6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वर्धा NCC कैंप के पास कुएं में 18 घंटे फंसे व्यक्ति को थर्ड महाराष्ट्र बटालियन ने बचाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वर्धा NCC कैंप के पास कुएं में 18 घंटे फंसे व्यक्ति को थर्ड महाराष्ट्र बटालियन ने बचाया

सारांश

वर्धा के एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के पास 18 घंटे कुएं में फंसे एक व्यक्ति को थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन की टीम ने रस्सियों और एनडीआरएफ की रेस्क्यू ट्यूब की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला — एनसीसी के आपदा प्रबंधन की भूमिका का ज़मीनी प्रमाण।

मुख्य बातें

6 जुलाई 2025 को महाराष्ट्र के वर्धा में एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के पास एक व्यक्ति कुएं में गिरा।
पीड़ित गुरुवार शाम 6 बजे कुएं में गिरा और 18 घंटे तक फंसा रहा।
थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की टीम ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे सफलतापूर्वक बचाव किया।
बचाव में कैंप की रस्सियों, सुरक्षा उपकरणों और एनडीआरएफ की रेस्क्यू ट्यूब का उपयोग किया गया।
कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी ने टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

महाराष्ट्र के वर्धा में 6 जुलाई 2025 को एक स्थानीय निवासी कुएं में गिरकर करीब 18 घंटे तक फंसा रहा। नागपुर की थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की टीम ने त्वरित बचाव अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना वर्धा में जारी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के निकट घटी।

घटनाक्रम: कैसे मिली सूचना

बताया गया है कि पीड़ित व्यक्ति गुरुवार शाम 6 बजे कुएं में गिरा था। शुक्रवार सुबह 11:30 बजे एक स्थानीय महिला ने कैंप के उप कमांडेंट मेजर रिज़ु रावत को सूचित किया कि उसे कुएं से मदद के लिए पुकारने की आवाज़ आ रही है। महिला ने बताया कि उसका पड़ोसी कुएं में फंसा है, लेकिन वहाँ से गुज़रने वाले लोगों ने उसकी मदद नहीं की। यह ऐसे समय में आया है जब आपदा-प्रतिक्रिया में नागरिक जागरूकता की कमी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

बचाव अभियान की रूपरेखा

सूचना मिलते ही मेजर रिज़ु रावत ने कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी को तत्काल अवगत कराया। इसके बाद सूबेदार मेजर चंद्रभान सिंह, हवलदार (नर्सिंग असिस्टेंट) जांगले जी.बी., नायक (नर्सिंग असिस्टेंट) गणेश और एमटीएस ड्राइवर विशाल की टीम मौके पर पहुँची। कैंप स्टोर की रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ उस समय कैडेट्स को प्रशिक्षण दे रहे एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों से एक रेस्क्यू ट्यूब लेकर अभियान चलाया गया।

सफल बचाव और प्राथमिक उपचार

शुक्रवार दोपहर 12 बजे व्यक्ति को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया — यानी वह कुल 18 घंटे तक कुएं में रहा। बचाए गए व्यक्ति को तुरंत एनसीसी कैंप लाया गया, जहाँ उसे प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। पीड़ित ने एनसीसी टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि समय पर मदद न मिलती तो उसकी जान बचाना मुश्किल होता।

कमांडेंट की प्रतिक्रिया

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी ने टीम की त्वरित कार्रवाई और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह घटना एनसीसी के मूल आदर्श 'एकता और अनुशासन' को चरितार्थ करती है और यह सिद्ध करती है कि एनसीसी नियमित सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ समाज सेवा और आपदा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गौरतलब है कि एनसीसी इकाइयाँ अतीत में भी बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं में नागरिकों की सहायता कर चुकी हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल पीड़ित की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह रेखांकित किया है कि सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक संगठनों के प्रशिक्षण शिविर नागरिक आपात स्थितियों में भी पहली प्रतिक्रिया की भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब एक प्रशिक्षण शिविर की टीम ने कार्रवाई की। यह सवाल उठाता है कि क्या नागरिक आपदा-प्रतिक्रिया प्रशिक्षण को स्कूल और सामुदायिक स्तर पर अनिवार्य किया जाना चाहिए। एनडीआरएफ का संयोग से उपस्थित होना भी दर्शाता है कि संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों का वास्तविक जीवन में कितना प्रत्यक्ष लाभ हो सकता है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्धा NCC कैंप के पास कुएं में कौन गिरा था और कब?
एक स्थानीय निवासी गुरुवार शाम 6 बजे वर्धा में एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के निकट एक कुएं में गिर गया था। वह करीब 18 घंटे तक कुएं में फंसा रहा और शुक्रवार दोपहर 12 बजे उसे बचाया गया।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
बचाव अभियान में थर्ड महाराष्ट्र (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी के सूबेदार मेजर चंद्रभान सिंह, हवलदार जांगले जी.बी., नायक गणेश और एमटीएस ड्राइवर विशाल शामिल थे। अभियान की अगुवाई मेजर रिज़ु रावत ने की और कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी के निर्देशन में कार्रवाई की गई।
बचाव में किन उपकरणों का उपयोग किया गया?
कैंप स्टोर में उपलब्ध रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों के साथ एनडीआरएफ की एक रेस्क्यू ट्यूब का उपयोग किया गया। एनडीआरएफ के प्रतिनिधि उस समय कैंप में कैडेट्स को प्रशिक्षण देने के लिए मौजूद थे।
बचाए गए व्यक्ति की स्थिति क्या है?
बचाव के बाद पीड़ित को एनसीसी कैंप में प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। उसकी हालत स्थिर बताई गई है और उसने टीम का आभार व्यक्त किया।
इस घटना से एनसीसी की क्या भूमिका सामने आई?
इस घटना ने एनसीसी की आपदा प्रबंधन और समाज सेवा की भूमिका को रेखांकित किया। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीति तिवारी के अनुसार यह 'एकता और अनुशासन' के एनसीसी आदर्श का व्यावहारिक प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले