लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव से की मुलाकात, संसदीय सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से भेंट की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, संसदों के बीच संवाद बढ़ाने तथा कानून-निर्माण के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह बैठक उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री की भारत की आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन हुई।
बैठक में क्या हुई चर्चा
ओम बिरला ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'संसद भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से मुलाकात कर खुशी हुई। हमारी बातचीत काफी उपयोगी रही और हमने भारत तथा उज्बेकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।' उन्होंने विशेष रूप से संसदीय सहयोग, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव ने भी एक्स पर इस मुलाकात को 'बेहद सकारात्मक और सार्थक' बताया। उन्होंने लिखा कि संसदीय कूटनीति उज्बेकिस्तान और भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ताशकंद यात्रा और पुरानी प्रतिबद्धता
बिरला ने बैठक में अप्रैल 2025 की अपनी ताशकंद यात्रा का उल्लेख किया, जब वे इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन (IPU) की 150वीं वर्षगांठ सभा में भाग लेने गए थे। उस दौरे में उनकी मुलाकात उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, सीनेट की अध्यक्ष तंजिला नारबायेवा और विधायी सदन के अध्यक्ष नुरिद्दीन इस्मोइलोव से हुई थी। बिरला के अनुसार, उन मुलाकातों ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और संसदीय सहयोग को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता को मजबूती दी थी।
सैदोव ने भी बिरला की ताशकंद यात्रा के दौरान मिले 'गर्मजोशी भरे स्वागत और पारंपरिक मेहमाननवाजी' के प्रति उनकी सराहना को दोहराया।
भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मित्रता समूह
बैठक में बिरला ने बताया कि भारतीय संसद ने मार्च 2026 में भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मित्रता समूह का गठन किया है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह समूह आर्थिक विकास, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय पहलों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच का काम करेगा। गौरतलब है कि यह समूह ऐसे समय में बना है जब दोनों देशों के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी को लेकर नई पहलें जोर पकड़ रही हैं।
सैदोव की भारत यात्रा का व्यापक संदर्भ
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव सोमवार, 3 अगस्त को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरे में उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता की, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की और उज्बेकिस्तान-भारत बिजनेस फोरम में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात इस यात्रा की एक अहम कड़ी रही, जो संसदीय स्तर पर संबंधों को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
आने वाले समय में दोनों देशों के संसदीय मित्रता समूह की गतिविधियाँ और IPU जैसे बहुपक्षीय मंचों पर साझा भागीदारी इस रिश्ते को नई ऊँचाई देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।