मद्रास हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री ईवी वेलू को रेत खनन मामले में अंतरिम राहत देने से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास हाई कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ईवी वेलू और उनके पुत्र ईवी कुमारन की अंतरिम राहत की याचिका खारिज कर दी। यह मामला तिरुवनमलाई जिले की मलप्पामबाड़ी झील से कथित अवैध रेत खनन से जुड़ा है, जिसमें सरकारी खजाने को ₹8.22 करोड़ का नुकसान होने का आरोप लगाया गया है।
क्या है मुख्य मामला
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने पिता-पुत्र की एकतरफा अंतरिम रोक की याचिका को नामंजूर करते हुए सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय (DVAC) को 6 नवंबर 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। दोनों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर 24 सितंबर को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की माँग की थी।
आरोपों की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता अरप्पोर इयक्कम के जयराम वेंकटेशन के अनुसार, 14 दिसंबर 2025 को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के उत्तर क्षेत्र युवा विंग सम्मेलन के आयोजन स्थल को समतल करने के लिए मलप्पामबाड़ी झील से 45,72,058 घन फीट रेत निकाली गई। शिकायत के अनुसार, यह रेत उस कंपनी की भूमि को समतल करने के लिए इस्तेमाल की गई जिसमें कुमारन निदेशक के पद पर हैं। कथित खुदाई नवंबर 2025 के आसपास हुई बताई गई है।
आरोपियों का पक्ष
विधानसभा में DMK के वर्तमान व्हिप 76 वर्षीय वेलू और 48 वर्षीय कुमारन ने किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। वेलू ने अपनी याचिका में यह तर्क दिया कि यह एफआईआर मई 2026 में TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद दर्ज की गई — जिसे उन्होंने राजनीतिक मंशा का संकेत बताया। यह DVAC की ओर से उनके खिलाफ दूसरा मामला है, जबकि पहला राजमार्ग निर्माण से संबंधित मुकदमा पहले से न्यायालय में विचाराधीन है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में रेत खनन विवाद लंबे समय से राजनीतिक और पर्यावरणीय विमर्श के केंद्र में रहा है। गौरतलब है कि आठ एकड़ में फैली मलप्पामबाड़ी झील की कथित खुदाई ने स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को हुए नुकसान को लेकर भी चिंताएँ उठाई हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालत का यह रुख दर्शाता है कि प्रथम दृष्टया मामला सुनवाई योग्य माना गया है।
आगे की कार्रवाई
DVAC को 6 नवंबर 2026 तक अपना जवाब दाखिल करना है, जिसके बाद अदालत आगे की सुनवाई करेगी। मामले का परिणाम तमिलनाडु की राजनीति और रेत खनन नीति दोनों पर व्यापक असर डाल सकता है।