पश्चिम बंगाल चुनाव हार के बाद ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, 'इंडिया' ब्लॉक को मजबूत करने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार के एक दिन बाद, मंगलवार, 6 मई 2025 को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वह स्वेच्छा से राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन खड़ा करने के लिए 'इंडिया' ब्लॉक को और सुदृढ़ किया जाएगा।
इस्तीफे का सवाल ही नहीं: ममता
ममता बनर्जी ने दृढ़ता से कहा कि TMC की यह हार वास्तविक जनादेश नहीं है। उन्होंने अपने भतीजे और TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई कैबिनेट सदस्यों की उपस्थिति में मीडिया से बात की।
उन्होंने कहा, ''मैं अभी इस्तीफा क्यों दूं? हम असल में हारे नहीं हैं। ये परिणाम बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और वोट लूट का नतीजा हैं। इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।''
इंडिया ब्लॉक को एकजुट करने की मुहिम
ममता बनर्जी ने बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्हें 'इंडिया' ब्लॉक के कई प्रमुख नेताओं के समर्थन के फोन आए। उनके अनुसार सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने उनसे बात कर एकजुटता का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा, ''आने वाले दिनों में इंडिया ब्लॉक और मजबूत होगा। अखिलेश मिलने आना चाहते थे, मैंने उन्हें बुधवार को आने को कहा है। सभी नेता एक-एक करके मिलेंगे और हम विपक्षी गठबंधन को मजबूत करेंगे।''
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में TMC की असली लड़ाई BJP से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग (ECI) से थी। उन्होंने कहा, ''चुनाव आयोग इस बार मुख्य विलेन था और उसने काला इतिहास रचा। पहले एसआईआर के जरिए लोगों का वोट देने का अधिकार छीना गया। फिर चुनाव से पहले हमारे नेताओं पर छापे मारे गए और अधिकारियों को बदला गया। भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत थी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस साजिश में सीधे शामिल थे।'' गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
मतगणना केंद्र पर दुर्व्यवहार का आरोप
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि सोमवार को मतगणना केंद्र पर उम्मीदवार के रूप में पहुँचने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धक्का भी दिया गया। यह आरोप भी अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
ममता बनर्जी के अनुसार बुधवार को अखिलेश यादव से मुलाकात होनी है और अन्य विपक्षी नेता भी क्रमशः मिलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' ब्लॉक की एकजुटता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पश्चिम बंगाल की हार विपक्षी गठबंधन को कमज़ोर करती है या ममता के नेतृत्व में नई ऊर्जा का संचार होता है।