नादिगर संगम कार्यकाल विवाद: मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 1 जुलाई को आएगा आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार, 28 जून 2026 को नादिगर संगम (दक्षिण भारतीय कलाकार संघ) के पदाधिकारियों — अध्यक्ष नासर, महासचिव विशाल कृष्णा और कोषाध्यक्ष कार्थी — के कार्यकाल विवाद से जुड़े सिविल मुकदमे को खारिज करने की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत 1 जुलाई 2026 को इस मामले में आदेश सुनाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि
एसोसिएशन के सदस्य वी. नांबिराजन ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 मार्च 2022 को चुने गए पदाधिकारियों का तीन वर्षीय कार्यकाल 19 मार्च 2025 को समाप्त हो गया, किंतु उन्होंने पद नहीं छोड़ा। उनके अनुसार, एसोसिएशन के नियमों के तहत हर तीन वर्ष में चुनाव अनिवार्य हैं और मार्च 2025 के बाद नए चुनाव होने चाहिए थे।
नांबिराजन ने आरोप लगाया कि पदाधिकारी 8 सितंबर 2024 को आयोजित नादिगर संगम की 68वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में पारित एक प्रस्ताव के आधार पर अपने पद पर बने हुए हैं, जो उनके अनुसार नियमसंगत नहीं है।
एजीएम प्रस्ताव और सरकारी आदेश
नादिगर संगम की ओर से पेश अधिवक्ता कृष्ण रवींद्रन ने अदालत को बताया कि सदस्य एस.आर. सेकर ने 23 अगस्त 2024 को 68वीं एजीएम में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें मौजूदा नेतृत्व को एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित कन्वेंशन सेंटर के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का विस्तार देने की माँग की गई थी। इस प्रस्ताव को 311 सदस्यों का समर्थन मिला और एजीएम में इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1975 की धारा 54 के तहत 14 अक्टूबर 2025 को एक सरकारी आदेश जारी करते हुए इन पदाधिकारियों का कार्यकाल 19 मार्च 2028 तक विस्तारित कर दिया। रवींद्रन ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने केवल एजीएम प्रस्ताव को चुनौती दी है, इस सरकारी आदेश को नहीं।
न्यायालय की टिप्पणी
जस्टिस ए.डी. मारिया क्लेटे की पीठ ने सुनवाई के दौरान एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाया — यदि अदालत 68वीं एजीएम के प्रस्ताव को अमान्य भी घोषित कर दे, तो शिकायतकर्ता को व्यावहारिक रूप से क्या राहत मिलेगी? न्यायाधीश ने रेखांकित किया कि तमिलनाडु सरकार पहले ही एक अलग सरकारी आदेश के माध्यम से पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ा चुकी है, जिसे इस मुकदमे में चुनौती नहीं दी गई है।
एसोसिएशन के आरोप और नांबिराजन की स्थिति
नादिगर संगम ने यह भी दावा किया कि 79 वर्षीय नांबिराजन 2015 में सदस्य बनने के बाद से 2024 की एजीएम सहित किसी भी वार्षिक आम बैठक में उपस्थित नहीं हुए। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि असंतुष्ट तत्व उन्हें एक 'प्रॉक्सी वादी' के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि एसोसिएशन के कामकाज और कन्वेंशन सेंटर परियोजना में बाधा डाली जा सके।
आगे क्या होगा
मद्रास हाईकोर्ट 1 जुलाई 2026 को इस मामले में अपना आदेश सुनाएगा। यह फैसला न केवल नादिगर संगम के आंतरिक प्रशासन को प्रभावित करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि एजीएम प्रस्ताव और सरकारी आदेश के बीच कानूनी तौर पर कौन सा पक्ष मान्य है।