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क्या हर अच्छे काम का समर्थन किया जाना चाहिए? : मंत्री अनिल राजभर

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क्या हर अच्छे काम का समर्थन किया जाना चाहिए? : मंत्री अनिल राजभर

सारांश

मंत्री अनिल राजभर ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ पर अपनी राय दी और वक्फ संशोधन कानून, तेजस्वी यादव की यात्रा, पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया, भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते और महाराजा सुहलदेव पर विवादित टिप्पणी का भी जिक्र किया।

मुख्य बातें

अनिल राजभर ने अच्छे काम का समर्थन करने की बात की।
वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय महत्वपूर्ण है।
तेजस्वी यादव की यात्रा को राहुल गांधी के फ्लॉप शो से जोड़ा।
भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौता केंद्र सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
महाराजा सुहलदेव की बहादुरी का जिक्र किया।

लखनऊ, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सराहना पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हर अच्छे काम का समर्थन किया जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून के सभी प्रावधानों पर रोक नहीं लगाई है। यह संशोधन गरीब मुस्लिमों के हित में है, इसलिए कोर्ट ने इस पर रोक नहीं लगाई। मेरा मानना है कि अपीलकर्ता को संतुष्ट करने के लिए कुछ दिनों तक सुनवाई होनी चाहिए। केंद्र सरकार गरीब मुस्लिमों के हितों को प्राथमिकता देते हुए यह बिल लेकर आई है, और इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रोक नहीं लगाने का निर्णय लिया।

तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' पर उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बिहार में 'फ्लॉप शो' हुआ था। अब उसी की भरपाई के लिए तेजस्वी यादव यात्रा निकाल रहे हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से भी ज्यादा खराब स्थिति तेजस्वी यादव की यात्रा की होने वाली है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने पर उन्होंने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं। इससे सभी फर्जी मतदाताओं को चिन्हित किया जा सकेगा। देश में 11वीं बार एसआईआर होने जा रहा है। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी मतदाता भारतीय हों। विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापारिक समझौते का स्वागत किया और कहा कि यह केंद्र सरकार के प्रयासों का परिणाम है। आज अमेरिका ने भारत के आगे झुकना ही उचित समझा। यह वैश्विक स्तर पर हमारी ताकत को दर्शाता है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।

शौकत अली की महाराजा सुहलदेव पर विवादित टिप्पणी के संबंध में मंत्री राजभर ने कहा कि ऐसे लोग मूर्ख हैं। इन्हें कुछ नहीं पता। महाराजा सुहलदेव सनातन धर्म के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध थे। सैयद सालार एक लुटेरा और आक्रांता था, जिसे बाद में 'गाजी' बना दिया गया। इन मूर्खों को सुहलदेव की बहादुरी का ज्ञान नहीं है। विद्वानों ने लिखा है कि जब महाराजा सुहलदेव ने तलवार उठाई थी, तब अफगानिस्तान तक मुगलों के घर में कोई दीपक जलाने वाला नहीं बचा था। दो सौ वर्ष तक कोई भी पलटकर भारत की तरफ देखने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर अनिल राजभर ने कहा कि उन्हें अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। किसी के लिए भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनिल राजभर के बयानों में न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि सभी पक्ष अपनी बात रखें, लेकिन संवाद की मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिल राजभर का वक्फ संशोधन कानून पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रावधानों पर रोक नहीं लगाई है और यह गरीब मुस्लिमों के हित में है।
तेजस्वी यादव की यात्रा पर अनिल राजभर की प्रतिक्रिया क्या थी?
उन्होंने इसे राहुल गांधी के फ्लॉप शो की भरपाई करने का प्रयास बताया।
भारत और अमेरिका के व्यापारिक समझौते पर मंत्री का क्या विचार है?
उन्होंने इसे केंद्र सरकार के प्रयासों का परिणाम बताया और इसका स्वागत किया।
महाराजा सुहलदेव पर शौकत अली की टिप्पणी पर अनिल राजभर का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मूर्ख हैं और सुहलदेव की बहादुरी का ज्ञान नहीं रखते।
अखिलेश यादव के बयान पर अनिल राजभर ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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