लखनऊ ऑनर किलिंग: 16 वर्षीय शब्बा का शव छह टुकड़ों में ट्रेन में मिला, पिता समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर 17 मई 2026 को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक लावारिस बॉक्स के अंदर 16 वर्षीय किशोरी शब्बा का शव छह टुकड़ों में मिला — और उसका सिर अब भी लापता है। कथित ऑनर किलिंग के इस मामले में जीआरपी (Government Railway Police) ने 21 मई को पीड़िता के पिता समेत तीन लोगों को कुशीनगर से गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
रेलवे कर्मचारियों ने 17 मई को गोमतीनगर स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की सीट के नीचे एक संदिग्ध बॉक्स देखा। सूचना मिलते ही जीआरपी टीम मौके पर पहुंची और बॉक्स खोला, तो अंदर एक किशोरी का शव छह हिस्सों में मिला। शव का सिर बॉक्स में नहीं था।
पुलिस ने कई रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। कुशीनगर जिले के तमकुही रेलवे स्टेशन के फुटेज से अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
तीनों गिरफ्तार आरोपी कुशीनगर के निवासी हैं। इनमें पीड़िता के पिता विग्गन अंसारी (44 वर्ष), उनकी बहन नूरजहां (55 वर्ष) और बहनोई मोजीबुल्ला अंसारी (65 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को कुशीनगर से ही हिरासत में लिया गया।
रेलवे एसपी रोहित मिश्रा के अनुसार, आरोपियों के पास से हत्या और शव के टुकड़े करने में इस्तेमाल किए गए दो 'बांका' (धारदार हथियार) बरामद किए गए हैं।
हत्या की कथित वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका शब्बा का किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था, जिससे परिवार नाराज था। पुलिस को आशंका है कि इसी कारण पिता विग्गन अंसारी ने अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर किशोरी की हत्या की। पहचान छिपाने और जांच को भटकाने के इरादे से शव के टुकड़े कर उन्हें ट्रेन में रख दिया गया। गौरतलब है कि यह मामला कथित 'ऑनर किलिंग' की श्रेणी में आता है, जिसमें परिवार के सदस्य ही कथित रूप से पीड़िता की जान लेते हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस अब पीड़िता के लापता सिर की तलाश में जुटी है। कुशीनगर और बिहार सीमा से लगे इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
आगे क्या होगा
यह मामला उत्तर प्रदेश में ऑनर किलिंग की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस षड्यंत्र में कोई और व्यक्ति शामिल था। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।