झारखंड के खूंटी में रामनवमी के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद पूरे जिले में तनाव
सारांश
Key Takeaways
- खूंटी में रामनवमी के दौरान तनावपूर्ण स्थिति।
- सर्व सनातन समाज द्वारा अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान।
- प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
- फायरिंग की अफवाहों का प्रशासन ने खंडन किया।
- अफवाहों से बचने की अपील की गई।
खूंटी, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। शनिवार को पत्थरबाजी और झड़प की इस घटना के बाद, 'सर्व सनातन समाज' नामक संगठन ने रविवार से खूंटी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान कर दिया है।
सोमवार को भी जिले में इस बंद का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। खूंटी जिला मुख्यालय सहित रनिया, मुरहू, तोरपा और तपकरा क्षेत्रों में बाजार और दुकानें बंद हैं। बंद करने वाले लोग यह दावा कर रहे हैं कि जब तक हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुरहू और उसके आसपास के क्षेत्रों में बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, वज्र वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स, वाटर कैनन और अश्रु गैस की टीमों को तैनात किया गया है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से तीन प्रशासन की ओर से हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ व्यक्तियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में खूंटी शहर और मुरहू में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, और पुलिस की गश्ती टीमें क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर रही हैं।
गौरतलब है कि इस विवाद की शुरुआत शुक्रवार शाम को रामनवमी जुलूस के दौरान एक छोटी सी कहासुनी से हुई थी, जो शनिवार को हिंसक स्थिति में बदल गई। दोनों समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिससे कई स्थानीय दुकानदारों को अपनी दुकानें छोड़कर भागना पड़ा। इस दौरान इलाके में फायरिंग की अफवाहों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, हालांकि प्रशासन ने किसी प्रकार की फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी स्वयं मौके पर मौजूद हैं और शांति समिति के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें।