20 अगस्त 2026
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खंडवा नगर निगम पर ₹40 लाख के नसबंदी घोटाले का आरोप, 'डॉग मास्क' पहनकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

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खंडवा नगर निगम पर ₹40 लाख के नसबंदी घोटाले का आरोप, 'डॉग मास्क' पहनकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

सारांश

खंडवा में नसबंदी फंड के कथित दुरुपयोग का यह मामला सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं — डॉग मास्क पहनकर जनसुनवाई में पहुँचे शिकायतकर्ता ने इसे राष्ट्रीय बहस में बदल दिया। एक तरफ ₹40 लाख के घोटाले का आरोप, दूसरी तरफ चार वर्षों में 12,700 से अधिक डॉग बाइट के मामले — यह संकट प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को एक साथ कटघरे में खड़ा करता है।

मुख्य बातें

खंडवा नगर निगम पर आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर ₹40 लाख के कथित भ्रष्टाचार का आरोप।
20 अगस्त को खंडवा कलेक्ट्रेट पर 'डॉग मास्क' पहनकर सांकेतिक प्रदर्शन, मामला सोशल मीडिया पर वायरल।
नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने आरोपों को बेबुनियाद बताया; कहा — एबीसी सेंटर की चयन प्रक्रिया ऑनलाइन टेंडर से होती है।
नेता विपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर ने ठोस कार्रवाई और नसबंदी व्यवस्था में बदलाव की माँग की।
जिले में 2022 से 2025 के बीच 12,700 से अधिक डॉग बाइट के मामले; पिछले महीने अकेले 244 केस दर्ज।

मध्य प्रदेश के खंडवा नगर निगम पर आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर ₹40 लाख के कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, जिसके विरोध में 20 अगस्त को खंडवा कलेक्ट्रेट पर एक अनोखा प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों में से एक युवक ने कुत्ते का मास्क पहनकर जनसुनवाई में हिस्सा लिया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गए। नगर निगम ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

डॉग मास्क पहनकर जनसुनवाई में पहुँचे एक शिकायतकर्ता ने कहा, 'समस्या यह थी कि इन लोगों द्वारा किए जा रहे नसबंदी प्रोसेस में बहुत भ्रष्टाचार था। मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' इस प्रदर्शन ने नसबंदी फंड के कथित दुरुपयोग पर ध्यान खींचा और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

विपक्ष की माँग

नगर निगम के नेता विपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर ने कहा, 'बिल्कुल, कार्रवाई होनी चाहिए। अगर इस देश में कुत्तों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है और इस मुद्दे पर इतनी चिंता है, पूरे देश से आवाज उठ रही है, तो ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी माँग की कि जिस व्यवस्था के तहत नसबंदी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उसे बदला जाए ताकि न कुत्तों को और न इंसानों को कोई परेशानी हो।

निगम की सफाई

नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं क्योंकि एबीसी सेंटर में बधियाकरण का काम किया जाता है। सेंटर चलाने वाली संस्था को ऑनलाइन टेंडर प्रोसेस से चुना जाता है।' निगम का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार है।

डॉग बाइट के आँकड़े चिंताजनक

इस विवाद के बीच जिला रेबीज नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने खुलासा किया कि पिछले महीने अकेले जिला अस्पताल में 244 डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए, जिनका एआरवी इंजेक्शन और इम्यूनोग्लोबुलिन से उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि 2022 से 2025 के बीच चार वर्षों में कुल 12,700 से अधिक डॉग बाइट के मामले जिला अस्पताल में सामने आए। ये आँकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल प्रशासनिक विवाद नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट भी है।

आगे क्या होगा

यह मामला अब सोशल मीडिया पर डॉग बाइट पीड़ितों और पशु प्रेमियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कर रहा है। आरोपों की जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई की माँग को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच कराता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न स्वतंत्र सत्यापन। निगम का 'ऑनलाइन टेंडर' का तर्क तब तक अधूरा है जब तक नसबंदी के वास्तविक आँकड़े और खर्च का मिलान सार्वजनिक न हो। चार वर्षों में 12,700 से अधिक डॉग बाइट के मामले यह सवाल खड़ा करते हैं कि ₹40 लाख खर्च के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित क्यों नहीं हुई। जब तक जिला प्रशासन स्वतंत्र जाँच नहीं कराता, यह विवाद महज़ 'आरोप बनाम खंडन' की राजनीति बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खंडवा नगर निगम पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
खंडवा नगर निगम पर आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए आवंटित ₹40 लाख की राशि के कथित दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने 20 अगस्त को खंडवा कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जाँच की माँग की।
नगर निगम ने इन आरोपों पर क्या कहा?
नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि एबीसी सेंटर में बधियाकरण का काम होता है और सेंटर चलाने वाली संस्था को ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया से चुना जाता है।
खंडवा में डॉग बाइट की स्थिति कितनी गंभीर है?
जिला रेबीज नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा के अनुसार पिछले महीने जिला अस्पताल में 244 डॉग बाइट के मामले आए। 2022 से 2025 के बीच चार वर्षों में कुल 12,700 से अधिक मामले दर्ज हुए, जिन्हें एआरवी इंजेक्शन और इम्यूनोग्लोबुलिन से उपचारित किया गया।
विपक्ष ने इस मामले में क्या माँग की है?
नगर निगम के नेता विपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर ने ठोस कार्रवाई की माँग करते हुए कहा कि नसबंदी की मौजूदा व्यवस्था को बदला जाना चाहिए। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
'डॉग मास्क' पहनकर प्रदर्शन क्यों चर्चा में है?
एक शिकायतकर्ता का कुत्ते का मास्क पहनकर सरकारी जनसुनवाई में पहुँचना एक अनोखे विरोध के रूप में सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने डॉग बाइट पीड़ितों और पशु प्रेमियों दोनों की प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कीं और नसबंदी फंड के दुरुपयोग के आरोपों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
राष्ट्र प्रेस
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