क्या फिल्म ‘इंडिया पाकिस्तान द फाइनल रेज़ोल्यूशन’ शांति का संदेश देगी? : युवराज कुमार
सारांश
Key Takeaways
- भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर आधारित कहानी
- शांति की आवश्यकता को उजागर करती है
- फिल्म में स्थानीय संस्कृति को दिखाया जाएगा
- कश्मीर में शूटिंग का महत्व
- युद्ध के नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा
श्रीनगर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 26 जनवरी के अवसर पर सिनेमा में देशभक्ति से भरी फिल्में बनाई जा रही हैं और इसी संदर्भ में नई फिल्म ‘इंडिया पाकिस्तान-द फाइनल रेजोल्यूशन’ का नाम भी सामने आया है।
यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे लंबे संघर्ष को प्रदर्शित करेगी। फिल्म निर्माता युवराज कुमार ने फिल्म की शूटिंग और कश्मीर की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की है।
फिल्म निर्माता युवराज कुमार ने अपनी आगामी फिल्म 'इंडिया पाकिस्तान: द फाइनल रेज़ोल्यूशन' पर चर्चा करते हुए राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के जटिल रिश्तों का वर्णन करती है और दोनों देशों के बीच शांति की आवश्यकता पर जोर देती है। पिछले कुछ समय से इन दोनों देशों के बीच संबंध ठीक नहीं रहे हैं और युद्ध तक की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह फिल्म इन मुद्दों पर गहराई से बात करेगी।"
युवराज कुमार ने आगे कहा, "बीते वर्ष दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ और इसके नकारात्मक परिणाम भी सामने आए। यह फिल्म उन समस्याओं का समाधान प्रदान करेगी जो दोनों देशों के बीच विद्यमान हैं। यह दर्शाएगी कि भारत और पाकिस्तान के लोग वास्तव में क्या चाहते हैं? क्या वे युद्ध चाहते हैं? जवाब है नहीं। कोई भी युद्ध और संघर्ष नहीं चाहता। इसके अलावा, फिल्म में भारत-पाकिस्तान के बीच के पुराने मुद्दों को भी उठाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि अभी भी समय है और दोनों देश अच्छे पड़ोसी के रूप में रह सकते हैं, क्योंकि युद्ध के समय आम जनता सबसे अधिक प्रभावित होती है।"
फिल्म की शूटिंग के बारे में, निर्माता ने कहा, "फिल्म का कुछ हिस्सा मुंबई में और कुछ कश्मीर में शूट किया जाएगा। हमने कई लोकेशन फाइनल किए हैं और जल्द ही वहां शूटिंग शुरू की जाएगी।"
पहलगाम में हुए हमले के बाद कश्मीर में शूटिंग फिर से शुरू करने के सवाल पर, निर्माता ने कहा, "कश्मीर एक बेहद खूबसूरत स्थान है, लेकिन पिछले वर्ष पहलगाम में हुई घटना ने लोगों को कुछ हद तक भयभीत कर दिया। हालाँकि, मैंने उस दौरान कश्मीर में शूटिंग की थी और मुझे विश्वास है कि कश्मीर की खूबसूरत वादियों में शूटिंग करने से टूरिज्म और क्षेत्रीय फिल्में प्रोत्साहित होंगी। वहां के स्थानीय लोग चाहते हैं कि कश्मीर पहले जैसा बन जाए और शूटिंग फिर से शुरू हो, क्योंकि स्थानीय लोगों की आजीविका टूरिज्म पर निर्भर करती है।"