लद्दाख में 'नशामुक्त अभियान' की तैयारी: एलजी वी.के. सक्सेना ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 27 मई 2025 को लेह में लद्दाख में बढ़ते नशे के संकट से निपटने के लिए एक व्यापक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, धार्मिक संगठन और एनजीओ एक साथ आए। बैठक का केंद्रीय उद्देश्य क्षेत्र में नशे की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और ठोस उपायों की रूपरेखा तैयार करना था।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में एलजी सक्सेना ने ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाहनों की जाँच, स्थानीय टैक्सियों की निगरानी और जोजिला तथा सरचू जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी सतर्कता बरतने के आदेश दिए। यह कदम इस आशंका के मद्देनज़र उठाया गया है कि बाहरी मार्गों से नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है।
युवाओं और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
एलजी ने स्कूलों, कॉलेजों और पर्यटक स्थलों को विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करते हुए वहाँ अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत हेल्पलाइन '112' स्थापित करने का आदेश दिया, जिसके ज़रिये नशे के शिकार मरीज़ों और उनके परिवारों को सहायता मिल सकेगी। इसके लिए एक समर्पित टीम गठित की जाएगी, जो परिवहन और पुनर्वास सेवाओं का समन्वय करेगी।
पुनर्वास और उपचार की नई पहल
महाबोधि करुणा चैरिटेबल अस्पताल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने की योजना है। इसके तहत मनोचिकित्सकीय निगरानी में ध्यान और रिट्रीट आधारित उपचार सत्र संचालित किए जाएँगे। एलजी ने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों के परामर्श, उपचार और पुनर्वास को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी।
सोनम वांगचुक से मुलाकात
इसी दौरान एलजी सक्सेना ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी मुलाकात की, जिसमें वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो भी उपस्थित थीं। एलजी कार्यालय के अनुसार, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि विकास पहलों और राजनीतिक संवाद में सकारात्मक माहौल बनाए रखना ज़रूरी है। सक्सेना ने कहा कि उन्होंने वांगचुक को आगाह किया कि वे कोई भ्रामक या भड़काऊ कहानी न गढ़ें जिससे सार्वजनिक विमर्श प्रभावित हो। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का अर्थ झूठी बातें फैलाना नहीं है। वांगचुक ने स्वीकार किया कि लद्दाख की स्थिति की तुलना मणिपुर से करना उनके फैसले में एक चूक थी।
आगे की राह
एलजी ने सभी हितधारकों से मिलकर 'नशामुक्त लद्दाख' के लक्ष्य को हासिल करने की अपील की। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब लद्दाख जैसे दूरस्थ और पर्यटन-केंद्रित क्षेत्रों में नशे के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आने वाले हफ्तों में एमओयू पर हस्ताक्षर और हेल्पलाइन की शुरुआत अपेक्षित है।