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कर्नाटक के आम किसानों को राहत: कुमारस्वामी की माँग पर कृषि मंत्री चौहान का आश्वासन, MIS और PDPS सहायता पर जल्द फैसला

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कर्नाटक के आम किसानों को राहत: कुमारस्वामी की माँग पर कृषि मंत्री चौहान का आश्वासन, MIS और PDPS सहायता पर जल्द फैसला

सारांश

कर्नाटक के 1.45 लाख हेक्टेयर में फैली आम की खेती संकट में है — C-3 लागत ₹3,951 प्रति क्विंटल के मुकाबले बाज़ार भाव बेहद कम हैं। कुमारस्वामी की माँग पर कृषि मंत्री चौहान ने MIS और PDPS के तहत शीघ्र राहत का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 जून 2026 को कर्नाटक के आम किसानों को शीघ्र राहत का आश्वासन दिया।
कुमारस्वामी ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) और प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) के तहत सहायता की माँग की।
कर्नाटक में 1.45 लाख हेक्टेयर में आम की खेती; इस सीज़न 10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अनुमानित।
कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अनुसार C-3 लागत ₹3,951 प्रति क्विंटल , बाज़ार भाव इससे काफी कम।
प्रभावित ज़िलों में कोलार, चिक्काबल्लापुर, रामनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, तुमकुरु और हावेरी शामिल।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 जून 2026 को नई दिल्ली में कर्नाटक के आम उत्पादक किसानों की संकटग्रस्त स्थिति पर शीघ्र राहत उपाय लागू करने का आश्वासन दिया। प्रतिकूल मौसम और बाज़ार में आम की कीमतों में भारी गिरावट के चलते राज्य के हज़ारों किसान गंभीर आर्थिक दबाव में हैं। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने इस मुद्दे को सीधे कृषि मंत्री के समक्ष उठाया।

बैठक में क्या हुआ

कुमारस्वामी ने बुधवार को नई दिल्ली में कृषि मंत्री चौहान से मुलाकात कर कर्नाटक के आम किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सहायता और प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) के माध्यम से मूल्य समर्थन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। गौरतलब है कि कृषि मंत्री चौहान इससे पहले भी कुमारस्वामी के पत्र के ज़रिये इस मुद्दे पर संज्ञान ले चुके थे।

किसानों की स्थिति कितनी गंभीर

कुमारस्वामी ने बताया कि कोलार, चिक्काबल्लापुर, रामनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, तुमकुरु और हावेरी समेत कई ज़िलों के किसान आम की गिरती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित हैं। कर्नाटक में लगभग 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और मौजूदा सीज़न में करीब 10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। बाज़ार में अत्यधिक आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।

लागत और बाज़ार भाव का अंतर

कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अनुसार आम की खेती की C-3 लागत ₹3,951 प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि मौजूदा बाज़ार भाव इससे काफी कम हैं। सिंचाई, मज़दूरी और तुड़ाई पर भारी खर्च के बावजूद किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और बागवानी क्षेत्र पर जलवायु संबंधी दबाव भी तेज़ हो रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

कृषि मंत्री चौहान ने कुमारस्वामी की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आम उत्पादकों के हित में जल्द निर्णय लिया जाएगा और राहत संबंधी उपायों की घोषणा शीघ्र की जाएगी। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जल्द ही किसानों के हित में समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मूल्य अस्थिरता और जलवायु संबंधी चुनौतियों से किसानों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे क्या होगा

केंद्र सरकार के MIS और PDPS के तहत हस्तक्षेप की घोषणा का किसान संगठन और बागवानी क्षेत्र बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि राहत उपाय कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं, क्योंकि आम का सीज़न सीमित समय का होता है और देरी से सहायता का असर काफी कम हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी क्रियान्वयन गति ऐतिहासिक रूप से धीमी रही है — और आम का सीज़न इंतज़ार नहीं करता। असली सवाल यह है कि क्या राहत की घोषणा उस वक्त होगी जब किसान अभी भी उपज बेच रहे हों, या फिर सीज़न खत्म होने के बाद। C-3 लागत और बाज़ार भाव के बीच की खाई को पाटने के लिए समयबद्ध हस्तक्षेप ज़रूरी है, महज़ आश्वासन नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के आम किसानों को किस योजना के तहत राहत मिलेगी?
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) और प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) के तहत सहायता की माँग की है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन योजनाओं के तहत शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया है।
कर्नाटक में आम की खेती की लागत कितनी है और बाज़ार भाव क्या है?
कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अनुसार आम की C-3 लागत ₹3,951 प्रति क्विंटल है, जबकि मौजूदा बाज़ार भाव इससे काफी कम हैं। इस अंतर के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कर्नाटक के कौन-से ज़िले आम की कीमत गिरावट से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
कोलार, चिक्काबल्लापुर, रामनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, तुमकुरु और हावेरी ज़िले सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं। इन ज़िलों में आम की खेती प्रमुख व्यावसायिक बागवानी गतिविधि है।
कर्नाटक में इस सीज़न आम का कुल उत्पादन कितना अनुमानित है?
इस सीज़न कर्नाटक में करीब 10 लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है। राज्य में लगभग 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और कर्नाटक देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है।
केंद्र सरकार कब तक राहत उपायों की घोषणा करेगी?
कृषि मंत्री चौहान ने 'शीघ्र' घोषणा का आश्वासन दिया है, लेकिन कोई निश्चित तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है। कुमारस्वामी ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि जल्द ही समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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