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मध्य प्रदेश में 'टू चाइल्ड' नियम समाप्त, CM मोहन यादव ने 23 साल पुराना प्रतिबंध हटाने के दिए आदेश

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मध्य प्रदेश में 'टू चाइल्ड' नियम समाप्त, CM मोहन यादव ने 23 साल पुराना प्रतिबंध हटाने के दिए आदेश

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने 2001 से लागू 'टू चाइल्ड' नियम को खत्म कर दिया है — यानी अब दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार भी सरकारी नौकरी पा सकेंगे। CM मोहन यादव के इस फैसले से भर्ती और पदोन्नति दोनों पर लगी 23 साल पुरानी रोक हट गई है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 9 जून 2026 को 23 वर्ष पुराने 'टू चाइल्ड' नियम को समाप्त करने के आदेश दिए।
यह नियम 26 जनवरी 2001 से लागू था और दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को सरकारी भर्ती व पदोन्नति से अयोग्य ठहराता था।
सामान्य प्रशासन विभाग को मसौदा प्रावधान हटाने का निर्देश; सरकारी पोर्टल से भी तत्काल हटाया गया।
अंतिम अधिसूचना तक दो बच्चे की बाध्यता निलंबित ; नया मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए रखा जाएगा।
कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस नियम की समीक्षा की माँग कर रहे थे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार, 9 जून 2026 को राज्य की सरकारी भर्ती प्रक्रिया से 23 वर्ष पुराने 'टू चाइल्ड' नियम को समाप्त करने के आदेश दिए, जिससे दो से अधिक बच्चों वाले लाखों उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी में आवेदन की राह खुल गई है। सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया गया है कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों से संबंधित वह मसौदा प्रावधान तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और सरकारी पोर्टल से भी इसे हटा दिया गया है।

क्या था यह नियम

यह प्रावधान वर्ष 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया था। नियम के अनुसार, 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित बच्चों वाले किसी भी व्यक्ति को सरकारी सेवा के लिए अयोग्य माना जाता था। यह बाधा केवल प्रत्यक्ष भर्ती तक सीमित नहीं थी — विभागीय पदोन्नतियों पर भी यही शर्त लागू होती थी।

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कट-ऑफ तिथि के बाद तीसरा बच्चा होने पर कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती थी, जिससे सेवारत कर्मचारी भी इस नियम के दायरे में आते थे।

सरकार का निर्णय और तत्काल कदम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दीर्घकालिक प्रावधान की समीक्षा के बाद इसे समाप्त करने का फैसला लिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित मसौदा नियमानुसार दोबारा प्रकाशित किया जाएगा और अंतिम अधिसूचना जारी होने तक दो बच्चे की बाध्यता लागू नहीं होगी। नया मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए भी रखा जाएगा।

कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया

कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस नियम की समीक्षा की माँग करते आ रहे थे। उनका तर्क था कि यह प्रावधान अब कालातीत हो चुका है और इसके कारण कई परिवारों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार के इस निर्णय को संगठनों ने राहत भरा कदम बताया है।

आम उम्मीदवारों पर असर

यह बदलाव उन हज़ारों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो तीन या अधिक बच्चों वाले परिवारों से आते हैं और अब तक इस नियम के कारण सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बैठने के योग्य नहीं माने जाते थे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में जनसंख्या नीति पर पुनर्विचार की बहस तेज़ हो रही है और कई राज्य अपनी पुरानी जनसंख्या-संबंधी शर्तों की समीक्षा कर रहे हैं।

आगे की प्रक्रिया

सामान्य प्रशासन विभाग नए नियमों का मसौदा तैयार करेगा, जिसे सार्वजनिक टिप्पणी के लिए जारी किया जाएगा। अंतिम अधिसूचना के बाद ही नए प्रावधान विधिवत लागू होंगे। तब तक पुरानी बाध्यता निलंबित रहेगी, जो उम्मीदवारों को तत्काल राहत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब जबकि प्रजनन दर खुद ही घट रही है। विरोधाभास यह है कि जिस नियम को जनसंख्या नियंत्रण के लिए बनाया गया था, वह अब खुद एक जनसांख्यिकीय चुनौती — घटती कार्यशील आबादी — के सामने अप्रासंगिक हो चुका है। असली सवाल यह है कि क्या नया मसौदा केवल यह बाधा हटाएगा, या भर्ती प्रक्रिया में अन्य पुरानी शर्तों की भी समीक्षा होगी। सार्वजनिक सुझाव प्रक्रिया एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन अंतिम अधिसूचना की समयसीमा अभी अनिश्चित है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश का 'टू चाइल्ड' नियम क्या था?
यह नियम 2001 में लागू हुआ था, जिसके तहत 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित बच्चों वाले उम्मीदवार मध्य प्रदेश सरकारी सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति के लिए अयोग्य माने जाते थे। यह प्रावधान सेवारत कर्मचारियों पर भी लागू था और उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती थी।
यह नियम क्यों हटाया गया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस 23 साल पुराने प्रावधान की समीक्षा के बाद इसे कालातीत पाया। कर्मचारी संगठन भी लंबे समय से इसकी समीक्षा की माँग कर रहे थे, यह तर्क देते हुए कि यह नियम कई परिवारों के लिए अनावश्यक कठिनाई पैदा कर रहा था।
क्या यह नियम अभी से पूरी तरह समाप्त हो गया है?
अभी तत्काल प्रभाव से इस बाध्यता को निलंबित कर दिया गया है और सरकारी पोर्टल से मसौदा हटा दिया गया है। अंतिम अधिसूचना जारी होने तक दो बच्चे की शर्त लागू नहीं होगी; नया मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए रखा जाएगा।
इस बदलाव से किसे फायदा होगा?
वे सभी उम्मीदवार लाभान्वित होंगे जिनके दो से अधिक बच्चे हैं और जो अब तक इस नियम के कारण मध्य प्रदेश की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अयोग्य माने जाते थे। साथ ही, सेवारत वे कर्मचारी भी राहत पाएँगे जिन पर इस आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा था।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
सामान्य प्रशासन विभाग संशोधित नियमों का नया मसौदा तैयार करेगा, जिसे सार्वजनिक टिप्पणी के लिए जारी किया जाएगा। अंतिम अधिसूचना के बाद नए प्रावधान विधिवत लागू होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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