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चकोतरा (पोमेलो): खट्टे फलों का सबसे बड़ा फल, विटामिन C और फाइबर से भरपूर

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चकोतरा (पोमेलो): खट्टे फलों का सबसे बड़ा फल, विटामिन C और फाइबर से भरपूर

सारांश

चकोतरा — साइट्रस फैमिली का सबसे बड़ा सदस्य — सिर्फ आकार में नहीं, गुणों में भी अव्वल है। विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट की त्रिवेणी इसे पोषण विशेषज्ञों की पसंदीदा सूची में रखती है। जानिए क्यों इस फल को 'खट्टे फलों का बादशाह' कहा जाता है।

मुख्य बातें

चकोतरा (वैज्ञानिक नाम: साइट्रस मैक्सिमा , अंग्रेजी: पोमेलो ) खट्टे फलों की श्रेणी में सबसे बड़ा फल है।
इसका वजन 2 किलोग्राम तक हो सकता है; पेड़ की ऊँचाई 5 से 15 मीटर तक होती है।
इसमें विटामिन C , डायटरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
पारंपरिक चिकित्सा में इसे खाँसी, बुखार और पाचन समस्याओं में उपयोगी माना जाता है, हालाँकि वैज्ञानिक शोध अभी जारी है।
इसके सुगंधित फूलों का उपयोग इत्र निर्माण में भी किया जाता है।

चकोतरा, जिसका वैज्ञानिक नाम साइट्रस मैक्सिमा है और जिसे अंग्रेजी में पोमेलो कहा जाता है, खट्टे फलों (सिट्रस फैमिली) में सबसे बड़ा फल माना जाता है। अपनी असाधारण बनावट, रसीले गूदे और पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण इसे 'खट्टे फलों का बादशाह' की उपाधि दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह फल जितना विशाल दिखता है, उतना ही गुणकारी भी होता है।

पेड़ और फल की विशेषताएँ

चकोतरा एक सदाबहार वृक्ष है जो सामान्यतः 5 से 15 मीटर की ऊँचाई तक बढ़ता है। इसकी पत्तियाँ गहरी हरी और चमकदार होती हैं। इस पेड़ पर सुगंधित फूल भी लगते हैं, जिनका उपयोग परंपरागत रूप से इत्र निर्माण में किया जाता रहा है।

फल का आकार गोल अथवा नाशपाती जैसा होता है और इसका वजन कभी-कभी 2 किलोग्राम तक पहुँच जाता है। पकने पर इसका रंग पीला, नारंगी या हल्का लाल हो सकता है। इसका छिलका मोटा और स्पंजी होता है, जबकि भीतरी गूदा बड़े-बड़े रसीले टुकड़ों में होता है — स्वाद में हल्का मीठा और हल्का खट्टा, कुछ किस्मों में हल्की कड़वाहट भी महसूस होती है।

पोषण मूल्य और स्वास्थ्य लाभ

पोषण की दृष्टि से चकोतरा अत्यंत समृद्ध फल है। इसमें विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को सुदृढ़ करता है। इसके अतिरिक्त इसमें पर्याप्त मात्रा में डायटरी फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को सुचारु रखने में सहायक है।

चकोतरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाते हैं और आंतरिक शुद्धि में योगदान करते हैं। पोषण विशेषज्ञ इसे कम कैलोरी और अधिक पोषण वाले फलों की श्रेणी में रखते हैं।

पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में चकोतरे का उपयोग खाँसी, बुखार और पेट की समस्याओं में लाभकारी माना जाता रहा है। हालाँकि इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए पर्याप्त शोध अभी भी जारी है, इसलिए किसी भी औषधीय उपयोग से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित होगा।

इसे ताजे फल के रूप में खाया जाता है और इसका रस भी व्यापक रूप से पसंद किया जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के कई क्षेत्रों में यह फल त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी परोसा जाता है।

उपलब्धता और सेवन के तरीके

चकोतरा मुख्यतः सर्दियों और बसंत के मौसम में बाज़ारों में उपलब्ध होता है। इसे छीलकर सीधे खाने के अलावा सलाद, स्मूदी और जूस में भी शामिल किया जा सकता है। मोटे छिलके को उबालकर कुछ क्षेत्रों में मुरब्बा या कैंडी भी बनाई जाती है, जिससे फल का कोई भी हिस्सा व्यर्थ नहीं जाता।

पोषण और स्वाद का यह अनूठा संगम चकोतरे को आहार विशेषज्ञों की सिफारिशों में नियमित रूप से स्थान दिलाता है — और यह प्रवृत्ति आने वाले समय में और मजबूत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि इसके पारंपरिक औषधीय दावों और आधुनिक पोषण विज्ञान के बीच की खाई को शायद ही कभी रेखांकित किया जाता है। यह फल भारत के कई क्षेत्रों में सदियों से उगाया जाता रहा है, फिर भी आयातित सुपरफूड्स के मुकाबले इसे बाज़ार में वह स्थान नहीं मिला जिसका यह हकदार है। पोषण नीति निर्माताओं और कृषि विभागों के लिए यह एक अवसर है — स्थानीय, पोषण-सघन फसलों को प्रोत्साहन देकर आयात-निर्भरता घटाई जा सकती है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चकोतरा क्या होता है और इसे पोमेलो क्यों कहते हैं?
चकोतरा खट्टे फलों (सिट्रस) की श्रेणी का सबसे बड़ा फल है, जिसका वैज्ञानिक नाम साइट्रस मैक्सिमा है। अंग्रेजी में इसे 'पोमेलो' कहा जाता है — यह नाम डच शब्द से व्युत्पन्न माना जाता है। इसकी विशाल आकृति और विशिष्ट स्वाद इसे अन्य खट्टे फलों से अलग करती है।
चकोतरा खाने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?
चकोतरे में विटामिन C, डायटरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। विटामिन C रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं।
चकोतरे का वजन कितना हो सकता है?
चकोतरे का वजन कभी-कभी 2 किलोग्राम तक पहुँच जाता है, जो इसे सिट्रस परिवार का सबसे भारी फल बनाता है। इसका आकार गोल या नाशपाती जैसा होता है।
क्या चकोतरे का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में होता है?
पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में चकोतरे को खाँसी, बुखार और पेट की समस्याओं में उपयोगी माना जाता रहा है। हालाँकि इन दावों की पूर्ण वैज्ञानिक पुष्टि के लिए शोध अभी जारी है, इसलिए औषधीय उपयोग से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।
चकोतरे का सेवन किस मौसम में और कैसे करें?
चकोतरा मुख्यतः सर्दियों और बसंत के मौसम में बाज़ारों में उपलब्ध होता है। इसे ताजे फल के रूप में, जूस के रूप में या सलाद में शामिल करके खाया जा सकता है। मोटे छिलके से मुरब्बा और कैंडी भी बनाई जाती है।
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