26 अक्टूबर 2026
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लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस नई दिल्ली पहुंचे, मंगलवार को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

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लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस नई दिल्ली पहुंचे, मंगलवार को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस PM मोदी के निमंत्रण पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। 2026 में यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। मंगलवार को हैदराबाद हाउस में मोदी से द्विपक्षीय वार्ता और राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा राजकीय भोज निर्धारित है।

मुख्य बातें

लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचे; हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने स्वागत किया।
उनके साथ पत्नी प्रिंसेस सोफिया और उद्योग जगत के नेताओं सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
मंगलवार को हैदराबाद हाउस में PM मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता; विदेश मंत्री एस.
जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात होगी।
वार्ता का एजेंडा: व्यापार-निवेश, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रिंस एलॉइस के सम्मान में राजकीय भोज देंगी।
यह 2025 में लागू भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद की पहली उच्चस्तरीय यात्रा है।

लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस आधिकारिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-लिकटेंस्टीन द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देना है।

यात्रा का कार्यक्रम

प्रिंस एलॉइस रविवार को मुंबई पहुंचे थे, जहाँ से उन्होंने वडोदरा का भी दौरा किया। उनके साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफिया सहित वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल है। मंगलवार को प्रिंस एलॉइस का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत होगा, इसके बाद वे राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।

उसी दिन वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से भी मुलाकात करेंगे। मंगलवार की शाम हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। दौरे के समापन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।

वार्ता के एजेंडे में क्या है

दोनों देशों के नेता व्यापार और निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब 2025 में भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हो चुका है, जिसने दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को एक नई संस्थागत रूपरेखा दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा इसी ढाँचे के तहत नए क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने का अवसर है।

दोनों देशों के संबंधों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह 2026 में प्रिंस एलॉइस की भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए थे। इसके पूर्व उन्होंने 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा किया था। राज्य मंत्री जयंत सिंह ने कहा कि दावोस में हुई पिछली मुलाकात के बाद वे भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों को और मज़बूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं।

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान की नींव पर टिके हैं। यह दौरा इन संबंधों को नई गहराई देने का काम करेगा।

आगे क्या होगा

मंगलवार की बैठकों के नतीजों पर सभी की निगाह रहेगी, खासकर व्यापार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में किसी ठोस घोषणा की संभावना के मद्देनज़र। भारत-ईएफटीए समझौते के लागू होने के बाद यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वैश्विक वित्त और ईएफटीए के ढाँचे में उसकी भूमिका को कम आँकना उचित नहीं। 2025 में लागू हुए भारत-ईएफटीए समझौते के बाद यह यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — यह उस समझौते को व्यावहारिक ज़मीन पर उतारने की कोशिश है। 2026 में प्रिंस एलॉइस की यह दूसरी भारत यात्रा और एआई समिट से लेकर राजकीय दौरे तक की रफ़्तार बताती है कि दोनों देश संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने में गंभीर हैं। असली कसौटी यह होगी कि मंगलवार की बैठकों से ठोस निवेश या तकनीकी सहयोग के करार निकलते हैं या नहीं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस भारत क्यों आए हैं?
प्रिंस एलॉइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-लिकटेंस्टीन द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना और व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
प्रिंस एलॉइस की PM मोदी से बैठक कब और कहाँ होगी?
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रिंस एलॉइस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। इसी दिन वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे।
भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते का इस यात्रा से क्या संबंध है?
2025 में भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हुआ था, जिसमें लिकटेंस्टीन ईएफटीए का सदस्य होने के नाते शामिल है। यह यात्रा उस समझौते के तहत नए क्षेत्रों में सहयोग को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मानी जा रही है।
प्रिंस एलॉइस ने इससे पहले कब-कब भारत का दौरा किया है?
प्रिंस एलॉइस ने 2010 और 2018 में भारत का दौरा किया था। इसके बाद फरवरी 2026 में वे नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए थे। अक्टूबर 2026 की यह यात्रा उसी वर्ष उनकी दूसरी भारत यात्रा है।
प्रिंस एलॉइस के भारत दौरे में राष्ट्रपति से मुलाकात होगी?
हाँ, मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में प्रिंस एलॉइस का औपचारिक स्वागत होगा और वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन भी करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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