MP गेहूं खरीदी में अव्यवस्था: जीतू पटवारी का BJP सरकार पर हमला, किसानों को MSP भुगतान तक नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 20 मई 2026 को राज्य में चल रही सरकारी गेहूं खरीदी प्रक्रिया को किसानों के लिए 'परेशानी और भ्रष्टाचार का केंद्र' करार देते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर व्यापक अव्यवस्था के चलते किसान घंटों और कई-कई दिनों तक अपनी ट्रॉलियों में गेहूं लेकर प्रतीक्षा करने को विवश हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया 28 मई तक जारी रखने का ऐलान किया है।
सैटेलाइट सर्वे और AI सत्यापन में गड़बड़ी के आरोप
पटवारी ने आरोप लगाया कि किसानों के खेतों में गेहूं की फसल मौजूद होने के बावजूद सैटेलाइट सर्वे और एआई सत्यापन प्रणाली में रिकॉर्ड गलत दर्शाए जा रहे हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों का पंजीयन या तो निरस्त किया जा रहा है या अनिश्चितकाल के लिए लंबित पड़ा है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार तकनीक-आधारित खरीदी को पारदर्शिता की गारंटी के रूप में प्रचारित कर रही है।
खरीदी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव
कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार खरीदी केंद्रों पर तौल मशीनों की कमी, धीमी प्रक्रिया और भीड़भाड़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। बारदानों (बोरों) की किल्लत के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है और किसानों पर खुद बोरे लाने का दबाव बनाया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह व्यवस्था की मूलभूत विफलता को दर्शाता है।
MSP भुगतान में देरी और बैंकिंग समस्याएँ
पटवारी ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है और कई किसानों को अपने भुगतान की स्थिति तक स्पष्ट नहीं है। बैंकिंग और पोर्टल लिंकिंग की तकनीकी समस्याओं के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा नमी और गुणवत्ता के नाम पर मनमानी कटौती तथा गेहूं अस्वीकार करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
भ्रष्टाचार और बिचौलियों का बोलबाला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर बिचौलियों का वर्चस्व है और 'पहले तौल' के नाम पर लेनदेन तथा राजनीतिक दबाव जैसी शिकायतें भी कई केंद्रों से सामने आ रही हैं। छोटे किसान मजबूरी में व्यापारियों को MSP से कम दाम पर गेहूं बेचने को विवश हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह वही वर्ग है जिसे सरकारी खरीदी से सबसे अधिक लाभ मिलना चाहिए था।
कांग्रेस की चेतावनी
पटवारी ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार किसानों को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर संघर्ष करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में रबी सीजन की खरीदी अपने अंतिम चरण में है और किसानों की नाराज़गी बढ़ती जा रही है।