महिलाओं का कांग्रेस और सहयोगी दलों से असंतोष, चुनाव में नुकसान की संभावना: राजीव रंजन
सारांश
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पटना, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने महिला आरक्षण संशोधन बिल के संबंध में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे आरोपों पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस को अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस की राजनीति उलट सकती है और भविष्य में इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।
राजीव रंजन ने यह भी कहा कि महिलाओं ने अपनी सोच बना ली है और वे कांग्रेस के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों, जैसे कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल को सबक सिखाने का मन बना चुकी हैं। आगामी चुनावों में विपक्ष को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
बिहार दौरे पर निशांत कुमार के बारे में राजीव रंजन ने कहा कि वे बिहार के लोगों की उम्मीदों का प्रतीक बन चुके हैं। उनकी सरलता और स्पष्ट छवि लोगों को आकर्षित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना अब निशांत कुमार की जिम्मेदारी है। उनके पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और राज्यभर में प्रस्तावित दौरे से संगठन में नया उत्साह देखने को मिला है। इस पहल से पार्टी को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
हालांकि, कोलकाता के डिप्टी पुलिस कमिश्नर के आवास पर हुई छापेमारी को लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और पुलिस अधिकारियों पर कई तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों और राज्य सरकार के बीच मिलीभगत के कारण भ्रष्टाचार और अनियमितताएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय एजेंसियों को इस तरह की जानकारी मिलती है, तो कार्रवाई स्वाभाविक है। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ऐसे मामलों में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी, खासकर जब चुनाव नजदीक हों।
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि द्वारा भारत से की गई अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली है। उन्होंने ईरान और भारत के बीच लंबे और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में भी ईरान ने भारतीय जहाजों को मार्ग की अनुमति दी थी, लेकिन हाल की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।