पश्चिम बंगाल चुनाव हार के बाद ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, 'इंडिया' ब्लॉक को मजबूत करने का ऐलान

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पश्चिम बंगाल चुनाव हार के बाद ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, 'इंडिया' ब्लॉक को मजबूत करने का ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल में TMC की बड़ी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने इस्तीफे से साफ इनकार कर दिया और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। अब वह 'इंडिया' ब्लॉक को राष्ट्रीय स्तर पर BJP के खिलाफ एकजुट करने की मुहिम में जुट गई हैं — सोनिया, राहुल, केजरीवाल और अखिलेश से समर्थन मिलने का दावा।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद इस्तीफे से स्पष्ट इनकार किया।
उन्होंने हार को ''बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और वोट लूट'' का नतीजा बताया।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने समर्थन का भरोसा दिया।
अखिलेश यादव के बुधवार को कोलकाता आने की संभावना; 'इंडिया' ब्लॉक को मजबूत करने की योजना।
ममता ने चुनाव आयोग (ECI) पर BJP से मिलीभगत और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री पर साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए — जो अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
मतगणना केंद्र पर सोमवार को उनके साथ दुर्व्यवहार और धक्का दिए जाने का आरोप।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार के एक दिन बाद, मंगलवार, 6 मई 2025 को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वह स्वेच्छा से राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन खड़ा करने के लिए 'इंडिया' ब्लॉक को और सुदृढ़ किया जाएगा।

इस्तीफे का सवाल ही नहीं: ममता

ममता बनर्जी ने दृढ़ता से कहा कि TMC की यह हार वास्तविक जनादेश नहीं है। उन्होंने अपने भतीजे और TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई कैबिनेट सदस्यों की उपस्थिति में मीडिया से बात की।

उन्होंने कहा, ''मैं अभी इस्तीफा क्यों दूं? हम असल में हारे नहीं हैं। ये परिणाम बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और वोट लूट का नतीजा हैं। इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।''

इंडिया ब्लॉक को एकजुट करने की मुहिम

ममता बनर्जी ने बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्हें 'इंडिया' ब्लॉक के कई प्रमुख नेताओं के समर्थन के फोन आए। उनके अनुसार सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने उनसे बात कर एकजुटता का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा, ''आने वाले दिनों में इंडिया ब्लॉक और मजबूत होगा। अखिलेश मिलने आना चाहते थे, मैंने उन्हें बुधवार को आने को कहा है। सभी नेता एक-एक करके मिलेंगे और हम विपक्षी गठबंधन को मजबूत करेंगे।''

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में TMC की असली लड़ाई BJP से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग (ECI) से थी। उन्होंने कहा, ''चुनाव आयोग इस बार मुख्य विलेन था और उसने काला इतिहास रचा। पहले एसआईआर के जरिए लोगों का वोट देने का अधिकार छीना गया। फिर चुनाव से पहले हमारे नेताओं पर छापे मारे गए और अधिकारियों को बदला गया। भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत थी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस साजिश में सीधे शामिल थे।'' गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।

मतगणना केंद्र पर दुर्व्यवहार का आरोप

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि सोमवार को मतगणना केंद्र पर उम्मीदवार के रूप में पहुँचने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धक्का भी दिया गया। यह आरोप भी अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।

आगे क्या होगा

ममता बनर्जी के अनुसार बुधवार को अखिलेश यादव से मुलाकात होनी है और अन्य विपक्षी नेता भी क्रमशः मिलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' ब्लॉक की एकजुटता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पश्चिम बंगाल की हार विपक्षी गठबंधन को कमज़ोर करती है या ममता के नेतृत्व में नई ऊर्जा का संचार होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले से ही आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है, पश्चिम बंगाल की इस हार के बाद ममता के नेतृत्व को वही महत्व देगा जो वह 2024 के आम चुनाव से पहले देता था। चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप — जब तक सत्यापित न हों — संस्थागत विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का जोखिम उठाते हैं। विपक्षी एकता की असली परीक्षा बयानबाज़ी में नहीं, बल्कि अगले बड़े चुनावी मैदान में होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से क्यों मना किया?
ममता बनर्जी ने कहा कि TMC की हार वास्तविक जनादेश नहीं है और परिणाम बड़े पैमाने पर गड़बड़ी तथा वोट लूट का नतीजा हैं। उनके अनुसार जब हार ही नहीं हुई तो इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।
'इंडिया' ब्लॉक को मजबूत करने की ममता की क्या योजना है?
ममता बनर्जी ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक के सभी प्रमुख नेता एक-एक करके मिलेंगे और विपक्षी गठबंधन को BJP व NDA के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जाएगा। अखिलेश यादव बुधवार को कोलकाता आ सकते हैं।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने SIR के जरिए मतदाताओं का अधिकार छीना, TMC नेताओं पर छापे मारे गए और अधिकारियों को बदला गया। उन्होंने BJP और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया, हालाँकि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
किन विपक्षी नेताओं ने ममता बनर्जी को समर्थन दिया?
ममता बनर्जी के अनुसार सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने चुनाव परिणाम के बाद उनसे फोन पर बात कर समर्थन का भरोसा दिया।
पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC की हार का 'इंडिया' ब्लॉक पर क्या असर पड़ेगा?
TMC की हार से 'इंडिया' ब्लॉक में ममता बनर्जी की राष्ट्रीय भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं। हालाँकि ममता ने दावा किया है कि गठबंधन और मजबूत होगा, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी एकता की वास्तविक परीक्षा आने वाले चुनावों में होगी।
राष्ट्र प्रेस
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