कर्नाटक में किसान आत्महत्या: कुमारस्वामी का आरोप, 2 वर्षों में 5,394 मौतें, कांग्रेस सरकार छिपा रही सच
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने 19 मई 2026 को बेंगलुरु स्थित जेडी(एस) कार्यालय जेपी भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार राज्य में किसान आत्महत्या के मामलों को जानबूझकर दबा रही है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2023 और 2024 के दौरान राज्य में कुल 5,394 किसानों और कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की।
एनसीआरबी के आंकड़े और कुमारस्वामी के दावे
कुमारस्वामी ने NCRB के आंकड़ों के अनुसार बताया कि वर्ष 2023 में कर्नाटक में 2,423 किसानों और कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,971 हो गई। उन्होंने कहा, 'सिर्फ दो वर्षों में 5,394 किसानों ने अपनी जान गंवाई है। किसान आत्महत्या के मामलों में कर्नाटक देश में दूसरे स्थान पर है। क्या सरकार को इन आंकड़ों की जानकारी नहीं है या फिर वह जानबूझकर इन्हें दबा रही है?'
गौरतलब है कि कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि अखबारों में किसानों की आत्महत्या से जुड़ी खबरें पढ़कर उन्हें गहरा झटका लगा। उनके अनुसार, सरकार इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने के बजाय बड़े-बड़े सम्मेलन आयोजित करने में लगी हुई है।
तुमकुरु सम्मेलन पर निशाना
कुमारस्वामी ने तुमकुरु में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित सम्मेलन को लेकर भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की बदहाली के बीच सरकार करोड़ों रुपये फिजूल खर्च कर रही है। उनके शब्दों में, 'इस सरकार ने किसानों की जिंदगी पर मानो एक कब्र बना दी है और उसी के ऊपर अपनी भव्यता का प्रदर्शन कर रही है। किसान हर दिन मर रहे हैं और सरकार गारंटी योजनाओं के नाम पर जश्न मना रही है।'
उन्होंने सरकार की गारंटी योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि योजनाएं वास्तव में सफल हैं तो किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए अधिकारियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और अधिकारियों को लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है।
बिदादी टाउनशिप परियोजना पर विवाद
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर दी गई चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वे कहीं भी सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिदादी में कथित तौर पर करीब 3,500 लोगों ने परियोजना के खिलाफ आपत्तियां और याचिकाएं दी हैं। उनके अनुसार, किसानों को कथित तौर पर गुंडों और पुलिस के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कुमारस्वामी ने तर्क दिया कि यदि परियोजना वास्तव में किसानों के हित में होती तो किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन दे देते।
जेडी(एस) में नई एंट्री की तैयारी
इस प्रेस वार्ता में कुमारस्वामी ने यह भी घोषणा की कि पूर्व विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति जल्द ही जनता दल (सेक्युलर) में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह बेंगलुरु में मूर्ति के आवास पर उनकी मुलाकात हुई, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। कुमारस्वामी ने कहा, 'वे जेडी(एस) में शामिल होने के इच्छुक हैं और जल्द ही उनके औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने की तारीख तय की जाएगी।'
आगे क्या होगा
कुमारस्वामी के इन आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार अपने तीन वर्षों की उपलब्धियों का प्रचार कर रही है। किसान संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से NCRB के आंकड़ों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की मांग बढ़ सकती है।