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महिला पत्रकार के उत्पीड़न पर FIR नहीं: मुमताज पटेल बोलीं — 'देश आंदोलन के मूड में आएगा'

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महिला पत्रकार के उत्पीड़न पर FIR नहीं: मुमताज पटेल बोलीं — 'देश आंदोलन के मूड में आएगा'

सारांश

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न के कथित मामले में 48 घंटे बाद भी FIR न होने पर राजनीति गरमाई। कांग्रेस की मुमताज पटेल ने दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया, जबकि AAP ने 10 अक्टूबर को बड़ी रैली का ऐलान किया।

मुख्य बातें

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक स्वतंत्र महिला पत्रकार द्वारा पुलिस अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के कथित आरोप लगाए गए।
48 घंटे बीतने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की — कांग्रेस नेता मुमताज पटेल का आरोप।
पटेल ने कहा कि पीड़िता को एक थाने से दूसरे थाने भेजा गया और उसे हिरासत में रखने की कोशिश की गई।
AAP नेता संजीव झा ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर बड़ी रैली की घोषणा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और उन पर देशद्रोह के आरोप की माँग — संजीव झा का कथित बयान।

जंतर-मंतर पर एसआईआर, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक स्वतंत्र महिला पत्रकार द्वारा पुलिस अधिकारी पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के कथित आरोपों पर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा एतराज जताया और चेताया कि देश जल्द ही आंदोलन के मूड में आएगा।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता महिला पत्रकार को सुबह से एक थाने से दूसरे थाने भटकाया जा रहा है। उनके अनुसार, पीड़िता को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था, लेकिन वह पुलिसिया प्रक्रिया में उलझी रही। पटेल ने कहा, 'एफआईआर नहीं हो रही है, दिल्ली पुलिस बदसलूकी कर रही है।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित पर ही कार्रवाई कर रही है और उसे हिरासत में रखने की कोशिश की जा रही है। पटेल ने कहा कि कई महिलाएँ डर के कारण सामने नहीं आ रहीं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि शिकायत करने पर उन्हें ही हिरासत में ले लिया जाएगा।

सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

पटेल ने दिल्ली पुलिस के रवैये को 'घमंड' करार देते हुए कहा कि आम जनता अब 'वोट चोरी' के खिलाफ सड़कों पर उतर रही है और पुलिस से यह स्थिति संभाली नहीं जा रही। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, देश धीरे-धीरे आंदोलन के मूड में आ रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं।

आप नेता संजीव झा का बयान

आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजीव झा ने कहा कि 10 अक्टूबर का जंतर-मंतर कार्यक्रम बेहद अहम है और देशभर से लोग दिल्ली पहुँचेंगे। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने देश की जनता के साथ धोखा किया है, वोट चुराए हैं और गैर-कानूनी सरकार बनाई है। उन्होंने माँग की कि कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेजा जाना चाहिए। गौरतलब है कि ये आरोप विपक्ष के कथित दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

व्यापक संदर्भ

यह घटना जंतर-मंतर पर चल रहे उस विरोध आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुई है जिसमें विपक्षी दल और नागरिक संगठन एसआईआर प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता पटेल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिला सुरक्षा और मताधिकार — दोनों मुद्दे इस समय एकसाथ सड़कों पर उभर रहे हैं।

आगे क्या होगा

विपक्ष की नज़रें 10 अक्टूबर 2026 के जंतर-मंतर कार्यक्रम पर टिकी हैं, जिसे बड़े जनसमर्थन का संकेत बताया जा रहा है। महिला पत्रकार की एफआईआर का मामला अभी अनिर्णीत है और इसके घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों में नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बड़े पैटर्न की झलक है — जहाँ पीड़ित की शिकायत दर्ज कराना ही संघर्ष बन जाता है। विपक्ष इस घटना को महिला सुरक्षा और मताधिकार दोनों मुद्दों से जोड़कर राजनीतिक आख्यान बनाने में लगा है, जो 10 अक्टूबर की रैली को और धार दे सकता है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि पीड़िता की अपनी आवाज़ और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है — राजनीतिक बयानबाजी के शोर में तथ्य की परतें दब रही हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार के साथ क्या हुआ?
एसआईआर, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक स्वतंत्र महिला पत्रकार ने पुलिस अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का कथित आरोप लगाया। घटना के 48 घंटे बाद भी दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की।
कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
मुमताज पटेल ने आरोप लगाया कि पीड़िता को एक थाने से दूसरे थाने भटकाया गया, उसे हिरासत में रखने की कोशिश की गई और पुलिस FIR दर्ज करने के बजाय पीड़ित पर ही कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्यशैली से देश आंदोलन के मूड में आएगा।
10 अक्टूबर का जंतर-मंतर कार्यक्रम क्या है?
AAP नेता संजीव झा के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर एक बड़ी रैली आयोजित होगी जिसमें देशभर से लोग शामिल होंगे। यह आयोजन ईवीएम, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग से जुड़ा बताया जा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या माँगें उठाई जा रही हैं?
AAP नेता संजीव झा ने कथित तौर पर माँग की है कि ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेजा जाए। ये आरोप विपक्ष के कथित दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। FIR दर्ज न होने का मामला अभी अनिर्णीत है।
राष्ट्र प्रेस
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