गांधी जयंती 2026: पोरबंदर के कीर्तिमंदिर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा, सीएम भूपेंद्र पटेल ने अर्पित की पुष्पांजलि
सारांश
मुख्य बातें
महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर 2 अक्टूबर 2026 को उनके जन्मस्थान पोरबंदर के ऐतिहासिक कीर्तिमंदिर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा और भावांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने बापू की जन्मभूमि पर शीश नवाकर पुष्पांजलि अर्पित की।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शुक्रवार सुबह कीर्तिमंदिर परिसर में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। प्रार्थना सभा के दौरान विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार प्रार्थनाएँ कीं और महात्मा गांधी के प्रिय भजन गाए गए। यह परंपरा प्रतिवर्ष इसी स्थान पर निभाई जाती है, जो बापू के सर्वधर्म समभाव के संदेश को जीवंत रखती है।
पूरा वातावरण सत्य, अहिंसा, प्रेम और समभाव के गांधीवादी आदर्शों से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपिता के जीवन मूल्यों को स्मरण करते हुए उनके विचारों को आचरण में उतारने का संकल्प लिया।
सीएम पटेल का एक्स पर संदेश
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, 'सत्य, अहिंसा और सद्भावना के शाश्वत आदर्शों से विश्व को शांति का मार्ग दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर भावपूर्ण वंदन।'
सीएम पटेल ने यह भी लिखा, 'सादगीपूर्ण जीवन, स्वच्छता के प्रति उनका आग्रह, खादी और स्वावलंबन के उनके संकल्प आज भी आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में मार्गदर्शक बने हुए हैं। 'स्वच्छता वहां प्रभुता' के मंत्र को आत्मसात कर आइए हम सभी मिलकर पूज्य बापू के विचारों को आचरण में उतारें और स्वच्छ, समृद्ध तथा सक्षम राष्ट्र के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हों।'
अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रपिता को नमन किया। उन्होंने लिखा, 'सत्य, सद्भाव और अहिंसा के अद्भुत मंत्र के जरिए भारतवासियों को स्वतंत्रता के लिए जागृत करने वाले सादगी व सदाचार के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शत्-शत् नमन।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद देवुसिंह चौहान ने भी बापू को अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, 'समस्त विश्व को सत्य, अहिंसा और शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाले महामानव, स्वच्छता के आग्रही, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।'
गांधी जयंती का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि पोरबंदर का कीर्तिमंदिर वह पवित्र स्थान है जहाँ 2 अक्टूबर 1869 को मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। प्रतिवर्ष यहाँ आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा बापू की उस विरासत को रेखांकित करती है जिसमें सभी धर्मों को समान सम्मान दिया गया। यह आयोजन न केवल एक राजनीतिक औपचारिकता है, बल्कि गांधीवादी मूल्यों को जीवित रखने का सामाजिक प्रयास भी है। आने वाले वर्षों में भी इस परंपरा के और व्यापक होने की उम्मीद है।