हजारीबाग में रामनवमी उत्सव में हिंसक टकराव: दो की जान गई, 450 घायल

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हजारीबाग में रामनवमी उत्सव में हिंसक टकराव: दो की जान गई, 450 घायल

सारांश

हजारीबाग में रामनवमी उत्सव के दौरान हुई हिंसक घटनाओं ने शहर में तनाव उत्पन्न कर दिया है। जानें इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

रामनवमी उत्सव के दौरान हुई हिंसा ने दो की जान ली।
450 से अधिक लोग हुए घायल।
प्रशासन ने 5,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की।
हिंसा का मुख्य कारण व्यक्तिगत दुश्मनी बताया गया।
शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

हजारीबाग, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग शहर में लगभग 72 घंटे तक चलने वाले रामनवमी, दशमी और एकादशी शोभायात्रा के दौरान आपसी रंजिश और अखाड़ों के बीच हुए हिंसक टकराव ने उत्सव की खुशियों को छीन लिया है।

शहर के विभिन्न इलाकों में हुई झड़पों, पत्थरबाजी और भारी भीड़ के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। शोभायात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन में 450 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में से पांच की स्थिति गंभीर है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है।

अन्य घायलों का उपचार हजारीबाग सदर अस्पताल और विभिन्न निजी नर्सिंग होम में किया जा रहा है। मृतकों में से एक की पहचान बड़ा बाजार क्षेत्र के ग्वालटोली चौक निवासी 22 वर्षीय अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, झंडा चौक के पास शोभायात्रा के दौरान अभिषेक के सीने में चाकू घोंपा गया था। उसे गंभीर हालत में रांची ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

हिंसा की शुरुआत मुख्य रूप से मडईकलां और नगवां अखाड़े के बीच शोभायात्रा के मार्ग को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप ले लिया और उपद्रवियों ने शोभायात्रा में शामिल ट्रकों, डीजे सिस्टम और लाइटिंग उपकरणों में जमकर तोड़फोड़ की। इससे पहले हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत गदोखर गांव में रामनवमी जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प हुई।

जुलूस के दौरान डीजे बॉक्स पर चढ़कर करतब दिखाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते संघर्ष में बदल गया। इसी दौरान गदोखर पंचायत के मुखिया के भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रशासन का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे धार्मिक तनाव से अधिक व्यक्तिगत दुश्मनी और अखाड़ाधारियों की आपसी रंजिश मुख्य कारण रही है। उच्च डेसिबल वाले डीजे सिस्टम के अनियंत्रित उपयोग को भी तनाव और संचार बाधा का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए 5,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि रामनवमी महासमिति के साथ हुई बैठकों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कुछ अखाड़ाधारियों की हठधर्मिता के कारण यह हिंसक घटनाएं घटीं। फिलहाल शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि शेष शोभायात्राओं को सुरक्षित रूप से संपन्न कराया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्या यह तनाव को समाप्त कर पाएंगे? यह सवाल महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामनवमी उत्सव में क्या हुआ?
हजारीबाग में रामनवमी उत्सव के दौरान आपसी रंजिश और अखाड़ों के बीच हिंसक टकराव हुआ, जिसमें दो लोगों की जान गई और 450 से अधिक लोग घायल हुए।
घायलों की स्थिति क्या है?
450 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की स्थिति गंभीर है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए 5,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है।
क्या यह हिंसा पहले भी हुई है?
हाँ, इस तरह की हिंसा पहले भी धार्मिक उत्सवों के दौरान होती रही है, जो व्यक्तिगत दुश्मनी और तनाव का परिणाम होती है।
क्या प्रशासन ने कोई दिशा-निर्देश जारी किए हैं?
हाँ, प्रशासन ने रामनवमी महासमिति के साथ बैठकें की हैं और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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