ममता बनर्जी को अपनी हार का डर, सैयद बाशा ने उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- सैयद बाशा का दावा, टीएमसी की सत्ता में वापसी मुश्किल।
- ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा का बढ़ता हमला।
- अधिकारियों को लेकर सरकार का नया रुख।
- लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता।
- सीएम योगी
विजयवाड़ा, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैयद बाशा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़े आरोप लगाए।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने की संभावना है। टीएमसी के लिए सत्ता में आने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है। अब ममता बनर्जी के लिए स्थिति सुधारने की कोई संभावना नहीं है।
सैयद बाशा का कहना है कि ममता उन लोगों को मताधिकार देने की कोशिश कर रही थीं जो वोट देने के लिए योग्य नहीं हैं। इस बार टीएमसी का जाना निश्चित है। वर्तमान स्थिति यह है कि जो लोग ममता का समर्थन करते हैं, उनके बारे में कोई बात नहीं की जाती, जबकि जो लोग विरोध करते हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने अब यह जान लिया है कि टीएमसी चुनावों में कैसे जीत रही है। इस तरह की परंपरा को अब प्रदेश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाशा ने दावा किया कि जो अधिकारी सरकार का समर्थन करते हैं, उन्हें तरजीह दी जाती है, जबकि जो नहीं करते, उनके खिलाफ माहौल बना दिया जाता है। ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर हटाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि टीएमसी को डर है कि कहीं उनकी सरकार न चली जाए। इसलिए वे चुनाव आयोग को निशाना बनाते हैं और अधिकारियों से गलत तरीके से बात करते हैं। टीएमसी अब जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जिसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत में हर धर्म के लोग शांतिपूर्वक रह सकें, इस दिशा में सरकार काम कर रही है।