तथागत रॉय का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: 'ममता बनर्जी का आचरण छोटी बच्ची जैसा', इस्तीफे की जिद पर कड़ा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तथागत रॉय का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: 'ममता बनर्जी का आचरण छोटी बच्ची जैसा', इस्तीफे की जिद पर कड़ा जवाब

सारांश

त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने की जिद को संविधान की कसौटी पर खारिज कर दिया। उनका साफ कहना है — 8 मई को विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही राष्ट्रपति शासन स्वतः लागू होगा और ममता के पास पद छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

मुख्य बातें

पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने ममता बनर्जी के आचरण को 'छोटी बच्ची जैसा' बताया और कहा कि उन्हें अपने आरोप साबित करने चाहिए।
8 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही राष्ट्रपति शासन स्वतः लागू होगा।
रॉय के अनुसार, भारतीय जनसंघ की स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी और भाजपा मूलतः बंगाल की ही पार्टी है।
उन्होंने भारतीय निर्वाचन आयोग की सराहना की और कहा कि इस बार चुनावी हिंसा पूरी तरह रोकी गई।
रॉय ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को निरर्थक बताया।

त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने 6 मई 2026 को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के रवैये और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि संविधान के ढाँचे में ममता बनर्जी के पास पद पर बने रहने का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि 8 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा।

भाजपा की जीत का ऐतिहासिक संदर्भ

रॉय ने बताया कि भारतीय जनसंघ की स्थापना 1951 में हुई थी और इसके संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे, जो स्वयं बंगाल से थे। उनके अनुसार, इसका अर्थ यह है कि जनसंघ से निकली भाजपा मूलतः पश्चिम बंगाल की ही पार्टी है। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनका संवैधानिक तर्क ठोस है — विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही कोई भी मुख्यमंत्री स्वतः पद से बाहर हो जाता है। असली सवाल यह है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता-हस्तांतरण को शांतिपूर्ण बनाएगी या राज्य में नई अस्थिरता का दौर शुरू होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तथागत रॉय ने ममता बनर्जी के बारे में क्या कहा?
पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने ममता बनर्जी के आचरण को 'छोटी बच्ची जैसा' बताया और कहा कि यदि उनके पास चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के सबूत हैं तो उन्हें वे साबित करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगती।
ममता बनर्जी इस्तीफा न दें तो क्या होगा?
रॉय के अनुसार, 8 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही संविधान के प्रावधानों के तहत स्वतः राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। इसके बाद राज्यपाल चुनाव में सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
तथागत रॉय के अनुसार, भाजपा की जड़ें भारतीय जनसंघ से हैं, जिसकी स्थापना 1951 में बंगाल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पार्टी का ग्राफ लगातार बढ़ा और 2026 की जीत उसी निरंतर प्रयास का परिणाम है।
चुनाव आयोग पर टीएमसी के आरोपों पर रॉय का क्या कहना है?
रॉय ने भारतीय निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस बार चुनावी हिंसा को पूरी तरह रोका गया। उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की परंपरा 1960 के दशक से सीपीएम के समय से चली आ रही थी।
राहुल गांधी के बयान पर रॉय की क्या प्रतिक्रिया थी?
रॉय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों को निरर्थक बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इंटरव्यू देखने के बाद हंसी आती है और उनकी बातों का कोई ठोस अर्थ नहीं निकलता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले