3 नवंबर 2026
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कुमारस्वामी की कर्नाटक पुलिस को चेतावनी: 'जनता का भरोसा मत खोइए, कांग्रेस सरकार की हर हरकत देख रहे लोग'

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कुमारस्वामी की कर्नाटक पुलिस को चेतावनी: 'जनता का भरोसा मत खोइए, कांग्रेस सरकार की हर हरकत देख रहे लोग'

सारांश

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में कर्नाटक पुलिस को सार्वजनिक रूप से आगाह किया कि जनता का भरोसा न गँवाएँ। साथ ही कांग्रेस सरकार पर ₹40,000 करोड़ के आबकारी घोटाले, ₹38,000 करोड़ ठेकेदार बकाये और कानून-व्यवस्था की विफलता के गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक पुलिस को जनता का भरोसा न खोने की चेतावनी दी।
आबकारी विभाग में ₹40,000 करोड़ की कथित वसूली और वक्फ बोर्ड संपत्ति विवादों को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप।
राज्य पर ठेकेदारों का लगभग ₹38,000 करोड़ बकाया होने का दावा; सरकार पर बिना बजट आवंटन के आधारशिला कार्यक्रम करने का आरोप।
गन्ना किसानों के लिए ₹750 प्रति टन अतिरिक्त समर्थन मूल्य देने की माँग।
हिरियूर विधानसभा उपचुनाव के लिए एनडीए में सर्वसम्मत उम्मीदवार पर चर्चा पूरी, कडुगोल्ला समुदाय के नेताओं से सहमति।
2006-07 की ₹4,500 करोड़ की झील परियोजना को मौजूदा सरकार द्वारा नज़रअंदाज़ करने का आरोप।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नाटक पुलिस को सख्त शब्दों में आगाह किया कि वह जनता का भरोसा न खोए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में घटित हो रही घटनाओं पर आम जनता पैनी नज़र बनाए हुए है।

मुख्य आरोप और चेतावनी

कुमारस्वामी ने कहा, 'पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों का उन पर से भरोसा न उठे। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो कुछ भी हो रहा है, जनता उसे देख रही है।' उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था संभालने के तरीके, हत्या मामलों की जाँच, आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं और वक्फ बोर्ड संपत्ति विवादों को लेकर कड़ी आलोचना की।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड संपत्तियों से जुड़े हालिया विवादों और आबकारी विभाग में ₹40,000 करोड़ की कथित वसूली के आरोपों ने सरकार के कामकाज पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह और खुफिया विभागों ने राज्य में हुई हत्याओं के मामलों की जाँच की दिशा भटकाने का काम किया है।

राज्य की आर्थिक स्थिति पर तीखा प्रहार

मंत्री ने दावा किया कि कर्नाटक की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डाँवाडोल हो चुकी है और राज्य सरकार पर ठेकेदारों का लगभग ₹38,000 करोड़ बकाया है, जिन्होंने पहले ही काम पूरा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया, 'कोई काम पूरा नहीं होता, लेकिन सरकार आधारशिला रखने के कार्यक्रम आयोजित करके मुफ्त में प्रचार हासिल कर लेती है। बिना फंड के परियोजनाएँ शुरू करना और ऐसी घोषणाओं के ज़रिए लोगों को गुमराह करना कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है।'

गौरतलब है कि 2006-07 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कुमारस्वामी ने बताया कि उनकी तत्कालीन सरकार ने चित्रदुर्ग, तुमकुरु और कोलार जिलों में झीलें भरने के लिए ₹4,500 करोड़ की एक महत्त्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने इस परियोजना को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया है।

हिरियूर उपचुनाव और एनडीए उम्मीदवार

हिरियूर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के बारे में कुमारस्वामी ने बताया कि एनडीए की ओर से एक सर्वसम्मत उम्मीदवार उतारने के लिए कडुगोल्ला समुदाय के प्रमुख नेताओं और राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सभी संबंधित पक्षों की आपसी सहमति और तालमेल से लिया गया है।

गन्ना किसानों की माँग और सरकार पर आरोप

गन्ना किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर उनकी चिंताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानियों पर ध्यान देना और गन्ने के लिए कम से कम ₹750 प्रति टन का अतिरिक्त समर्थन मूल्य देना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडीएस विधायक दल के नेता सीबी सुरेश बाबू, पूर्व विधायक निंगप्पा, डॉ. के. अन्नादानी, डोड्डांगौडा पाटिल, विधान परिषद के पूर्व सदस्य के.ए. थिप्पे स्वामी, ग्रेटर बेंगलुरु जेडीएस अध्यक्ष एच.एम. रमेश गौडा, तिप्तुर के वरिष्ठ नेता शांतकुमार और कुनिगल निर्वाचन क्षेत्र के नेता जगदीश भी मौजूद रहे। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी जेडीएस-BJP गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और आगामी उपचुनाव इस तनाव को और गहरा करने वाले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हिरियूर उपचुनाव से पहले जेडीएस-BJP गठबंधन की सुनियोजित राजनीतिक रणनीति की एक कड़ी लगती है। ₹40,000 करोड़ के आबकारी आरोप और ₹38,000 करोड़ के ठेकेदार बकाये जैसे बड़े दावे तथ्यात्मक सत्यापन की माँग करते हैं, जो अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुआ है। पुलिस को सीधे संबोधित करना असामान्य है और यह संकेत देता है कि विपक्ष कर्नाटक में कानून-व्यवस्था को 2028 चुनाव से पहले केंद्रीय मुद्दा बनाना चाहता है। असली परीक्षा यह है कि क्या कांग्रेस सरकार इन आरोपों का जवाब आँकड़ों और जाँच रिपोर्टों से देती है, या ये दावे राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमारस्वामी ने कर्नाटक पुलिस को क्या चेतावनी दी?
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में कहा कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनता का उन पर से भरोसा न उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही घटनाओं पर आम जनता पैनी नज़र रखे हुए है।
कुमारस्वामी ने कर्नाटक की आर्थिक स्थिति पर क्या आरोप लगाए?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पर ठेकेदारों का लगभग ₹38,000 करोड़ बकाया है और आबकारी विभाग में ₹40,000 करोड़ की कथित वसूली हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बिना बजट आवंटन के केवल आधारशिला कार्यक्रम आयोजित कर प्रचार हासिल कर रही है।
हिरियूर उपचुनाव में एनडीए की क्या तैयारी है?
कुमारस्वामी के अनुसार हिरियूर विधानसभा उपचुनाव के लिए एनडीए की ओर से एक सर्वसम्मत उम्मीदवार उतारने पर कडुगोल्ला समुदाय के नेताओं और BJP के राष्ट्रीय नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा हो चुकी है। यह फैसला सभी पक्षों की आपसी सहमति से लिया गया बताया जा रहा है।
गन्ना किसानों के लिए कुमारस्वामी ने क्या माँग रखी?
कुमारस्वामी ने माँग की कि कर्नाटक सरकार गन्ने के लिए कम से कम ₹750 प्रति टन का अतिरिक्त समर्थन मूल्य किसानों को दे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार विरोध कर रहे गन्ना किसानों की चिंताओं की अनदेखी कर रही है।
कुमारस्वामी ने 2006-07 की किस परियोजना का ज़िक्र किया?
कुमारस्वामी ने बताया कि उनके 2006-07 के मुख्यमंत्री कार्यकाल में चित्रदुर्ग, तुमकुरु और कोलार जिलों में झीलें भरने के लिए ₹4,500 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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