अमोनिया संकट का त्वरित समाधान, 24 घंटे में आलू भंडारण पर मिली राहत; सरकार का बड़ा कदम
सारांश
Key Takeaways
- अमोनिया गैस की कमी से आलू भंडारण में संकट
- सरकार ने 24 घंटे के भीतर संकट का समाधान किया
- किसानों को मिले बेहतर मूल्य के लिए ओडिशा सरकार के साथ समझौता
- संकट के समाधान में केंद्रीय मंत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका
- किसानों और शीतगृह संचालकों में विश्वास बढ़ा
लखनऊ, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य और विपणन पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में बताया कि अमोनिया गैस की कमी के कारण उत्पन्न संकट का समाधान केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से मात्र 24 घंटे में किया गया, जिससे लाखों किसानों और शीतगृह संचालकों को बड़ी राहत मिली।
मंत्री ने प्रेस वार्ता की शुरुआत में शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार आलू के बेहतर भंडारण और विपणन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि आलू की खपत और बाजार में विस्तार को ध्यान में रखते हुए ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद का समझौता किया गया है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है। मंत्री ने कहा कि इसी दौरान अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति वैश्विक कारणों से उत्पन्न हुई, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर तुरंत समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया गया। एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकी।
मंत्री सिंह ने कहा कि इस त्वरित कार्रवाई से न केवल भंडारित आलू को नुकसान से बचाया गया, बल्कि किसानों और शीतगृह संचालकों में भी विश्वास बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री और संबंधित केंद्रीय मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से ही इस संकट का सफल समाधान संभव हो पाया।