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महाराष्ट्र पुलिस ने इंस्टाग्राम पर नकली नोट बेचने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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महाराष्ट्र पुलिस ने इंस्टाग्राम पर नकली नोट बेचने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

सारांश

महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो इंस्टाग्राम के माध्यम से नकली भारतीय करेंसी नोटों की बिक्री कर रहा था। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र पुलिस ने इंस्टाग्राम पर नकली नोट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे अपराधों का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से हो सकता है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग सोशल मीडिया पर निगरानी रख रहा है।
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

मुंबई, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो इंस्टाग्राम के माध्यम से नकली भारतीय करेंसी नोटों का प्रचार और बिक्री कर रहा था। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को साझा की।

अधिकारियों ने बताया कि कई अकाउंट्स ऐसे भ्रामक रील्स और सामग्री को फैलाने में संलग्न थे, जिसका उद्देश्य लोगों को जल्दी और अवास्तविक धन कमाने का लालच देकर गैरकानूनी लेन-देन में फंसाना था।

इस मामले में दो आरोपियों राहुल अनिल पवार और योगिता हितेश भोसले को गिरफ्तार किया गया है। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने कहा कि वह सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लगातार निगरानी कर रहा है ताकि गैरकानूनी ऑनलाइन गतिविधियों को रोका जा सके। इसी संदर्भ में कुछ इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर ध्यान दिया गया, जो धोखाधड़ी वाले कंटेंट के माध्यम से नकली भारतीय नोटों का प्रचार कर रहे थे।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये अकाउंट्स रील्स और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे थे, जिससे लोग नकली नोटों से जुड़े गैरकानूनी कार्यों में फंस रहे थे। उन्हें झूठे और अवास्तविक मुनाफे का लालच दिया जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि नकली भारतीय मुद्रा अक्सर संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ी होती है और इसका संबंध मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फंडिंग और अन्य आर्थिक अपराधों से होता है।

एजेंसी ने यह भी कहा कि नकली नोटों का चलन देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। यह केवल एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है।

इस प्रकार की सामग्री का पता चलने के बाद, महाराष्ट्र साइबर ने संबंधित अकाउंट्स की पहचान की और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(बी) के अंतर्गत नोटिस जारी कर आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के अंतर्गत भी नोटिस जारी कर अकाउंट्स से जुड़े व्यक्तियों की जानकारी मांगी गई।

जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी और खुफिया इनपुट के आधार पर नकली नोटों के प्रचार और बिक्री में शामिल इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।

इनमें से दो एफआईआर महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं।

साथ ही, संदिग्धों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी के आधार पर राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दो अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए, ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखना आवश्यक है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र पुलिस ने किस प्रकार के गिरोह का भंडाफोड़ किया?
महाराष्ट्र पुलिस ने इंस्टाग्राम के जरिए नकली भारतीय करेंसी नोटों का प्रचार और बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं?
इस मामले में दो आरोपियों, राहुल अनिल पवार और योगिता हितेश भोसले को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग की क्या प्रतिक्रिया है?
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गैरकानूनी गतिविधियों की निगरानी करने की बात कही है।
क्या यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है?
हाँ, नकली नोटों का चलन आर्थिक अपराध के साथ-साथ आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
कितनी एफआईआर इस मामले में दर्ज की गई हैं?
इस मामले में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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