केटीआर का आरोप: तेलंगाना कांग्रेस सरकार किसानों की मुफ्त बिजली खत्म करने की साजिश में, प्रीपेड मीटर से होगा निजीकरण
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 24 मई को हैदराबाद में आरोप लगाया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार द्वारा कृषि मोटरों पर मीटर लगाने का निर्णय किसानों की मुफ्त बिजली योजना को स्थायी रूप से समाप्त करने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर की आड़ में राज्य के बिजली क्षेत्र को बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर के अनुसार, तेलंगाना राज्य मंत्रिमंडल ने कथित तौर पर शनिवार, 23 मई को यह निर्णय लिया कि अगले तीन महीनों के भीतर पूरे राज्य में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। इसके तहत न केवल घरेलू मीटर बदले जाएंगे, बल्कि सभी कृषि कनेक्शनों पर भी प्रीपेड मीटर लगाने की योजना बताई जा रही है।
बीआरएस कार्यालय में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले कृषि उपकरणों पर मीटर लगाकर मुफ्त बिजली की व्यवस्था खत्म करेगी, और उसके बाद घरेलू मीटरों को प्रीपेड में बदलकर बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंप देगी। यह आरोप उन्होंने सीधे तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर लगाए।
बीआरएस का पूर्व-चेतावनी का दावा
केटीआर ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले ही बीआरएस ने जनता को आगाह किया था कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली योजना खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने विशेष रूप से चेतावनी दी थी कि मोटर पंपों पर मीटर लगाए जाएंगे और प्रीपेड मीटर के बहाने बिजली क्षेत्र का निजीकरण किया जाएगा।
गौरतलब है कि केटीआर के अनुसार, बीआरएस सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रीपेड मीटर लगाने का भारी दबाव डाला गया था और राज्य को ₹30,000 करोड़ के ऋण से वंचित करने की धमकी भी दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर ने इस दबाव के सामने झुकने से इनकार कर दिया था।
सरकार पर विफलता के आरोप
केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना कांग्रेस सरकार के पाँच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय बीत जाने के बावजूद राज्य की जनता के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अराजकता और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और सरकार अपने चुनावी वादों से भटक चुकी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का अंतिम लक्ष्य राज्य के बिजली क्षेत्र को बड़े कॉरपोरेट्स के हाथों में सौंपना है, जो किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों के विरुद्ध है।
जनता से आह्वान
केटीआर ने जनता से अपील की कि कृषि मशीनों में मीटर लगाए जाने और घरों में प्रीपेड मीटर शुरू होने से पहले कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस सरकार की इन नीतियों से नाराज है और सही समय आने पर इसका जवाब देगी।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में बिजली दरों और कृषि सब्सिडी को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।