माणिक साहा: मोदी के नेतृत्व में देशभर में आस्था और आध्यात्मिक जागृति, बिशालगढ़ में काली मंदिर उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार, 17 जून 2026 को सेपाहिजाला जिले के बिशालगढ़ में मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर के उद्घाटन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर कहा कि आस्था और विश्वास मानव जीवन को आलोकित करते हैं, जबकि आध्यात्मिक चेतना समाज को शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की दिशा में अग्रसर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में आस्था और आध्यात्मिक जागृति का वातावरण निर्मित हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने बिशालगढ़ में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नवनिर्मित मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर आने वाले दिनों में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ प्रतीक है।
इसी अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वैचारिक विरासत के प्रतीक माने जाते हैं।
पूर्ववर्ती सरकार पर परोक्ष निशाना
वामपंथी दलों का नाम लिए बिना साहा ने कहा कि राज्य में पहले शासन करने वाले लोग मंदिरों और धार्मिक परंपराओं में विश्वास नहीं रखते थे। उनके अनुसार, 2018 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के सत्ता में आने के बाद से त्रिपुरा में आस्था और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना है। उन्होंने कहा, "हमारा भविष्य इसी आस्था और विश्वास पर आधारित है।"
गौरतलब है कि त्रिपुरा में वामपंथी दलों — विशेषकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — का 25 वर्षों से अधिक समय तक शासन रहा था, जो 2018 में BJP के सत्ता में आने के साथ समाप्त हुआ।
PM मोदी और आध्यात्मिक नेतृत्व
साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विकास और परंपरा दोनों को समान महत्व दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया था, जिसे साहा ने स्वयं भी देखा। इसके बाद 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री ने पुनः अयोध्या का दौरा किया और धार्मिक ध्वज फहराया, जिसे साहा ने मंदिर के सफर में एक और महत्वपूर्ण क्षण बताया।
मंदिर को पर्यटन स्थल बनाने की संभावना
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई लोग मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं। साहा ने कहा कि वे इस विषय पर संबंधित विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों से विचार-विमर्श करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब त्रिपुरा सरकार धार्मिक पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयासरत है।
आगे क्या
मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर के पर्यटन विकास पर अंतिम निर्णय संबंधित विभागों के साथ परामर्श के बाद लिया जाएगा। बिशालगढ़ का यह नवनिर्मित मंदिर अब धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।