केंद्र सरकार का बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में आलू खरीद को मिली मंजूरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों को मिली राहत
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कृषि उत्पादों की खरीद से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाना और उन्हें कम कीमत पर बिक्री करने की मजबूरी से बचाना है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ समन्वय बनाकर किसानों के हित में समय पर और प्रभावी निर्णय लिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी तरह के नुकसान से सुरक्षित रखा जा सके।
उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत आलू की खरीद को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य में बीस लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद की जाएगी। इस खरीद के लिए निर्धारित दर छह हजार पांच सौ रुपए प्रति मीट्रिक टन रखी गई है। इस निर्णय से राज्य के आलू किसानों को बड़ी राहत मिलने की अपेक्षा है, क्योंकि कई बार बाजार में कीमतें गिरने के कारण किसानों को अपनी उपज कम दामों पर बेचना पड़ता है। इस योजना से उन्हें स्थिर और उचित मूल्य प्राप्त होगा और बाजार में संतुलन भी बना रहेगा।
इसी प्रकार, आंध्र प्रदेश के चना उत्पादक किसानों के लिए राहत की घोषणा की गई है। सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत पहले चौहत्तर हजार मीट्रिक टन चना खरीदने की मंजूरी दी थी, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख तेरह हजार दो सौ पचास मीट्रिक टन कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उन्हें नुकसान की स्थिति से बचाया जा सकेगा।
कर्नाटक में तूर यानी अरहर दाल के किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खरीफ मौसम के दौरान तूर की खरीद के लिए अब तीस दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है, जिससे यह प्रक्रिया पंद्रह मई दो हजार छब्बीस तक जारी रहेगी। इस विस्तार से अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर बिक्री करने की मजबूरी नहीं होगी।
सरकार का कहना है कि इन सभी निर्णयों का मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और कृषि बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूर्ण लाभ मिले और वे किसी भी स्थिति में नुकसान में न रहें।