BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले: कांग्रेस का मुंबई-आगरा हाईवे चक्का जाम जनविरोधी, किसानों से माफी माँगे

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BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले: कांग्रेस का मुंबई-आगरा हाईवे चक्का जाम जनविरोधी, किसानों से माफी माँगे

सारांश

BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के प्रस्तावित मुंबई-आगरा हाईवे चक्का जाम को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कांग्रेस के 55 साल के शासन में ₹500 प्रति क्विंटल MSP और डिफॉल्टर किसानों का हवाला देते हुए माफी की माँग की — जबकि MP सरकार ₹2,625 प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद रही है।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 6 मई 2025 को कांग्रेस के प्रस्तावित मुंबई-आगरा राष्ट्रीय मार्ग चक्का जाम को जनविरोधी बताया।
खंडेलवाल के अनुसार, इस आंदोलन से एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाएँ प्रभावित होंगी।
BJP सरकार ने किसानों की ₹2,800 करोड़ की राशि जमा कर उन्हें डिफॉल्टर श्रेणी से बाहर निकाला।
कांग्रेस के 55 साल के शासन में गेहूं MSP ₹500 प्रति क्विंटल था; मोदी सरकार में 12 साल में ₹1,600 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार बोनस सहित ₹2,625 प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद रही है।
मध्य प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में प्रथम और खाद्यान्न-तिलहन उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 6 मई 2025 को भोपाल में कांग्रेस के प्रस्तावित मुंबई-आगरा राष्ट्रीय मार्ग चक्का जाम को 'जनविरोधी' और 'निजी राजनीतिक स्वार्थ' से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर किया जा रहा यह आंदोलन आमजन को बंधक बनाने जैसा कृत्य है, जिससे एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।

चक्का जाम पर BJP का कड़ा विरोध

खंडेलवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित यह चक्का जाम किसान हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए है। उनके अनुसार, इस आंदोलन से प्रदेश की जनता, व्यापार और व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से माँग की कि वे किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करने की बजाय 'छल व झूठ के लिए माफी माँगें।'

कांग्रेस शासनकाल पर सवाल

खंडेलवाल ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कर्जमाफी के झूठे वादों से किसानों को डिफॉल्टर बना दिया था। उनके अनुसार, BJP सरकार ने किसानों की लगभग ₹2,800 करोड़ की राशि जमा कर उन्हें डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी पूछा कि वर्ष 2003-04 में गेहूं का समर्थन मूल्य क्या था और क्या उस समय किसानों का अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता था।

MSP और स्वामीनाथन आयोग का मुद्दा

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए गठित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक लागू नहीं किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 55 साल के कार्यकाल में गेहूं का समर्थन मूल्य सिर्फ ₹500 प्रति क्विंटल तय था। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल में गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग ₹1,600 प्रति क्विंटल बढ़ाया जा चुका है।

मध्य प्रदेश सरकार की किसान नीति

खंडेलवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार किसानों को MSP पर बोनस देकर ₹2,625 प्रति क्विंटल के मान से गेहूं खरीद कर रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर तथा खाद्यान्न व तिलहन उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है। यह उपलब्धि, उनके अनुसार, सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।

आगे क्या होगा

खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि BJP सरकार किसानों से एक-एक दाना गेहूं खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह आंदोलन करने से पहले आत्मचिंतन करे और किसानों से माफी माँगे। यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि क्या बढ़ी हुई MSP वास्तव में किसान की जेब तक पहुँच रही है — खासकर तब जब मध्य प्रदेश में किसान आत्महत्याएँ और कृषि ऋण की समस्याएँ सुर्खियों में बनी रहती हैं। चक्का जाम को 'आपात सेवाओं के लिए खतरा' बताना एक प्रभावी काउंटर-नैरेटिव है, लेकिन मूल किसान समस्याओं — जिनके नाम पर आंदोलन हो रहा है — पर BJP की प्रतिक्रिया में ठोस जवाब की कमी दिखती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के चक्का जाम को जनविरोधी क्यों बताया?
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह चक्का जाम किसान हित में नहीं, बल्कि निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए है। उनके अनुसार इससे एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाएँ प्रभावित होंगी और आमजन को बंधक बनाया जाएगा।
कांग्रेस ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय मार्ग पर चक्का जाम क्यों प्रस्तावित किया?
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने यह चक्का जाम प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर प्रस्तावित किया है। हालाँकि BJP ने इसे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया है।
मध्य प्रदेश में गेहूं का MSP और बोनस मिलाकर कितना है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार किसानों को MSP पर बोनस देकर ₹2,625 प्रति क्विंटल के मान से गेहूं खरीद रही है। BJP का दावा है कि कांग्रेस के 55 साल के शासन में यह मूल्य मात्र ₹500 प्रति क्विंटल था।
BJP ने किसानों को डिफॉल्टर श्रेणी से बाहर निकालने के लिए क्या किया?
खंडेलवाल के अनुसार, BJP सरकार ने किसानों की लगभग ₹2,800 करोड़ की राशि जमा कर उन्हें डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर निकाला। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने कर्जमाफी के झूठे वादों से किसानों को डिफॉल्टर बनाया था।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
स्वामीनाथन आयोग किसानों के कल्याण के लिए गठित था और इसने लाभकारी MSP सहित कई सिफारिशें दी थीं। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने इन सिफारिशों को वर्षों तक लागू नहीं किया, जबकि 2014 में मोदी सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए।
राष्ट्र प्रेस
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