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ममता बनर्जी ने छात्र संघ चुनाव रोके, हिटलर-मुसोलिनी से तुलना: विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी

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ममता बनर्जी ने छात्र संघ चुनाव रोके, हिटलर-मुसोलिनी से तुलना: विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी की तुलना हिटलर और मुसोलिनी से करते हुए छात्र संघ चुनाव रोकने को 'माफ न करने लायक जुर्म' बताया। साथ ही BJP सरकार से भी चुनाव तत्काल कराने की माँग की।

मुख्य बातें

विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 28 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छात्र संघ चुनाव रोकने का आरोप लगाया।
ऋतब्रत बनर्जी ने ममता की तुलना हिटलर और मुसोलिनी से की, जिन्होंने भी सत्ता में आते ही छात्र संघ चुनाव बंद किए थे।
उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की BJP सरकार से भी छात्रसंघ चुनाव कराने का जवाब माँगा।
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि वे 1996 से 2016 तक 20 वर्षों तक छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे।
TMC के 15 वर्षों के शासन में 'चार्टर माफिया नेक्सस' हावी रहने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 28 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छात्र संघ चुनावों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया और उनकी तुलना तानाशाहों हिटलरमुसोलिनी से की। साथ ही उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार से छात्रसंघ चुनाव तत्काल कराने की माँग की।

मुख्य आरोप और बयान

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'ममता बनर्जी खुद एक छात्र संघ की नेता थीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने स्टूडेंट यूनियन चुनाव रोक दिए। यह एक माफ न करने लायक जुर्म है और लोकतंत्र के खिलाफ है। हिटलर और मुसोलिनी भी सत्ता में आने के बाद उन लोगों में से थे जिन्होंने सबसे पहले छात्र संघ के चुनाव रोके थे।' उन्होंने इस कदम को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार बताया।

भाजपा सरकार से सवाल

विपक्ष के नेता ने वर्तमान सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'छात्र संघ के चुनाव का ऐलान क्यों नहीं हुआ, यह हम मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इसका जवाब देना ही पड़ेगा।' गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP सत्ता में आने के बाद भी छात्रसंघ चुनाव अभी तक बहाल नहीं हुए हैं।

व्यक्तिगत अनुभव और छात्र राजनीति का संदर्भ

ऋतब्रत बनर्जी ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे 1996 से 2016 तक, 20 वर्षों तक जमीनी स्तर पर छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 67 वर्ष की आयु में भी कुछ लोग खुद को छात्र नेता बता रहे हैं, जो छात्र राजनीति की असली भावना का मखौल है।

चार्टर माफिया पर निशाना

उन्होंने आरोप लगाया कि 15 वर्षों तक बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार के दौरान 'चार्टर माफिया' का नेक्सस हावी रहा, जो पूरे राज्य को अपनी जागीर समझता था। उन्होंने कहा कि यह पुरानी आदत अभी भी नहीं गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय परिसरों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बहाली को लेकर बहस तेज हो रही है।

आगे की स्थिति

ऋतब्रत बनर्जी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएँ तेज होने की संभावना है। छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा अब विधानसभा में विपक्ष की प्रमुख माँगों में शामिल हो गया है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी धार दोधारी है — वे BJP सरकार से भी उतनी ही जवाबदेही माँग रहे हैं, जो सत्ता में आने के बाद भी छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं कर पाई। यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। असली सवाल यह है कि पश्चिम बंगाल में छात्र लोकतंत्र की बहाली किसी एक दल की प्राथमिकता है या सिर्फ विपक्षी बयानबाजी का हथियार — यह दोनों पक्षों के आचरण से तय होगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद छात्र संघ के चुनाव रोक दिए, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने इसे 'माफ न करने लायक जुर्म' बताया।
हिटलर और मुसोलिनी से तुलना क्यों की गई?
ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार, हिटलर और मुसोलिनी ने भी सत्ता में आते ही सबसे पहले छात्र संघ चुनाव बंद किए थे। उन्होंने ममता बनर्जी के इसी कदम को उस ऐतिहासिक प्रवृत्ति से जोड़ा।
क्या BJP सरकार ने पश्चिम बंगाल में छात्रसंघ चुनाव कराए हैं?
ऋतब्रत बनर्जी के बयान के अनुसार अभी तक छात्रसंघ चुनाव का ऐलान नहीं हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और BJP से इस पर जवाब माँगा है।
ऋतब्रत बनर्जी की छात्र राजनीति में क्या भूमिका रही है?
उनके अनुसार वे 1996 से 2016 तक, यानी 20 वर्षों तक जमीनी स्तर पर छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे। वे वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।
चार्टर माफिया से ऋतब्रत बनर्जी का क्या आशय था?
ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि TMC के 15 वर्षों के शासन में एक 'चार्टर माफिया नेक्सस' हावी रहा जो पूरे राज्य को अपनी जागीर समझता था। उनके अनुसार यह पुरानी आदत अभी भी बरकरार है।
राष्ट्र प्रेस
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