31 जुलाई 2026
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उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार की 2 अगस्त से भारत यात्रा, जयशंकर और राष्ट्रपति मुर्मु से होगी मुलाकात

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उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार की 2 अगस्त से भारत यात्रा, जयशंकर और राष्ट्रपति मुर्मु से होगी मुलाकात

सारांश

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच की 2 से 5 अगस्त की भारत यात्रा महज शिष्टाचार नहीं — यह व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने का मौका है। राष्ट्रपति मुर्मु और जयशंकर से मुलाकात के साथ बिजनेस फोरम में भागीदारी भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को ठोस आकार देती है।

मुख्य बातें

सैदोव बख्तियार ओडिलोविच 2 से 5 अगस्त 2026 तक चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आएंगे।
3 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट और हैदराबाद हाउस में डॉ.
जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक।
दिल्ली में आयोजित बिजनेस फोरम में भी भागीदारी; व्यापार और निवेश पर विशेष ध्यान।
20 जुलाई को जयशंकर और ओडिलोविच के बीच टेलीफोनिक वार्ता हो चुकी है, जिसमें संबंध मजबूत करने पर सहमति बनी।
मई 2026 में नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श का 17वाँ दौर आयोजित हुआ था।

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच 2 अगस्त से 5 अगस्त 2026 तक चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट करेंगे और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह यात्रा भारत-उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यात्रा कार्यक्रम का विवरण

2 अगस्त की रात 10:45 बजे सैदोव बख्तियार इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टर्मिनल-3) पर पहुँचेंगे। 3 अगस्त को सुबह 10:20 बजे वे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे वे दिल्ली में आयोजित बिजनेस फोरम में भाग लेंगे।

उसी दिन शाम 6:00 बजे हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। 4 अगस्त को दिल्ली में अन्य कार्यक्रमों में भागीदारी का कार्यक्रम है। 5 अगस्त को दोपहर 1:45 बजे वे नई दिल्ली से वापस रवाना होंगे।

जयशंकर की पूर्व टेलीफोनिक वार्ता

इस यात्रा की पृष्ठभूमि 20 जुलाई को तैयार हुई, जब विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ओडिलोविच से फोन पर बातचीत की और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "आज उज्बेकिस्तान के सैदोव बख्तियार से अच्छी बातचीत हुई। हमने व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों सहित अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।"

ओडिलोविच ने भी इस वार्ता को 'सार्थक' बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है।

द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मई 2026 में नई दिल्ली में भारत-उज्बेकिस्तान के बीच विदेश कार्यालय परामर्श का 17वाँ दौर आयोजित हुआ था, जिसमें व्यापार, निवेश, पर्यटन, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई थी। दोनों देशों के अधिकारियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया था।

ओडिलोविच के अनुसार, उज्बेकिस्तान और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर आधारित संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और सहयोग के सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।

बिजनेस फोरम और आर्थिक सहयोग

यात्रा के दौरान बिजनेस फोरम में भागीदारी इस बात का संकेत है कि दोनों देश राजनयिक संबंधों के साथ-साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपनी 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के तहत संबंध प्रगाढ़ कर रहा है।

आगे की राह

इस यात्रा से दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित और भरोसेमंद संवाद की नींव और मजबूत होने की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने उच्चतम स्तर पर द्विपक्षीय संवाद के आगामी कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के भीतर सहयोग बढ़ाने पर भी विचार साझा किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का ठोस प्रयास है। हालाँकि, 17 दौर के परामर्शों के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा अभी भी अपनी संभावनाओं से काफी पीछे है — असली कसौटी यही होगी कि इस यात्रा के बाद ठोस समझौते और निवेश प्रवाह सामने आते हैं या नहीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार की भारत यात्रा कब है?
सैदोव बख्तियार ओडिलोविच 2 से 5 अगस्त 2026 तक चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आएंगे। वे 2 अगस्त की रात 10:45 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे और 5 अगस्त को दोपहर 1:45 बजे रवाना होंगे।
भारत यात्रा के दौरान सैदोव बख्तियार किनसे मिलेंगे?
वे 3 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेंगे और शाम को हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा वे दिल्ली में आयोजित बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हाल के संबंध कैसे रहे हैं?
मई 2026 में नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श का 17वाँ दौर आयोजित हुआ, जिसमें व्यापार, निवेश, पर्यटन, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और शिक्षा पर चर्चा हुई। 20 जुलाई को जयशंकर और ओडिलोविच के बीच टेलीफोनिक वार्ता भी हो चुकी है।
इस यात्रा में बिजनेस फोरम का क्या महत्व है?
बिजनेस फोरम में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री की भागीदारी इस बात का संकेत है कि दोनों देश राजनयिक संबंधों के साथ-साथ व्यापार और निवेश को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। यह भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के तहत आर्थिक सहयोग को ठोस आकार देने का प्रयास है।
जयशंकर ने एक्स पर उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री के बारे में क्या लिखा?
20 जुलाई को टेलीफोनिक वार्ता के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज उज्बेकिस्तान के सैदोव बख्तियार से अच्छी बातचीत हुई। हमने व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों सहित अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।' ओडिलोविच ने भी इस वार्ता को सार्थक बताया।
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