला शिक्षिकाओं और एक डिलीवरी कर्मचारी पर संदेह जताया गया है। उन्होंने डिलीवरी कर्मियों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी का माध्यम न बनें और कहा कि पुलिस ऐसे नेटवर्क से सख्ती से निपटेगी। नशे की तस्करी को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया अभियानों को समाप्त करने का भी आह्वान किया गया।
पीएम श्री योजना विवाद: एलडीएफ पर निशाना
गृह मंत्री ने पीएम श्री योजना से जुड़े विवाद पर पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अपने गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) को सूचित किए बिना और कैबिनेट की मंजूरी लिए बिना केंद्र के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
चेन्निथला ने कहा कि मौजूदा सरकार इस समझौते से एकतरफा पीछे नहीं हट सकती, क्योंकि इससे केरल को केंद्र सरकार की सहायता से वंचित होना पड़ेगा। इसके बजाय, सरकार पाठ्यक्रम और योजना के तहत स्कूलों के चयन जैसे मुद्दों पर केंद्र से अधिक लचीलेपन की माँग करेगी।
जॉन ब्रिटास पर सीधा प्रहार
राज्यसभा सदस्य और सीपीआई (एम) नेता जॉन ब्रिटास पर निशाना साधते हुए चेन्निथला ने सवाल किया कि जब पिछली पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल में इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, तब उन्होंने ये आपत्तियाँ क्यों नहीं उठाईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलडीएफ अब अपनी जिम्मेदारी मौजूदा प्रशासन पर नहीं डाल सकता। आगे यह देखना होगा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ पीएम श्री योजना पर किस हद तक पुनर्वार्ता कर पाती है।