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मसूद गाजी विवाद: ओपी राजभर का पलटवार — 'महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में दौड़ाकर मारा था गाजी को'

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मसूद गाजी विवाद: ओपी राजभर का पलटवार — 'महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में दौड़ाकर मारा था गाजी को'

सारांश

उत्तर प्रदेश मंत्री ओपी राजभर ने AIMIM नेता शौकत अली के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच के नानपारा मैदान में 18 दिन के युद्ध के बाद मसूद गाजी को दौड़ाकर मारा था। यह विवाद उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक पहचान की राजनीति को फिर से केंद्र में ले आया है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 14 जून को अंबेडकरनगर में AIMIM नेता शौकत अली के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
राजभर के अनुसार, महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच के नानपारा मैदान में 18 दिन के युद्ध के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को मारा था।
राजभर ने कहा कि 585 राजाओं की हार के बाद सुहेलदेव ने सभी राजाओं की संयुक्त बैठक बुलाकर एकजुट प्रतिरोध किया था।
बहराइच में 56 फुट ऊंची महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा स्थापित है; शिलान्यास PM मोदी ने और उद्घाटन CM योगी आदित्यनाथ ने किया।
शौकत अली ने आरोप लगाया था कि यह वर्ग संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर का सम्मान नहीं करता।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 14 जून को अंबेडकरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच के नानपारा मैदान में 18 दिन के युद्ध के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को दौड़ाकर मार दिया था।

मुख्य घटनाक्रम

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अफगानिस्तान से आए सैयद सालार मसूद गाजी का उद्देश्य देश के मठ-मंदिरों को लूटना, संपत्ति हड़पना और जनता को गुलाम बनाना था। उनके अनुसार, 585 राजाओं की हार के बाद जब गाजी बहराइच की ओर बढ़ा, तब महाराजा सुहेलदेव ने सभी राजाओं की एक संयुक्त बैठक बुलाई। उस बैठक में यह संदेश दिया गया कि 'देश सर्वोपरि है — देश रहेगा तो हम राजा रहेंगे, अन्यथा गुलाम हो जाएंगे।'

राजभर ने दावा किया कि नानपारा मैदान में 18 दिन के युद्ध के बाद 18वें दिन गाजी भाग खड़ा हुआ और महाराजा सुहेलदेव ने उसे दौड़ाकर मार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में बहराइच में गाजी की मजार क्यों बनाई गई।

ऐतिहासिक संदर्भ

राजभर ने ऐतिहासिक ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम शासनकाल में आईने-अकबरी और अंग्रेजी शासन में गजेटियर में इन घटनाओं का उल्लेख मिलता है। उन्होंने शौकत अली को सलाह दी कि वे इतिहास के पन्ने पलटें और तथ्यों को समझें। राजभर के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी केवल वोट बटोरने के लिए की जा रही है।

गौरतलब है कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का एक स्मारक बनाया गया है, जिसमें 56 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। इस स्मारक का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

शौकत अली का पक्ष

AIMIM नेता शौकत अली ने इससे पहले आरोप लगाया था कि जो लोग मसूद गाजी के मुद्दे पर बयान दे रहे हैं, वे देश के संविधान का सम्मान नहीं करते और बाबा साहेब अंबेडकर के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक इतिहास-बोध को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।

आगे क्या

इस बयानबाजी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में मसूद गाजी और महाराजा सुहेलदेव के ऐतिहासिक प्रसंग को लेकर नई बहस छिड़ने की संभावना है। विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएँ आने वाले दिनों में इस विवाद को और गहरा कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनकी पार्टी का परंपरागत आधार रहा है। दूसरी ओर, शौकत अली का संविधान और अंबेडकर को बीच में लाना भी प्रतिकूल ध्रुवीकरण की रणनीति है। असली सवाल यह है कि क्या इस बहस से उत्तर प्रदेश के पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों को कोई ठोस लाभ मिलेगा, या यह केवल चुनावी शोर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने मसूद गाजी को लेकर क्या कहा?
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अफगानिस्तान से आए सैयद सालार मसूद गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच के नानपारा मैदान में 18 दिन के युद्ध के बाद दौड़ाकर मार दिया था। उन्होंने यह बयान AIMIM नेता शौकत अली के एक वक्तव्य के जवाब में दिया।
महाराजा सुहेलदेव और मसूद गाजी का विवाद क्या है?
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, महाराजा सुहेलदेव ने 11वीं सदी में बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी को युद्ध में परास्त किया था। बहराइच में गाजी की मजार और सुहेलदेव की 56 फुट ऊंची प्रतिमा दोनों मौजूद हैं, जो इस विवाद को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाती हैं।
शौकत अली ने क्या बयान दिया था जिस पर राजभर भड़के?
AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने आरोप लगाया था कि जो लोग मसूद गाजी के मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं, वे देश के संविधान का सम्मान नहीं करते और बाबा साहेब अंबेडकर के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं।
बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा का उद्घाटन किसने किया?
बहराइच में स्थापित 56 फुट ऊंची महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जबकि उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
राजभर ने शौकत अली को क्या सलाह दी?
ओपी राजभर ने कहा कि शौकत अली को आईने-अकबरी और अंग्रेजी शासनकाल के गजेटियर जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज पढ़ने चाहिए। उनके अनुसार, यह बयानबाजी केवल वोट बटोरने के लिए की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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