12 अक्टूबर 2026
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सीजेआई को राजनीति में न घसीटें, राहुल गांधी परिपक्वता दिखाएं: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी

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सीजेआई को राजनीति में न घसीटें, राहुल गांधी परिपक्वता दिखाएं: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी

सारांश

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सीजेआई को राजनीति में घसीटने पर इंडिया गठबंधन को आड़े हाथों लिया और राहुल गांधी से संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करने की अपील की। साथ ही कर्नाटक सरकार पर गारंटी योजनाओं में ₹79 करोड़ की अनियमितता और मतदाता सूची विवाद को लेकर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को राजनीतिक मामलों में खींचना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।
इंडिया गठबंधन द्वारा चुनावी मुद्दों पर सीजेआई से मुलाकात का समय माँगे जाने पर कुमारस्वामी ने कड़ी आपत्ति जताई।
मतदाता सूची एसआईआर पर कांग्रेस की आपत्तियों को कुमारस्वामी ने दोहरे मापदंड करार दिया — कांग्रेस सरकार खुद गारंटी योजनाओं का सत्यापन कर रही है।
कर्नाटक में गृह लक्ष्मी, विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या में 16 से 20 लाख की कमी पर सरकार से जवाब माँगा।
रिपोर्टों के अनुसार 79 मृत लाभार्थियों के खातों में ₹79 करोड़ जमा होने की बात उठाई; सत्यापन को अनिवार्य बताया।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर स्टिंग विवाद से ध्यान भटकाने और मैसूर पैलेस में फोटोशूट को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 12 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को राजनीतिक विवादों में खींचना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से अपील की कि वे राजनीतिक परिपक्वता का परिचय दें और संवैधानिक पदों पर आसीन अधिकारियों के प्रति उचित सम्मान बनाए रखें।

कांग्रेस पर सीजेआई से मुलाकात को लेकर सवाल

कुमारस्वामी ने कांग्रेस नीत इंडिया गठबंधन द्वारा चुनावी मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय माँगे जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं और उनसे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान करती है। उनके अनुसार, राजनीतिक नेताओं को यह समझना चाहिए कि कौन से विषय संवैधानिक अधिकारियों के समक्ष उठाए जा सकते हैं और स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करना उनकी ज़िम्मेदारी है।

मंत्री ने तर्क दिया कि जब कांग्रेस केवल अपनी माँगें सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाती है, तो यह उम्मीद करना उचित नहीं कि मुख्य न्यायाधीश राजनीतिक नेताओं से व्यक्तिगत भेंट करें। उन्होंने कहा कि संविधान की दुहाई देने वाले नेताओं को संवैधानिक मर्यादाओं का भी पालन करना होगा।

एसआईआर विवाद: कुमारस्वामी का जवाबी तर्क

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कांग्रेस की आपत्तियों को कुमारस्वामी ने खारिज करते हुए कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है और पिछले कई वर्षों से यह नियमित रूप से होती आई है। उन्होंने पूछा कि जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार खुद अपनी गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन कर रही है, तो मतदाता सूची के सत्यापन को राजनीतिक रंग क्यों दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूचियों से कुछ समुदाय विशेष के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। कुमारस्वामी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए नकारा।

गारंटी योजनाओं में अनियमितता के आरोप

कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह लक्ष्मी योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या में 16 से 20 लाख की कमी आई है। उन्होंने सरकार से माँग की कि इन कटौतियों के कारण और सूची से नाम हटाने के मापदंड सार्वजनिक किए जाएं।

उन्होंने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनके अनुसार 79 मृत लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹79 करोड़ जमा किए गए थे और अब वह राशि वापस ली जा रही है। कुमारस्वामी ने कहा कि ऐसे में यह सत्यापन ज़रूरी हो जाता है कि सरकारी धन अपात्र या मृत व्यक्तियों के नाम पर न जाए।

मुख्यमंत्री शिवकुमार पर व्यंग्यात्मक निशाना

कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन विवाद से जुड़े सवालों का जवाब देने की बजाय मुख्यमंत्री मैसूर पैलेस में फोटोशूट कराने में व्यस्त हैं। शिवकुमार की शाही सिंहासन के सामने बैठी तस्वीरों का संदर्भ देते हुए कुमारस्वामी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में संस्कृत की कहावत 'अति विनयं धूर्त लक्षणम्' — अर्थात अत्यधिक विनम्रता कभी-कभी किसी अवांछनीय गुण का संकेत होती है — का उल्लेख किया।

आगे क्या होगा

कुमारस्वामी की यह टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब कर्नाटक में BJP-JD(S) गठबंधन और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। एसआईआर प्रक्रिया और गारंटी योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर विवाद आने वाले हफ्तों में और गहरा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संवैधानिक संस्थाएं राजनीतिक बहस के अखाड़े में खिंच आती हैं। विडंबना यह है कि जो दल 'संविधान बचाओ' का नारा लगाता है, उस पर ही सीजेआई को राजनीतिक मंच पर लाने का आरोप है। कर्नाटक में गारंटी योजनाओं की अनियमितताओं पर कुमारस्वामी के सवाल तथ्यात्मक हैं और सरकार के जवाब की माँग करते हैं — लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि यह आलोचना उस नेता की ओर से आ रही है जिसकी अपनी पार्टी सत्ता में भागीदार रही है। असली सवाल यह है कि जब संवैधानिक संस्थाएँ राजनीतिक खींचतान का शिकार बनती हैं, तो नुकसान सिर्फ किसी एक दल का नहीं, लोकतंत्र की साख का होता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमारस्वामी ने सीजेआई विवाद पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश को राजनीतिक मामलों में घसीटना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे संवैधानिक पदों पर आसीन अधिकारियों के प्रति अधिक परिपक्वता और सम्मान प्रदर्शित करें।
इंडिया गठबंधन ने सीजेआई से मुलाकात क्यों माँगी थी?
कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने चुनावी मुद्दों — विशेषकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित आशंकाओं — पर चर्चा के लिए मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय माँगा था। कुमारस्वामी ने इसे संवैधानिक प्रोटोकॉल के विरुद्ध करार दिया।
मतदाता सूची एसआईआर विवाद क्या है?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कुछ समुदाय विशेष के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। कुमारस्वामी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है — यह वर्षों से नियमित रूप से होती आई है।
कर्नाटक गारंटी योजनाओं में कथित अनियमितता क्या है?
कुमारस्वामी ने दावा किया कि गृह लक्ष्मी, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या में 16 से 20 लाख की कमी आई है। रिपोर्टों के अनुसार 79 मृत लाभार्थियों के खातों में ₹79 करोड़ जमा किए गए थे जिन्हें अब वापस लिया जा रहा है।
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर जवाब देने की बजाय मैसूर पैलेस में फोटोशूट कराने में व्यस्त हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में संस्कृत कहावत 'अति विनयं धूर्त लक्षणम्' का भी हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
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