महिला पत्रकार के उत्पीड़न पर FIR नहीं: मुमताज पटेल बोलीं — 'देश आंदोलन के मूड में आएगा'
सारांश
मुख्य बातें
जंतर-मंतर पर एसआईआर, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक स्वतंत्र महिला पत्रकार द्वारा पुलिस अधिकारी पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के कथित आरोपों पर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा एतराज जताया और चेताया कि देश जल्द ही आंदोलन के मूड में आएगा।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता महिला पत्रकार को सुबह से एक थाने से दूसरे थाने भटकाया जा रहा है। उनके अनुसार, पीड़िता को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था, लेकिन वह पुलिसिया प्रक्रिया में उलझी रही। पटेल ने कहा, 'एफआईआर नहीं हो रही है, दिल्ली पुलिस बदसलूकी कर रही है।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित पर ही कार्रवाई कर रही है और उसे हिरासत में रखने की कोशिश की जा रही है। पटेल ने कहा कि कई महिलाएँ डर के कारण सामने नहीं आ रहीं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि शिकायत करने पर उन्हें ही हिरासत में ले लिया जाएगा।
सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पटेल ने दिल्ली पुलिस के रवैये को 'घमंड' करार देते हुए कहा कि आम जनता अब 'वोट चोरी' के खिलाफ सड़कों पर उतर रही है और पुलिस से यह स्थिति संभाली नहीं जा रही। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, देश धीरे-धीरे आंदोलन के मूड में आ रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं।
आप नेता संजीव झा का बयान
आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजीव झा ने कहा कि 10 अक्टूबर का जंतर-मंतर कार्यक्रम बेहद अहम है और देशभर से लोग दिल्ली पहुँचेंगे। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने देश की जनता के साथ धोखा किया है, वोट चुराए हैं और गैर-कानूनी सरकार बनाई है। उन्होंने माँग की कि कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेजा जाना चाहिए। गौरतलब है कि ये आरोप विपक्ष के कथित दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना जंतर-मंतर पर चल रहे उस विरोध आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुई है जिसमें विपक्षी दल और नागरिक संगठन एसआईआर प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता पटेल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिला सुरक्षा और मताधिकार — दोनों मुद्दे इस समय एकसाथ सड़कों पर उभर रहे हैं।
आगे क्या होगा
विपक्ष की नज़रें 10 अक्टूबर 2026 के जंतर-मंतर कार्यक्रम पर टिकी हैं, जिसे बड़े जनसमर्थन का संकेत बताया जा रहा है। महिला पत्रकार की एफआईआर का मामला अभी अनिर्णीत है और इसके घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों में नज़र बनी हुई है।