28 जून 2026
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नादिगर संगम कार्यकाल विवाद: मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 1 जुलाई को आएगा आदेश

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नादिगर संगम कार्यकाल विवाद: मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 1 जुलाई को आएगा आदेश

सारांश

नादिगर संगम के अध्यक्ष नासर, महासचिव विशाल कृष्णा और कोषाध्यक्ष कार्थी के कार्यकाल विस्तार को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। 1 जुलाई को आने वाला आदेश तय करेगा कि 311 सदस्यों द्वारा समर्थित एजीएम प्रस्ताव और तमिलनाडु सरकार का विस्तार-आदेश कानूनी कसौटी पर खरे उतरते हैं या नहीं।

मुख्य बातें

मद्रास हाईकोर्ट ने 28 जून 2026 को नादिगर संगम कार्यकाल विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा; आदेश 1 जुलाई 2026 को आएगा।
अध्यक्ष नासर , महासचिव विशाल कृष्णा और कोषाध्यक्ष कार्थी का तीन वर्षीय कार्यकाल 19 मार्च 2025 को समाप्त हुआ था।
68वीं एजीएम में 311 सदस्यों के समर्थन से पारित प्रस्ताव के आधार पर पदाधिकारी पद पर बने रहे।
तमिलनाडु सरकार ने 14 अक्टूबर 2025 को सरकारी आदेश जारी कर कार्यकाल 19 मार्च 2028 तक बढ़ाया।
नांबिराजन ने केवल एजीएम प्रस्ताव को चुनौती दी, सरकारी आदेश को नहीं।
मारिया क्लेटे ने सवाल उठाया — एजीएम प्रस्ताव रद्द होने पर शिकायतकर्ता को क्या व्यावहारिक राहत मिलेगी?

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार, 28 जून 2026 को नादिगर संगम (दक्षिण भारतीय कलाकार संघ) के पदाधिकारियों — अध्यक्ष नासर, महासचिव विशाल कृष्णा और कोषाध्यक्ष कार्थी — के कार्यकाल विवाद से जुड़े सिविल मुकदमे को खारिज करने की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत 1 जुलाई 2026 को इस मामले में आदेश सुनाएगी।

मामले की पृष्ठभूमि

एसोसिएशन के सदस्य वी. नांबिराजन ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 मार्च 2022 को चुने गए पदाधिकारियों का तीन वर्षीय कार्यकाल 19 मार्च 2025 को समाप्त हो गया, किंतु उन्होंने पद नहीं छोड़ा। उनके अनुसार, एसोसिएशन के नियमों के तहत हर तीन वर्ष में चुनाव अनिवार्य हैं और मार्च 2025 के बाद नए चुनाव होने चाहिए थे।

नांबिराजन ने आरोप लगाया कि पदाधिकारी 8 सितंबर 2024 को आयोजित नादिगर संगम की 68वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में पारित एक प्रस्ताव के आधार पर अपने पद पर बने हुए हैं, जो उनके अनुसार नियमसंगत नहीं है।

एजीएम प्रस्ताव और सरकारी आदेश

नादिगर संगम की ओर से पेश अधिवक्ता कृष्ण रवींद्रन ने अदालत को बताया कि सदस्य एस.आर. सेकर ने 23 अगस्त 2024 को 68वीं एजीएम में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें मौजूदा नेतृत्व को एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित कन्वेंशन सेंटर के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का विस्तार देने की माँग की गई थी। इस प्रस्ताव को 311 सदस्यों का समर्थन मिला और एजीएम में इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1975 की धारा 54 के तहत 14 अक्टूबर 2025 को एक सरकारी आदेश जारी करते हुए इन पदाधिकारियों का कार्यकाल 19 मार्च 2028 तक विस्तारित कर दिया। रवींद्रन ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने केवल एजीएम प्रस्ताव को चुनौती दी है, इस सरकारी आदेश को नहीं।

न्यायालय की टिप्पणी

जस्टिस ए.डी. मारिया क्लेटे की पीठ ने सुनवाई के दौरान एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाया — यदि अदालत 68वीं एजीएम के प्रस्ताव को अमान्य भी घोषित कर दे, तो शिकायतकर्ता को व्यावहारिक रूप से क्या राहत मिलेगी? न्यायाधीश ने रेखांकित किया कि तमिलनाडु सरकार पहले ही एक अलग सरकारी आदेश के माध्यम से पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ा चुकी है, जिसे इस मुकदमे में चुनौती नहीं दी गई है।

एसोसिएशन के आरोप और नांबिराजन की स्थिति

नादिगर संगम ने यह भी दावा किया कि 79 वर्षीय नांबिराजन 2015 में सदस्य बनने के बाद से 2024 की एजीएम सहित किसी भी वार्षिक आम बैठक में उपस्थित नहीं हुए। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि असंतुष्ट तत्व उन्हें एक 'प्रॉक्सी वादी' के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि एसोसिएशन के कामकाज और कन्वेंशन सेंटर परियोजना में बाधा डाली जा सके।

आगे क्या होगा

मद्रास हाईकोर्ट 1 जुलाई 2026 को इस मामले में अपना आदेश सुनाएगा। यह फैसला न केवल नादिगर संगम के आंतरिक प्रशासन को प्रभावित करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि एजीएम प्रस्ताव और सरकारी आदेश के बीच कानूनी तौर पर कौन सा पक्ष मान्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तमिलनाडु सरकार के उस सरकारी आदेश को नहीं, जो कार्यकाल को 2028 तक वैधानिक रूप से विस्तारित करता है — यह कानूनी रणनीति की स्पष्ट सीमा है। अदालत की यह टिप्पणी कि राहत का व्यावहारिक आधार अस्पष्ट है, संकेत देती है कि मुकदमा खारिज हो सकता है। साथ ही, 311 सदस्यों की सर्वसम्मति और सरकारी समर्थन के बावजूद यह विवाद यह भी उजागर करता है कि बड़े कलाकार संघों में आंतरिक लोकतंत्र और पारदर्शिता को लेकर सवाल कितने गहरे हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नादिगर संगम कार्यकाल विवाद क्या है?
नादिगर संगम (दक्षिण भारतीय कलाकार संघ) के अध्यक्ष नासर, महासचिव विशाल कृष्णा और कोषाध्यक्ष कार्थी का तीन वर्षीय कार्यकाल 19 मार्च 2025 को समाप्त हो गया, लेकिन वे पद पर बने रहे। सदस्य वी. नांबिराजन ने इसे एसोसिएशन के नियमों का उल्लंघन बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी।
मद्रास हाईकोर्ट इस मामले में कब फैसला सुनाएगा?
मद्रास हाईकोर्ट 1 जुलाई 2026 को इस मामले में अपना आदेश सुनाएगा। जस्टिस ए.डी. मारिया क्लेटे की पीठ ने 28 जून 2026 को सभी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
तमिलनाडु सरकार ने कार्यकाल विस्तार में क्या भूमिका निभाई?
तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1975 की धारा 54 के तहत 14 अक्टूबर 2025 को एक सरकारी आदेश जारी कर पदाधिकारियों का कार्यकाल 19 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया। शिकायतकर्ता ने इस सरकारी आदेश को अदालत में चुनौती नहीं दी है।
68वीं एजीएम में क्या हुआ था?
8 सितंबर 2024 को हुई 68वीं वार्षिक आम बैठक में सदस्य एस.आर. सेकर ने 23 अगस्त 2024 को एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे 311 सदस्यों का समर्थन मिला और सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसमें मौजूदा नेतृत्व को कन्वेंशन सेंटर निर्माण पूरा करने के लिए तीन वर्ष का विस्तार दिया गया।
नादिगर संगम ने शिकायतकर्ता के बारे में क्या आरोप लगाए?
एसोसिएशन ने दावा किया कि 79 वर्षीय वी. नांबिराजन 2015 में सदस्य बनने के बाद से किसी भी एजीएम में शामिल नहीं हुए। साथ ही आरोप लगाया कि असंतुष्ट तत्व उन्हें प्रॉक्सी वादी के रूप में इस्तेमाल कर एसोसिएशन के कामकाज और कन्वेंशन सेंटर परियोजना में बाधा डाल रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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