24 अगस्त 2026
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श्रम शक्ति संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, CM मोहन यादव ने ₹203 करोड़ संबल किश्त जारी की

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श्रम शक्ति संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, CM मोहन यादव ने ₹203 करोड़ संबल किश्त जारी की

सारांश

मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना जहाँ 'श्रम शक्ति संहिता' लागू हुई है। CM मोहन यादव ने श्रावण के अंतिम सोमवार को संबल 2.0 की 11वीं किश्त में ₹203 करोड़ सीधे श्रमिकों के खातों में भेजे और 'श्रमणा' योजना के ज़रिए आत्मनिर्भरता का रोडमैप पेश किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना जहाँ 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है।
CM मोहन यादव ने 24 अगस्त 2026 को संबल 2.0 की 11वीं किश्त के रूप में ₹203 करोड़ सिंगल क्लिक से पात्र श्रमिकों के खातों में अंतरित किए।
संबल योजना अब तक प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को लाभ पहुँचा चुकी है।
श्रमिकों को सहकारिता से जोड़ने के लिए 'श्रमणा' योजना और सम्मान-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'श्रम स्टार रेटिंग' प्रणाली शुरू की गई।
यह किश्त रक्षाबंधन से पूर्व श्रावण के अंतिम सोमवार को जारी की गई।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अगस्त 2026 को घोषणा की कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है। उन्होंने यह बात भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए प्रदेश के श्रमिकों को संबोधित करते हुए कही।

श्रम शक्ति संहिता और श्रम स्टार रेटिंग

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 'श्रम स्टार रेटिंग' प्रणाली की शुरुआत भी की है। यह रेटिंग व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान में किसी भी स्तर पर कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा, 'श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी हमारे लिए सबसे पहले है।'

श्रमणा योजना: आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

सरकार ने श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'श्रमणा' योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से श्रमिकों के हुनर को परिष्कृत कर उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश के श्रमिक ही विकसित प्रदेश की नींव रख रहे हैं।

संबल 2.0 योजना की 11वीं किश्त जारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता राशि की 11वीं किश्त के रूप में ₹203 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की। यह किश्त रक्षाबंधन से पूर्व श्रावण के अंतिम सोमवार को जारी की गई।

1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला सहारा

मुख्यमंत्री ने बताया कि संबल योजना अब तक प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को आर्थिक सहारा दे चुकी है। उन्होंने कहा कि घर चलाने वाले के असामयिक निधन, अचानक आर्थिक संकट या किसी भी विपत्ति में राज्य सरकार श्रमिक परिवारों के साथ खड़ी रहेगी। यह योजना कठिन समय में श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी राहत का स्रोत बनी है।

आगे की राह

श्रम शक्ति संहिता, श्रमणा योजना और संबल 2.0 के साथ मध्य प्रदेश सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक व्यापक ढाँचा तैयार कर रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियाँ ज़मीनी स्तर पर श्रमिकों के जीवन में किस हद तक बदलाव ला पाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह संहिता असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों तक व्यावहारिक रूप से कैसे पहुँचती है। संबल योजना की ₹203 करोड़ की किश्त राहत ज़रूर देती है, पर सवाल यह भी है कि इन योजनाओं की पहुँच और पारदर्शिता को लेकर स्वतंत्र मूल्यांकन कब होगा। 'श्रमणा' और 'श्रम स्टार रेटिंग' जैसी पहलें नई हैं — इनकी सफलता क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर निर्भर करेगी, न केवल घोषणाओं पर।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रम शक्ति संहिता क्या है और इसे मध्य प्रदेश में क्यों लागू किया गया?
श्रम शक्ति संहिता मध्य प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों की सेवा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई एक नई नीति-संहिता है। मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है।
संबल 2.0 योजना की 11वीं किश्त में कितनी राशि जारी की गई?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना की 11वीं किश्त के रूप में ₹203 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से पात्र लाभार्थियों के खातों में अंतरित की।
संबल योजना से अब तक कितने श्रमिकों को लाभ मिला है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार संबल योजना अब तक मध्य प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को आर्थिक सहारा प्रदान कर चुकी है।
श्रमणा योजना क्या है?
श्रमणा योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना और उनके हुनर को परिष्कृत करना है।
श्रम स्टार रेटिंग प्रणाली क्या है?
श्रम स्टार रेटिंग मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक रेटिंग व्यवस्था है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोई समझौता न हो।
राष्ट्र प्रेस
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