मदरसों में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होगी: ओम प्रकाश राजभर ने दिए सख्त निर्देश, 5.89 लाख छात्रों को मिला छात्रवृत्ति लाभ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार, 23 मई 2026 को लखनऊ में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मदरसों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली तत्काल लागू की जाए और अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की निगरानी को और अधिक सख्त बनाया जाए। राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे।
बायोमेट्रिक प्रणाली और आधुनिकीकरण पर जोर
मंत्री राजभर ने मदरसों के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ा जाए, जिससे उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के मूल्यांकन को भी अनिवार्य बनाने पर बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।
निलंबित मान्यता वाले मदरसों की स्थिति
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश के 560 राज्यानुदानित मदरसों में से 15 मदरसों की मान्यता फिलहाल निलंबित है। मंत्री ने निर्देश दिए कि इन मदरसों को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 5.89 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ पहुँचाया गया और निर्धारित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया गया। यह आँकड़ा विभाग की ओर से बैठक में प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की प्रगति
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में इस समय 80 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि 36 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें डिग्री कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पेयजल योजनाएं, सामुदायिक सेवा केंद्र और अन्य बुनियादी ढाँचे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
वक्फ बोर्ड और रिक्त पदों पर निर्देश
बैठक में विभाग से जुड़े आयोगों, बोर्डों और अधिकरणों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा वक्फ बोर्डों में नए अध्यक्ष और सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया तेज़ करने के निर्देश दिए गए। मंत्री राजभर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी और स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुँच सके। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा अल्पसंख्यक समाज को शिक्षा, रोज़गार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में मज़बूत और आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति ही बताएगी कि यह समीक्षा बैठक महज़ औपचारिकता थी या वास्तविक बदलाव की शुरुआत।