MP सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला: 'किसानों के साथ हमेशा अन्याय किया', चक्का जाम पर उठाए सवाल
सारांश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के चक्का जाम पर पलटवार किया और पार्टी के शासनकाल में किसानों की बदहाली का हवाला दिया। दूसरी ओर कांग्रेस ने गेहूं खरीदी में गड़बड़ी और ₹2,700 प्रति क्विंटल के वादे को पूरा न करने का आरोप लगाया — दोनों पक्षों के बीच किसान राजनीति का यह टकराव तेज हो रहा है।
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 मई को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने शासनकाल में किसानों को बिजली और डीजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा।
कांग्रेस की MP इकाई ने किसानों की समस्याओं को लेकर मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने ₹2,700 प्रति क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य का वादा पूरा नहीं किया।
कांग्रेस ने गेहूं उत्पादन अधिक होने के बावजूद समर्थन मूल्य पर खरीदी कम होने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति का उल्लेख किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 मई 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने अपने शासनकाल में हमेशा किसानों के साथ अन्याय किया है। यह बयान उस दिन आया जब कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने किसानों की समस्याओं को लेकर मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया।
मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के चक्का जाम को सियासी नाटक करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्य प्रदेश के किसानों को न तो डीजल मिलता था और न ही बिजली। उन्होंने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
700 प्रति क्विंटल वाला आरोप ठोस है और सरकार ने अब तक इसका सीधा जवाब नहीं दिया है। गेहूं उत्पादन अधिक होने के बावजूद समर्थन मूल्य पर खरीदी कम होना एक प्रशासनिक प्रश्न है जिसे इतिहास की बहस से नहीं टाला जा सकता। किसान राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक ज़रूरी है यह जानना कि किसानों को वास्तव में उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है या नहीं।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चक्का जाम क्यों किया?
कांग्रेस की MP इकाई ने किसानों की समस्याओं, विशेष रूप से गेहूं खरीदी में कथित गड़बड़ी और ₹2,700 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के वादे को पूरा न करने के विरोध में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्य प्रदेश के किसानों को बिजली और डीजल जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और किसानों की मुस्कान प्रदेश की समृद्धि की पहचान बन गई है।
MP में गेहूं समर्थन मूल्य को लेकर विवाद क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने ₹2,700 प्रति क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा राज्य में गेहूं का उत्पादन अधिक होने के बावजूद समर्थन मूल्य पर खरीदी काफी कम हो रही है।
ऑपरेशन सिंदूर का इस राजनीतिक विवाद से क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान मुद्दे पर कांग्रेस को जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया और कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी और सामरिक दृष्टि से सशक्त हुआ है। यह बयान कांग्रेस के विरोध को व्यापक राजनीतिक संदर्भ में रखने की कोशिश थी।
मध्य प्रदेश में किसानों की मौजूदा स्थिति क्या है?
सरकार का दावा है कि किसानों की स्थिति में सुधार हुआ है और वे अब बिजली-पानी जैसी सुविधाओं से वंचित नहीं हैं। हालाँकि कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा और गेहूं खरीदी में गड़बड़ी हो रही है।