16 सितंबर 2026
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यूसीसी पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान: भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में लागू होगी समान नागरिक संहिता

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यूसीसी पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान: भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में लागू होगी समान नागरिक संहिता

सारांश

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आजमगढ़ से साफ़ कर दिया — जहाँ भाजपा और एनडीए की सरकार है, वहाँ यूसीसी लागू होगी। यह बयान अमित शाह के समर्थन में आया है और 2027 के यूपी चुनाव से पहले यूसीसी को भाजपा के प्रमुख राजनीतिक हथियार के रूप में स्थापित करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 16 सितंबर 2026 को आजमगढ़ में कहा कि भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी।
मौर्य ने गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी संबंधी बयान का पूरा समर्थन किया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यूसीसी भारतीय जनसंघ के समय से भाजपा का वैचारिक मुद्दा है।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव में 300 सीटें जीतने और तीसरी बार सरकार बनाने का दावा किया।
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शाम 7 बजे 'आशीर्वाद का दीया' जलाने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 16 सितंबर 2026 को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है, वहाँ समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा यूसीसी पर दिए गए हालिया बयान के समर्थन में आया है, जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

यूसीसी पर मौर्य का रुख

मौर्य ने कहा कि यूसीसी भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मुद्दा है और गृह मंत्री अमित शाह ने जो कहा है, वह सही है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, 'हम उन राज्यों में यूसीसी लागू करेंगे, जहाँ भाजपा और एनडीए की सरकार है। जिन राज्यों में अभी हमारी सरकार नहीं है, वहाँ सरकार बनने के बाद इसे लागू किया जाएगा।'

गौरतलब है कि यूसीसी का मुद्दा दशकों से भाजपा के मूल वैचारिक एजेंडे का हिस्सा रहा है। उत्तराखंड पहला राज्य बन चुका है जिसने यूसीसी लागू करने की दिशा में विधायी कदम उठाए हैं। मौर्य का यह बयान उसी राष्ट्रीय राजनीतिक संदर्भ में आया है।

अखिलेश यादव पर पलटवार

यूसीसी पर समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के रुख पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा कि 'अखिलेश यादव को यह नहीं पता कि भारतीय जनसंघ की स्थापना और भाजपा के अस्तित्व में आने के समय से ही ये हमारे मुद्दे रहे हैं।' उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर 'गुंडाराज, जंगलराज और माफिया संरक्षण' के आरोप लगाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर उनके सवाल उत्तर प्रदेश की जनता को हँसाएँगे।

2027 चुनाव पर आत्मविश्वास

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का संदर्भ देते हुए मौर्य ने कहा कि आजमगढ़ में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हैं। उन्होंने दावा किया, 'अगर हम आजमगढ़ में छक्का मारते हैं तो भाजपा को 300 सीटों का आँकड़ा पार करने और तीसरी बार सरकार बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है।

मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया'

मौर्य ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जनता से अपील की कि शाम 7 बजे घरों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाएँ। उन्होंने कहा कि मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की साक्षी रही है।

आगे क्या

यूसीसी को लेकर भाजपा के तेज होते बयानों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एनडीए शासित राज्य — विशेषकर उत्तर प्रदेश — इस दिशा में कब और किस रूप में विधायी कदम उठाते हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने का संकेत दे चुके हैं, और 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में यह एक केंद्रीय विषय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि राज्य-स्तरीय संहिता का संवैधानिक दायरा अभी भी विधिक विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय है। 'जहाँ सरकार नहीं है, वहाँ बनाकर लागू करेंगे' जैसा वादा चुनावी वादे की श्रेणी में आता है, जिसकी समयसीमा और ढाँचा अस्पष्ट है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यूसीसी का असली मसौदा अभी किसी भी बड़े एनडीए राज्य में सार्वजनिक नहीं किया गया है — बयानबाज़ी तेज़ है, ब्यौरा शून्य।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने यूसीसी को लेकर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 16 सितंबर 2026 को आजमगढ़ में कहा कि जिन राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार है, वहाँ समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। जहाँ अभी सरकार नहीं है, वहाँ सरकार बनने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
समान नागरिक संहिता (UCC) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
यूसीसी एक ऐसी कानूनी संहिता है जो विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों पर धर्म-निरपेक्ष एक समान कानून लागू करेगी। विपक्षी दल और अल्पसंख्यक समुदाय इसे उनके व्यक्तिगत धार्मिक कानूनों में हस्तक्षेप मानते हैं, जबकि भाजपा इसे संवैधानिक आदर्श और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताती है।
अखिलेश यादव पर मौर्य ने क्या आरोप लगाए?
मौर्य ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर 'गुंडाराज, जंगलराज, माफिया संरक्षण और भर्ती माफिया को बढ़ावा देने' के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर मौर्य ने क्या दावा किया?
मौर्य ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा 300 से अधिक सीटें जीतकर तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने आजमगढ़ को इस अभियान का अहम केंद्र बताया।
17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया' क्या है?
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मौर्य ने जनता से अपील की कि वे शाम 7 बजे घरों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाएँ और प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना करें।
राष्ट्र प्रेस
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