लावण्या हत्याकांड: मंगलुरु में सांप्रदायिक पोस्ट पर कर्नाटक पुलिस ने 9 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मामले दर्ज किए
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने बंटवाल (मंगलुरु जिला) के केएसआरटीसी बस स्टैंड पर 21 वर्षीय लावण्या की निर्मम हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सांप्रदायिक सामग्री फैलाने के आरोप में 9 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। 19 जुलाई को की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मंगलुरु क्षेत्र में सद्भाव बनाए रखना है।
सोशल मीडिया पर क्या फैलाया गया
पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन (22) की एडिट की गई तस्वीरें सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देकर ऑनलाइन फैलाई गईं। कई पोस्ट में उसे गलत तरीके से हिंदू एक्टिविस्ट, बजरंग दल का सदस्य और कांग्रेस कार्यकर्ता बताया गया तथा उसे एक खास समुदाय से जोड़ा गया। कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी को बजरंग दल ने प्रशिक्षण दिया था — एक ऐसा दावा जिसकी पुलिस ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इन पोस्ट के जवाब में सोशल मीडिया पर जवाबी बहस तेज़ हो गई, जिससे अधिकारियों ने सांप्रदायिक तनाव भड़कने का खतरा भाँपा।
किन अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई
बंटवाल पुलिस ने जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, उनमें 'ट्रोल मास्टर', 'उदैफ अनाक्कल', 'हिबा फातिमा', 'पद्मराज', 'आलिया अलीफा', 'शैलजा अमरनाथ', 'चेतन बेलचाडा', 'हर्ष के. शेट्टी' और 'किरण आराध्या' शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया, "इलाके में सांप्रदायिक तनाव की संभावना को देखते हुए हम कोई जोखिम नहीं उठा सकते। मंगलुरु में भड़काऊ और उकसावे वाले सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई कई सालों से जारी है।"
लावण्या हत्याकांड: क्या हुआ था
काक्यापाडावु निवासी लावण्या कल्लाडका के एक निजी नर्सिंग होम में कार्यरत थी। वह बंटवाल बस स्टैंड से अपने घर लौटने के लिए केएसआरटीसी बस में बैठी थी, तभी आरोपी चेतन कथित तौर पर उसके बगल में बैठ गया। यात्रा के दौरान लावण्या ने एक रिश्तेदार को फोन कर बताया कि एक युवक उसके पास बैठा है — इसके कुछ ही देर बाद फोन कट गया।
बस स्टैंड पर उतरते ही आरोपी ने उसका पीछा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने अपने बैग से एक बड़ा चाकू निकाला और सबके सामने लावण्या पर कई बार हमला किया। भागने की कोशिश में उसे कई चोटें आईं और वह वहीं गिर पड़ी। चिकित्सा सहायता मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हमले के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
गौरतलब है कि हमले के कुछ हिस्से एक राहगीर के मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गए, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए।
जाँच की स्थिति और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने आरोपी की पहचान चेतन (22) के रूप में की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जाँच से संकेत मिलता है कि लावण्या द्वारा उसकी कोशिशों को ठुकराए जाने के बाद वह लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। जाँच अधिकारी आरोपी के किसी हिंदू संगठन से कथित जुड़ाव की खबरों की भी पड़ताल कर रहे हैं, हालाँकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मंगलुरु के पुलिस अधीक्षक अरुण के. समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर जाँच की समीक्षा की। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
इस हत्याकांड ने मंगलुरु में भारी आक्रोश फैला दिया है और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ फिर गहरी हो गई हैं। यह घटना उसी तालुक के मांची गाँव में हुए एक और हिंसक हमले के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जहाँ बस स्टॉप पर प्रतीक्षा कर रही एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया था। स्थानीय निवासी पीड़िता के लिए त्वरित न्याय और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम की माँग कर रहे हैं।