5 अक्टूबर 2026
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कोयल मलिक BJP में शामिल, रितेश तिवारी बोले — UCC जरूरी ताकि बहन-बेटियाँ सूटकेस में न मिलें

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कोयल मलिक BJP में शामिल, रितेश तिवारी बोले — UCC जरूरी ताकि बहन-बेटियाँ सूटकेस में न मिलें

सारांश

TMC की पूर्व सांसद कोयल मलिक के BJP में शामिल होने के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति एक नया मोड़ ले चुकी है। भाजपा नेता रितेश तिवारी ने UCC को महिला सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा — 'हम नहीं चाहते बहन-बेटियाँ सूटकेस में मिलें।' TMC की राज्यसभा ताकत पर भी तीखा हमला हुआ।

मुख्य बातें

TMC की पूर्व सांसद कोयल मलिक 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुईं।
भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कोयल मलिक को 'बेटी की तरह' बताया और उनके राज्यसभा में आगमन का स्वागत किया।
भाजपा नेता रितेश तिवारी ने कहा कि TMC की राज्यसभा में केवल दो-तीन सदस्य बचे हैं।
तिवारी ने UCC को महिला सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा — बहन-बेटियाँ सूटकेस, फ्रिज या बोरी में न मिलें, इसीलिए कानून जरूरी है।
रूपा गांगुली ने भी UCC विधेयक को 'अच्छा' बताया और कहा कि भाजपा सिर्फ बिल पास कराने के लिए नहीं, बल्कि सोचकर कदम उठाती है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद कोयल मलिक सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर चर्चा में आ गईं। भाजपा नेताओं ने इस बदलाव को पार्टी की वैचारिक बढ़त बताया और पश्चिम बंगाल में तेज़ी से पलटते राजनीतिक समीकरणों का संकेत दिया। इस अवसर पर नेताओं ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ज़रूरत पर भी ज़ोरदार दलील पेश की।

कोयल मलिक का BJP में स्वागत

भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कोयल मलिक के शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा, 'कोयल जब राजनीति में नई थी, तब भी वो प्रिय थी — उनके साथ मेरा प्यारा रिश्ता है। जब वो TMC सरकार में सांसद बनीं, तब भी मुझे कोई ऐतराज नहीं था। लेकिन अब उन्होंने वो पद छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया और राज्यसभा की सदस्यता लेने के लिए तैयार हो गईं — मैं बहुत खुश हूँ।'

गांगुली ने आगे कहा कि कोयल पढ़ी-लिखी हैं और राज्यसभा में ऐसे लोग बेहद काम के होते हैं। उन्होंने कहा, 'वो मेरी बेटी की तरह हैं।'

TMC की राज्यसभा ताकत पर BJP का तीखा हमला

भाजपा नेता रितेश तिवारी ने दावा किया कि कोयल मलिक के शामिल होने से पार्टी की राज्यसभा में शक्ति और मज़बूत हुई है। उन्होंने कहा, 'TMC राज्यसभा में समाप्ति की ओर है — दो-तीन लोग ही बचे हैं। विधानसभा चुनाव में बंगाल की जनता ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया। चुनाव के बाद लोकसभा सांसदों ने TMC को टाटा कहा, फिर जीते हुए विधायकों ने भी बाय-बाय कर दिया।'

तिवारी ने यह भी कहा, 'अब बचे हुए राज्यसभा सांसद भी एक-एक करके जा रहे हैं। ममता बनर्जी पार्टी में रहेंगी, इसकी गारंटी है क्या? बुआ-भतीजा के अलावा उस कैंप में कोई नहीं बचेगा।' उनका इशारा यह था कि TMC में केवल पारिवारिक गोलबंदी ही शेष रह गई है।

UCC पर भाजपा का रुख — महिला सुरक्षा को बनाया आधार

रितेश तिवारी ने UCC की ज़रूरत पर बोलते हुए कहा, 'बहन-बेटियों को फुसलाकर जिस तरह से उनका परिणाम सूटकेस और फ्रिज से निकलता है, यह देखने के बाद कोई भी जिम्मेदार सरकार, यही करेगी जो मुख्यमंत्री ने कहा है। हम नहीं चाहते कि किसी भी बहन-बेटी का अंतिम समय सूटकेस में निकले, नदी-नाले के किनारे या किसी बोरी में मिले।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मुख्यमंत्री इस हिंसा को रोकने के लिए किसी कानून को लाने की बात करते हैं, तो उसका समर्थन होना चाहिए। यह बयान भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें UCC को महिला सुरक्षा के व्यापक एजेंडे से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।

भाजपा नेता रूपा गांगुली ने UCC पर कहा, 'कोई भी कानून लागू करना जरूरी है। बिल अच्छा है। भाजपा ऐसा कुछ नहीं करेगी जो सिर्फ बिल पास कराने के लिए हो।'

पश्चिम बंगाल में बदलता सियासी माहौल

गौरतलब है कि कोयल मलिक के भाजपा में शामिल होने से पहले भी कई TMC नेता पाला बदल चुके हैं। रितेश तिवारी का दावा है कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा को पसंद करते हैं लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं कह पाते थे।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक टकराव तेज़ हो रहा है और दोनों पक्ष 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं।

आगे क्या होगा

कोयल मलिक की भाजपा में राज्यसभा सदस्यता की औपचारिक प्रक्रिया जल्द पूरी होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में भाजपा इस बदलाव को TMC के खिलाफ अपने जन-अभियान में आगे भुनाने की कोशिश करेगी। वहीं, UCC पर राज्य स्तरीय बहस और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विरोध करना कठिन हो जाता है। लेकिन यह भी ध्यान देने वाली बात है कि TMC से दलबदल का यह सिलसिला चुनावी ज़रूरत से प्रेरित है या वैचारिक बदलाव से — इसका जवाब कोयल मलिक की राज्यसभा में भूमिका से मिलेगा। पश्चिम बंगाल में UCC की राह आसान नहीं है, क्योंकि राज्य की बहुलतावादी पहचान किसी भी एकरूप कानून को जटिल बना देती है। मुख्यधारा की रिपोर्टिंग दलबदल के नाटक पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भाजपा बंगाल में UCC को विधानसभा चुनाव से पहले वास्तविक मुद्दे के रूप में उठा पाएगी।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयल मलिक कौन हैं और वो BJP में क्यों शामिल हुईं?
कोयल मलिक TMC की पूर्व सांसद हैं जो 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। भाजपा नेताओं के अनुसार वो राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के लिए पार्टी में आई हैं।
रितेश तिवारी ने UCC पर क्या कहा?
भाजपा नेता रितेश तिवारी ने कहा कि बहन-बेटियों को फुसलाकर उनका परिणाम सूटकेस और फ्रिज से निकलता है — इसे रोकने के लिए UCC जैसा कानून जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें इस हिंसा को रोकने के लिए नया कानून लाने की बात कही गई है।
कोयल मलिक के BJP में शामिल होने से TMC पर क्या असर पड़ेगा?
भाजपा के अनुसार TMC की राज्यसभा में ताकत अब बेहद सीमित रह गई है और केवल दो-तीन सदस्य बचे हैं। रितेश तिवारी का दावा है कि TMC में लगातार दलबदल का सिलसिला जारी है और पार्टी कमज़ोर पड़ रही है।
पश्चिम बंगाल में UCC लागू होने की संभावना क्या है?
भाजपा नेताओं ने UCC को ज़रूरी बताया है, लेकिन राज्य में इसे लागू करना राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से जटिल है। फिलहाल पार्टी ने इसे महिला सुरक्षा के नज़रिए से प्रस्तुत किया है।
रूपा गांगुली ने कोयल मलिक के BJP में आने पर क्या कहा?
भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कोयल मलिक को 'बेटी की तरह' बताया और कहा कि वो राज्यसभा में पार्टी के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने UCC विधेयक को 'अच्छा' बताया और कहा कि भाजपा सोच-समझकर कदम उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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