केकेआर ने ऑलफ्लीट इंडिया और पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी में 310 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश किया

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केकेआर ने ऑलफ्लीट इंडिया और पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी में 310 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश किया

सारांश

केकेआर ने ऑलफ्लीट इंडिया और पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी में 310 मिलियन डॉलर का निवेश किया है, जिसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती को बढ़ावा देना और स्थानीय निर्माण क्षमताओं को सशक्त करना है। यह साझेदारी स्वच्छ और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • केकेआर का 310 मिलियन डॉलर का निवेश
  • इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में वृद्धि
  • स्थानीय निर्माण क्षमताओं को मजबूत करना
  • स्वच्छ और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन
  • बड़े शहरों में परिवहन की जरूरतों को पूरा करना

मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी निवेश फर्म केकेआर ने इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती को बढ़ावा देने और भारत में स्थानीय निर्माण क्षमताओं को मजबूत करने हेतु ऑलफ्लीट इंडिया और पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी में 310 मिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है।

इस समझौते के अनुसार, केकेआर की ऑलफ्लीट में प्रमुख हिस्सेदारी और पीएमआई इलेक्ट्रो में सीमित हिस्सेदारी होगी। यह केकेआर का भारत में पहला वैश्विक जलवायु परिवर्तन निवेश है, और ऑस्ट्रेलिया में हाल के निवेशों के साथ, यह उनका आठवां निवेश है।

इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार करना है, जिससे भारत के पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़े और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके। 2022 में स्थापित, ऑलफ्लीट (अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से) पीएमआई इलेक्ट्रो का ई-बस प्लेटफॉर्म है, जो बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन बसों के निर्माण, स्वामित्व और संचालन पर केंद्रित है। वर्तमान में ऑलफ्लीट 5,000 से अधिक ई-बसों का बेड़ा तैनात करने के लिए प्रगति कर रहा है, जो विभिन्न राज्य परिवहन प्राधिकरणों के साथ बड़े अनुबंधों के तहत संचालित होंगी।

जैसे-जैसे भारत कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे विश्वसनीय और कुशल इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की आवश्यकता भी बढ़ रही है।

केकेआर का निवेश ऑलफ्लीट के विकास को गति देगा और सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों के साथ सहयोग की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे प्रमुख शहरों में ई-बसों का विस्तार होगा और लोगों के लिए स्वच्छ और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह ऑलफ्लीट और पीएमआई इलेक्ट्रो के बीच चल रही साझेदारी के तहत निर्माण, स्वामित्व, संचालन और जीवनचक्र सहायता को भी बढ़ाएगा, जो कि भारत में ई-बसों के क्षेत्र को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।

पीएमआई इलेक्ट्रो की सीईओ और ऑलफ्लीट की निदेशक आंचल जैन ने कहा कि केकेआर से प्राप्त यह निवेश हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह ऑलफ्लीट द्वारा निर्मित इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म को समर्थन करता है। पीएमआई इलेक्ट्रो का उद्देश्य एक ऐसा स्केलेबल, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम बनाना है जो भारत के सार्वजनिक परिवहन को बदल सके। जैसे-जैसे हमारे शहर विकसित हो रहे हैं और यात्रा की जरूरतें बदल रही हैं, स्वच्छ, कुशल और सुलभ सार्वजनिक परिवहन एक अधिक टिकाऊ भविष्य को आकार देने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि केकेआर के साथ, कंपनी जिम्मेदार तरीके से विस्तार करने और भारतीय शहरों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। यह सहयोग राष्ट्रीय महत्व के मोबिलिटी समाधान देने में संस्थागत पूंजी, भारतीय निर्माण क्षमताओं और ग्राउंड लेवल पर कार्यान्वयन के तालमेल को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि केकेआर एक प्रमुख वैश्विक निवेश फर्म है जो वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधन के साथ-साथ पूंजी बाजार और बीमा समाधान भी प्रदान करती है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

केकेआर का यह निवेश किस क्षेत्र में है?
यह निवेश इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए है।
ऑलफ्लीट इंडिया का क्या उद्देश्य है?
ऑलफ्लीट का उद्देश्य भारत में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन बसों का निर्माण और संचालन करना है।
यह निवेश कब की गई है?
यह निवेश 18 मार्च 2023 को की गई है।
केकेआर का भारत में यह पहला निवेश है?
नहीं, यह केकेआर का भारत में पहला ग्लोबल क्लाइमेट ट्रांजिशन निवेश है।
इस साझेदारी से क्या अपेक्षाएँ हैं?
इस साझेदारी से प्रमुख शहरों में ई-बसों का विस्तार और सार्वजनिक परिवहन में सुधार की अपेक्षा है।
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