एमएसपी पर सूरजमुखी और चने की खरीद को केंद्र की मंजूरी, कर्नाटक-महाराष्ट्र के किसानों को ₹4,886 करोड़ की सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 5 मई 2026 को कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सूरजमुखी और चने की खरीद को मंजूरी दी, जिस पर कुल ₹4,886.46 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि यह निर्णय उन किसानों को बाजार में मजबूरी में सस्ते दाम पर उपज बेचने की स्थिति से बचाने के लिए लिया गया है।
क्या है पूरी योजना
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो अलग-अलग निर्णयों के तहत यह मंजूरी दी। पहले निर्णय में कर्नाटक में रबी 2026 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद को स्वीकृति दी गई, जिसका कुल एमएसपी मूल्य ₹69.66 करोड़ से अधिक होगा। दूसरे निर्णय में महाराष्ट्र में रबी 2025-26 सीजन के लिए पीएसएस के तहत चने की अधिकतम खरीद सीमा बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दी गई, जिसका कुल एमएसपी मूल्य ₹4,816.80 करोड़ से अधिक होगा।
महाराष्ट्र में खरीद की समय-सीमा बढ़ाई
मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में चना खरीद की समय-सीमा में 30 दिनों का विस्तार किया गया है और इसे अब 29 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो निर्धारित अवधि में अपनी उपज की बिक्री पूरी नहीं कर पाए थे। गौरतलब है कि समय-सीमा विस्तार से अधिक-से-अधिक किसान एमएसपी का लाभ उठा सकेंगे और उन्हें बाजार के दबाव में कम कीमत पर उपज नहीं बेचनी पड़ेगी।
किसानों पर क्या होगा असर
यह कदम विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहतकारी है जिन्हें बाजार में उचित मूल्य न मिलने की आशंका के कारण मजबूरी में अपनी फसल बेचनी पड़ती है। एमएसपी पर खरीद की गारंटी से किसानों का भरोसा मजबूत होगा और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। कृषि मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों राज्यों के किसानों को इन फैसलों से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कर्नाटक में सूरजमुखी और महाराष्ट्र में चने की खरीद के ये निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील और सक्रिय है। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों राज्य सरकारों के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए यह स्वीकृति दी। मंत्रालय के अनुसार, इन फैसलों से कृषि क्षेत्र में विश्वास, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण और मजबूत होगा।
आगे क्या होगा
पीएसएस के तहत स्वीकृत खरीद अभियान दोनों राज्यों में तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जबकि महाराष्ट्र में चना खरीद 29 मई 2026 तक जारी रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब रबी सीजन की फसल बाजार में आ रही है और किसान उचित मूल्य की प्रतीक्षा में हैं। केंद्र सरकार की यह पहल आने वाले सीजन में अन्य राज्यों के लिए भी नीतिगत संकेत दे सकती है।