खूंटी में शैक्षणिक भ्रमण के बाद पीएम श्री स्कूल के 30 बच्चे बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पीएम श्री उच्च विद्यालय, तिलमी के करीब 30 बच्चे शैक्षणिक भ्रमण से लौटने के बाद बीमार पड़ गए हैं। रविवार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम से बच्चों में उल्टी, दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द के लक्षण सामने आने लगे, जो सोमवार सुबह तक और बच्चों में फैल गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी प्रभावित बच्चों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
भ्रमण कहाँ और कैसे हुआ
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह घटना 3 अक्टूबर 2026 को आयोजित शैक्षणिक भ्रमण से जुड़ी हो सकती है। विद्यालय की ओर से बच्चों को तोरपा प्रखंड के डोड़मा स्थित गुरुकुल और रानीफॉल ले जाया गया था। भ्रमण के दौरान बच्चों ने स्वयं खाना तैयार किया था। इसके अलावा, पिकनिक स्थल के आसपास लगे ठेलों से भी कुछ बच्चों द्वारा खाद्य सामग्री खाने की जानकारी सामने आई है।
हालाँकि बीमारी का सटीक कारण — दूषित भोजन अथवा किसी संक्रमण — की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच जारी है।
कौन-से गाँव प्रभावित हैं
प्रभावित बच्चों में तिलमी गाँव के बच्चों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा मासको और बरवादाग गाँव के कुछ बच्चे भी बीमार हुए हैं। बीमार पड़े कई बच्चों को उपचार के लिए कर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सक उनकी निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गाँवों में निगरानी तेज़ कर दी। सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक के निर्देश पर मेडिकल टीमों को तिलमी, मासको और बरवादाग भेजा गया है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों एवं अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी जुटा रहे हैं। संदिग्ध मामलों की पहचान के साथ-साथ आवश्यकतानुसार दवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल को भी अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर उसे तुरंत बेहतर उपचार के लिए वहाँ स्थानांतरित किया जा सके।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विभाग बीमारी के संभावित कारणों — दूषित खाना, पानी या संक्रमण — का पता लगाने के लिए जांच कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्कूली भ्रमणों के दौरान खानपान की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। जांच के नतीजे भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए दिशानिर्देशों को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल सभी प्रभावित बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।